लहार में विधायक का 8 घंटे बाद धरना समाप्त:डॉ. गोविंद सिंह पर लगाया रास्ता रोकने का आरोप, बिजली कंपनी की डीई का ट्रांसफर

लहार विधायक अम्बरीष शर्मा (गुड्डू) रविवार को भाटनताल मैदान पर करीब 8 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह पर दलितों का रास्ता रोकने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोला। इस प्रदर्शन का बड़ा असर भी दिखा, लहार बिजली कंपनी की डीई (DE) लक्ष्मी सोनवानी को पद से हटाकर उनका तबादला ग्वालियर कर दिया गया है।
विधायक अम्बरीष शर्मा ने सीधा आरोप लगाया कि डॉ. गोविंद सिंह ने अनुसूचित जाति के मोहल्ले के आम रास्ते पर कब्जा करके अपना मकान बना लिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार 20 महीनों से इंसाफ मांग रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। विधायक ने राहुल गांधी को भी घेरा और कहा कि एक तरफ वे दलितों के घर खाना खाते हैं और दूसरी तरफ उनकी पार्टी के बड़े नेता गरीबों का रास्ता रोककर बैठे हैं।
डॉ. गोविंद सिंह की सफाई: “दोषी मिला तो खुद हटा लूंगा”
दूसरी तरफ, डॉ. गोविंद सिंह ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जानबूझकर गलत नाप-तोल कराई है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर शासन यह साबित कर दे कि जमीन सरकारी है और कब्जा है, तो वे बिना किसी नोटिस या बुलडोजर के 24 घंटे के अंदर खुद अतिक्रमण हटा लेंगे।
बिजली कंपनी में भ्रष्टाचार और महंगी रेत का मुद्दा
धरने के दौरान विधायक ने बिजली विभाग की डीई लक्ष्मी सोनवानी पर अवैध वसूली और मनमर्जी से बिल बढ़ाने के गंभीर आरोप लगाए।
मंडल अध्यक्ष सुभाष अग्निहोत्री ने भी कहा कि किसानों पर जबरन लोड लादा जा रहा है और आउटसोर्स कर्मचारियों से नौकरी के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में रेत की आसमान छूती कीमतों (10-12 हजार प्रति ट्रॉली) को लेकर भी जनता का गुस्सा फूटा।
8 घंटे बाद धरना खत्म, भोपाल बुलावा
हैरानी की बात यह रही कि प्रशासन को इस धरने की खबर सोशल मीडिया से लगी। शाम को डीई के ट्रांसफर और अन्य आश्वासनों के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया। वहीं, पार्टी हाईकमान ने विधायक अम्बरीष शर्मा को सोमवार को भोपाल तलब किया है।





