पाकुड़ में स्टोन चिप्स का फर्जी चालान गिरोह बेनकाब:हाइवा जांच में खुला फर्जीवाड़ा, वाहन जब्त, चार आरोपियों पर नामजद एफआईआर

पाकुड़ जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में स्टोन चिप्स के फर्जी चालान के जरिए सरकारी राजस्व को चूना लगाने का मामला सामने आया है। खान निरीक्षक की सतर्कता से एक संगठित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 16 दिसंबर 2025 को पाकुड़–धुलियान मुख्य सड़क पर मुफ्फसिल थाना गेट के सामने जांच के दौरान ओवरलोड स्टोन चिप्स लदे एक हाइवा को रोका गया।
वाहन चालक ने पूछताछ में अपना नाम चांदपुर निवासी परवेज मुशर्रफ बताया और चालान संख्या 112240390/376 प्रस्तुत किया। प्रथम दृष्टया चालान संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस और खान विभाग की टीम ने वाहन संख्या WB93B/5990 को जब्त कर लिया।
जिम्स पोर्टल जांच में चालान फर्जी साबित
जब प्रस्तुत चालान की तकनीकी जांच की गई तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। खान निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाइन जिम्स पोर्टल पर चालान का मिलान करने पर यह स्पष्ट हुआ कि यह चालान पोर्टल से निर्गत ही नहीं किया गया था।
फर्जी चालान में डीलर का नाम विष्णु सरकार स्टोन, मौजा कालिदासपुर और क्रेता का नाम गणेशाराम डोकनिया, झंझारपुर (मधुबनी) दर्शाया गया था। जांच में सामने आया कि जिम्स पोर्टल पर इस नाम का कोई डीलर पंजीकृत नहीं है। चालान पूरी तरह जाली था और इसके माध्यम से अवैध रूप से खनिज परिवहन किया जा रहा था।
चार आरोपियों के साथ चालक- मालिक भी नामजद
खान निरीक्षक की लिखित शिकायत के आधार पर मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 263/25 दर्ज की गई है। प्राथमिकी में बेल पोखर निवासी सिंटू शेख, जानकी नगर निवासी अरशद शेख, महबूब आलम और बाकी शेख को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि स्थानीय पूछताछ में इन चारों की भूमिका पूर्व में भी ऐसे फर्जी कार्यों में सामने आती रही है।
आरोप है कि एक संगठित माफिया के तहत फर्जी चालान तैयार कर स्टोन चिप्स का अवैध परिवहन कराया जा रहा था, जिससे सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही हाइवा के चालक और वाहन मालिक को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
सफेदपोशों तक पहुंच सकती है जांच की आंच
थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि शिकायत के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने संकेत दिए कि जांच आगे बढ़ने पर इस फर्जीवाड़े से जुड़े कई अन्य सफेदपोश और नेटवर्क से जुड़े लोग भी पुलिस की जद में आ सकते हैं। पुलिस जाली चालान तैयार करने, इसके वितरण और अवैध खनिज परिवहन की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले में खनिज माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।



