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रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरी इंडस्ट्री:चंकी बोले- मुझे भी बैन किया, मैंने ये झेला, मनोज बाजपेयी बोले-उम्मीद है हल निकले, अशोक पंडित ने सफाई दी

फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। जब तक मामला नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के साथ फेडरेशन से जुड़े लोग काम नहीं कर सकेंगे। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। वहीं दूसरी तरफ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने बैन पर सफाई दी है।

मैंने भी ये झेला है- चंकी पांडे

चंकी पांडे ने रणवीर सिंह के विवाद पर हाल ही में ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया है कि 1987 में फिल्म इंडस्ट्री की हड़ताल थी और शूटिंग करने की इजाजत नहीं थी। लेकिन ठीक उसी समय उनकी फिल्म आग ही आग की शूटिंग ऊटी में हुई। इस बात से नाराज फेरडरेशन ने फिल्म में काम करने वाले हर शख्स को बैन कर दिया था। हालांकि तब धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा इतने बड़े स्टार थे, जिनके पास एक साथ 30-40 फिल्में थीं, ऐसे में उन्हें बैन करना मुश्किल था।

के लिए बैन कर दिया था। विवाद पर चंकी पांडे ने माफी मांगी, जिसके बाद उन्हें दोबारा काम करने की इजाजत मिली। बातचीत में चंकी पांडे ने कहा है, हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है। मैंने ये सब खुद झेला है।

उम्मीद है ये मामला जल्द सुलझेगा- मनोज बाजपेयी

अपकमिंग फिल्म गवर्नर के प्रमोशनल इवेंट के दौरान एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी इस पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने रणवीर के बैन से जुड़े सवाल पर कहा, ‘यह जगह इस बात के लिए बिल्कुल सही नहीं है। मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं कि इस इंडस्ट्री में जितने भी लोग हैं, वे सब इसके बारे में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही पढ़ रहे हैं और हमारे पास इसके बारे में कोई डीटेल जानकारी नहीं है’।

आगे मनोज बाजपेयी ने कहा है, ‘एक को-वर्कर होने और इस बिरादरी के सदस्य होने के तौर पर हम बस यही कह सकते हैं कि हमें उम्मीद है कि ये मामला जल्द सुलझ जाएगा। बिना किसी और बढ़ावे के यह मामला सुलझेगा।’

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी रणवीर को बैन करने पर फेडरेशन की आलोचना की है। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है।’

FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने दी सफाई

बैन की आलोचना होने के बाद अशोक पंडित ने इस मामले पर सफाई दी है। उनका कहना है कि लोगों ने उनके आदेश का गलत अर्थ निकाला है। ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अशोक पंडित ने कहा-

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पहली बात तो पूरा कन्वर्सेशन ही गलत हो गया। ये बैन नहीं है। हम कोई कोर्ट नहीं हैं। हम लोगों को बैन नहीं कर सकते। हमने नॉन कॉर्पोरेशन इशू किया है। इसका मतलब है कि जो हमारे 30 क्राफ्ट के सदस्य हैं, वो रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। हमारी इच्छा है कि हम उनके साथ काम करते हैं या नहीं।हम एक ट्रेड यूनियन जैसे हैं। मामला अभी हल नहीं हुआ है, क्योंकि हमने बहुत देखा कि ये बहुत ही गलत ट्रेंड शुरू हो गया।

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