
हिमालय क्षेत्र से आ रही बर्फीली हवाओं ने झारखंड में ठंड बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। रांची समेत ज्यादातर जिलों में सुबह और रात की कनकनी ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 10 जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। खूंटी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां तापमान 3.3 डिग्री गिरकर 6.8 डिग्री सेल्सियस पर रिकॉर्ड किया गया।
वहीं सिमडेगा का तापमान 4 डिग्री की गिरावट के साथ 7.2 डिग्री पर आ गया। तेज हवा और गिरते तापमान के कारण लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।
28 से बदलेगा मौसम, 30 नवंबर के मैच पर बादल का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तमिलनाडु के पास समुद्र क्षेत्र में बना निम्न दबाव झारखंड के मौसम को प्रभावित करेगा। 28 नवंबर से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि बारिश की आशंका नहीं है, लेकिन ठंड बनी रहेगी। रांची में 30 नवंबर को होने वाले भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच के दौरान भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभावित है, पर ठंड का असर कम नहीं होगा। रांची के अनुमानित तापमान के अनुसार 27 नवंबर को न्यूनतम 11 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री रहेगा। 28 और 29 नवंबर को अधिकतम 24–25 डिग्री के बीच और न्यूनतम 12–13 डिग्री रहेगा। 30 नवंबर को तापमान इसी स्तर पर बने रहने का अनुमान है।
नेशनल हेल्थ मिशन ने जारी की एडवाइजरी
ठंड बढ़ने और मौसम में उतार–चढ़ाव को देखते हुए नेशनल हेल्थ मिशन ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। पर्याप्त भोजन करके बाहर निकलने, शरीर को गर्म रखने और नियमित रूप से गर्म पानी पीने की हिदायत दी गई है।
शीतलहर के दौरान फ्लू, सर्दी, खांसी और जुकाम के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य कार्यकर्ता या डॉक्टर से तुरंत संपर्क करने को कहा गया है। एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ठंड से बेहोशी या जुबान लड़खड़ाने जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए चिकित्सा सहायता लें। मौसम केंद्र रांची के निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा कि निम्न दबाव के कारण बादल छाए रहेंगे, पर बारिश की संभावना नहीं है।



