अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस शुक्रवार को देर रात सट्टेबाजी के बाद निवेशकों चांदी में कुछ बिकवाली आने 55 सेंट घटकर 64.34 डालर प्रति औंस और सोना वायदा 22 डालर टूटकर 4284 डालर प्रति औंस पर बंद हुआ। इधर, भारतीय बाजार में चांदी में ऊंचे दामों पर लेवाली समर्थन नहीं मिलने से कीमतों में गिरावट रही।

इंदौर में चांदी चौरसा 500 रुपये घटकर 231500 रुपये प्रति किलो रह गई। वहीं सोने में कोई खास परिवर्तन नहीं रहा। सोना केडबरी शुक्रवार के बंद भाव 150300 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। ज्वेलर्स का कहना है कि अमेरिकी डॉलर मजबूत होकर करीब दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
बाजार में आगे भी दर बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है
डॉलर मजबूत होने पर डालर में खरीदा जाने वाला सोना विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है जिससे मांग पर दबाव आता है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले सप्ताह दर 25 बेसिस पाइंट बढ़ाकर 3.75-4 फीसद की थी। इससे बाजार में आगे भी दर बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है। ऊंची ब्याज दरों ने निवेशकों को ब्याज देने वाली एसेट्स आकर्षक लग सकती है।
ब्याज दरों और यील्ड के ऊंचे रहने से निवेशक सुरक्षित लेकिन ब्याज देने वाले अमेरिकी ब्रांड की तरफ ज्यादा आकर्षित हो सकते है। यहीं दबाव चांदी पर भी आया है। अमेरिकी और ईरान के बीच बातचीत की खबरों से तत्काल भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बनी है। इससे कुछ निवेशक ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की खरीदारी कम कर दी है। हालांकि यह असर डालर और फेडरल के असर से छोटा/ मिश्रित रहा है।


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