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Sun, Nov 1, 2026
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ट्रंप का ऐलान - ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतें आएंगी नीचे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जोर देकर कहा है कि वे ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि जल्द ही ईरान यु्द्ध खत्म होगा और तेल की कीमतें गि…

ट्रंप का ऐलान - ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतें आएंगी नीचे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जोर देकर कहा है कि वे ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि जल्द ही ईरान यु्द्ध खत्म होगा और तेल की कीमतें गिरने लगेंगी। डोनाल्ड ट्रंप ने एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। साथ ही उन्होंने डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स ने महंगाई का 'एफोर्डेबिलिटी' शब्द गढ़ा। उन्होंने इतिहास की सबसे खराब मंहगाई पैदा की। हमने कीमतें कम करने को लेकर काम किया।

 

ट्रंप ने दावा किया कि बहुत जल्द ईरान युद्ध खत्म हो जाएगा। ईरान के पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा। वे पागल हैं। यह तो सालों पहले दूसरे प्रेसिडेंट्स या किसी और देश को करना चाहिए था। उनके पास कोई नेवी नहीं है, कोई एयर फोर्स नहीं है; कोई रडार नहीं है; उनके पास कोई एंटी-एयरक्राफ्ट नहीं है... जैसे ही युद्ध खत्म होगा, तेल की कीमतें गिर जाएंगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध बहुत जल्द खत्म होने का दावा ऐसे समय में किया है जबकि अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में जहाजों के जरिए करीब 9,000 अतिरिक्त सैनिक भेज रही है। यह एक्शन डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की चेतावनी दिए जाने के बाद लिया जा रहा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि इस तैनाती के बाद अक्टूबर के अंत तक क्षेत्र में तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात हो जाएंगे। तीसरे विमानवाहक पोत से सैनिकों की यह तैनाती अमेरिका में प्रस्तावित मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ईरान के खिलाफ ट्रंप की युद्ध रणनीति में तेजी से हो रहे बदलाव को दर्शाती है। 

ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि यह संघर्ष अब और अधिक जटिल होता जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि मध्यावधि चुनावों के बाद युद्ध को और तेज किया जा सकता है, हालांकि शुरुआत में उन्होंने अमेरिकी जनता से यह अभियान केवल कुछ हफ्तों में समाप्त करने का वादा किया था। 

पश्चिम एशिया के लिए रवाना हुए जहाजों के बेड़े में 7,000 से अधिक नाविक और 2,000 से अधिक नौसैनिक शामिल हैं। इस बेड़े में 'यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट' विमानवाहक पोत युद्धक समूह और 'यूएसएस मेकिन आइलैंड' उभयचर तत्परता समूह शामिल हैं। इस समूह में 'एसएस जॉन पी. मर्था' और 'यूएसएस एंकरेज' जैसे पोत भी शामिल हैं। पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद कर्मियों को मिलाकर इस कदम से अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी असाधारण रूप से बढ़कर 20,000 से अधिक नाविकों और नौसैनिकों तथा सैकड़ों लड़ाकू विमानों तक पहुंच जाएगी। इससे पहले नौसेना ने अप्रैल में 2003 के बाद पहली बार पश्चिम एशिया में तीन विमानवाहक पोत युद्धक समूह तैनात किए थे। 

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई की घटना को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि ईरान का संबंध फ्लाईदुबई के उस सह-पायलट से हो सकता है, जिसने बुधवार को इजराइल जा रहे विमान के कप्तान पर चाकू से हमला किया था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, ट्रंप ने इस संभावित कनेक्शन के बारे में कोई ठोस विवरण साझा नहीं किया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने कहा, "हम अभी इस पर काम कर रहे हैं।" इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ किसी तरह का संबंध होने की संभावना है

 

 

 

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