बांसवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में 6 साल के बच्चे ने गुरुवार शाम करीब 7 बजे खेलते समय सिक्का निगल लिया, जो गले में फंस गया

बांसवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में 6 साल के बच्चे ने गुरुवार शाम करीब 7 बजे खेलते समय सिक्का निगल लिया, जो गले में फंस गया। कुशलगढ़ के चरकनी गांव के इस बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत हॉस्पिटल लाया गया। रात 9:45 बजे डॉक्टरों ने ऑपरेशन शुरू किया और करीब 15 मिनट में दूरबीन से सिक्का निकाल दिया। समय पर इलाज मिलने से बच्चे की हालत ठीक हो गई।
डॉ. संदीप जोशी के अनुसार टीम ने बच्चे को पहले बेहोश किया, ताकि ऑपरेशन के दौरान कोई हरकत न हो। इसके बाद मुंह के रास्ते पतली दूरबीन आहार नली में डाली गई, जिसमें कैमरे से सिक्के की सही जगह देखी गई। फिर खास उपकरण से सिक्के को सावधानी से पकड़कर धीरे-धीरे बाहर निकाला गया। पूरी प्रक्रिया करीब 15
बेहोशी देना था सबसे बड़ा जोखिम डॉ. जोशी ने बताया कि इस तरह के केस में बच्चे को बेहोश करना सबसे बड़ा जोखिम होता है, लेकिन टीम ने पूरी सावधानी से यह प्रक्रिया पूरी की और ऑपरेशन सफल रहा।
इनकी टीम ने किया इलाज ऑपरेशन में डॉ. संदीप जोशी के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र पाल और नर्सिंग स्टाफ हितेश व विठला भाई शामिल रहे। ऑपरेशन के बाद सिक्का बच्चे के पिता को सौंप दिया गया।
अब बच्चा पूरी तरह ठीक समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य स्थिति में है।




