मध्य प्रदेश

डॉ हेमलता की मौत के 33 दिन बाद मैसेज आया:लिखा- भूखा रखा, प्यास से तड़पाया; जबलपुर IMA अध्यक्ष ने साइबर क्राइम में की शिकायत

जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की मौत के 33 दिन बाद उनके गायब मोबाइल से मैसेज भेजे जाने का मामला सामने आया है। यह मोबाइल उनके जीवित रहते ही गायब हो गया था। उन्होंने घर और बाहर काफी तलाश भी की थी, लेकिन मोबाइल नहीं मिला।

इतना ही नहीं, जब वह वेंटिलेटर सपोर्ट से बाहर आईं, तब उन्होंने सबसे पहले अपने मोबाइल के बारे में ही पूछा था।

मैसेज अंग्रेजी में भेजा गया था…

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माफ करें…मोबाइल कानूनी तौर पर मेरे पास है। डॉ. हेमलता के परिवार ने उन सभी को श्राप दिया है, जिन्होंने उन्हें अगवा किया, प्यास से तड़पाया। भूखा रखा, फिर वेंटिलेटर, पोस्टमार्टम और फिर मॉर्चरी में रखा। मानवता पर यह एक वास्तविक कलंक है।

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डॉ. हेमलता के नंबर से यह मैसेज भेजा गया है।

दरअसल, 16 फरवरी को इलाज के दौरान डॉ. हेमलता की मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति नगर निगम के अधीन चली गई। वहीं, पुलिस लापता मोबाइल की तलाश में जुटी हुई थी। बताया जा रहा है कि उस मोबाइल में कई अहम राज छिपे हो सकते हैं।

इसी बीच शनिवार (21 मार्च) की सुबह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जबलपुर की अध्यक्ष डॉ. रिचा शर्मा के व्हाट्सऐप पर उसी नंबर से एक मैसेज भेजा गया। प्रोफाइल में डॉ. हेमलता की ही फोटो (डीपी) लगी हुई है।

डॉ. हेमलता की प्रॉपर्टी नगर निगम के पास चली गई है।

सबसे पहले IMA ग्रुप में शेयर किया मैसेज

मोबाइल पर मैसेज पढ़ने के बाद डॉ. रिचा शर्मा ने सबसे पहले इसे अपने आईएमए ग्रुप में साझा किया। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह के मैसेज भेजना गलत है, वह भी ऐसे मोबाइल से, जिसके मालिक की मृत्यु हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

डॉ. रिचा शर्मा ने साइबर पुलिस से शिकायत करते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द यह पता लगाया जाए कि डॉ. हेमलता का मोबाइल किसके पास है। उन्होंने कहा कि संभव है मोबाइल में महत्वपूर्ण जानकारी हो, जो पुलिस जांच के लिए जरूरी साबित हो सकती है।

डॉ. रिचा शर्मा के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10:45 बजे डॉ. हेमलता के मोबाइल नंबर से दुर्भावनापूर्ण और बद्दुआओं से भरा एक मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज भेजने वाले ने खुद को मोबाइल का कानूनी धारक बताया है।

जबकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस संबंध में आईएमए सदस्यों से चर्चा के बाद, किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

यह तस्वीर तब की है जब डॉ. हेमलता अस्पताल में भर्ती थीं।

वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया तो मांगा मोबाइल

डॉ. रिचा शर्मा ने बताया कि 2 फरवरी को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान जब डॉ. हेमलता की तबीयत में सुधार हुआ और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया गया, तो उन्होंने सबसे पहले अपना मोबाइल मांगा। उन्होंने आसपास काफी देर तक उसे तलाश भी किया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला।

डॉ. रिचा शर्मा ने बताया कि उसी मोबाइल से एक बार उन्होंने अपने साथी डॉक्टर के जन्मदिन पर बातचीत भी कराई थी। इसके बाद डॉ. हेमलता मोबाइल ढूंढती रहीं, लेकिन यह नहीं बता पाईं कि वह किसके पास है।

डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि डॉ. हेमलता की मौत से पहले ही उनका मोबाइल गायब हो गया था। ऐसे में पुलिस प्रशासन को सबसे पहले मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब तक उस नंबर पर डॉ. हेमलता की फोटो लगी हुई है। मैसेज की शिकायत करने के बाद मैंने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया है। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को इस मैसेज की जानकारी दी है। उनसे कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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