ग्वालियर। नगर निगम द्वारा अब शहर में रात के अंधेरे में सड़कों को चमकाने के लिए एलईडी कर्ब स्टोन लगाए जाएंगे। इनके लिए शुरूआत में 42 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। कर्ब स्टोन की लंबाई लगभग 500 मिलीमीटर (0.5 मीटर), चौड़ाई 150 मिलीमीटर तथा ऊंचाई 200 मिलीमीटर होगी। रात के समय इनकी एलईडी रोशनी सड़क के किनारों और मोड़ की स्पष्ट पहचान कराने में मदद करेगी। विशेष रूप से ऐसे मार्ग जहां पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं है अथवा सड़क के किनारे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, वहां ये कर्ब स्टोन वाहन चालकों को सड़क की सीमा व दिशा का संकेत देने में सहायक होंगे

नगर निगम की इस पहल से ग्वालियर में स्मार्ट व आधुनिक शहरी अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा तथा आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार अन्य प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर भी इस प्रकार की आधुनिक प्रकाश व्यवस्था को विस्तार दिया जा सकेगा। इन एलईडी कर्ब स्टोन में आवश्यकता के अनुसार डायनामिक रंग परिवर्तन की सुविधा का भी उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए ट्रैफिक सिग्नल के अनुरूप लाल रंग के माध्यम से वाहन चालकों को चेतावनी देने तथा विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग रंगों के माध्यम से मार्ग, दिशा अथवा प्रतिबंधों की जानकारी देने में इनका उपयोग किया जा सकता है।
कर्ब स्टोन का उपयोग केवल सड़क किनारों तक सीमित नहीं रहेगा। इनका उपयोग साइकिल ट्रैक, बस लेन, ट्रैफिक आइलैंड, पार्किंग क्षेत्र, सार्वजनिक पार्क व प्लाजा जैसे स्थानों पर भी किया जा सकता है। साइकिल ट्रैक व बस लेन को मुख्य यातायात मार्ग से स्पष्ट रूप से अलग दिखाने में इनकी रोशनी उपयोगी होगी। वहीं, पार्किंग क्षेत्रों में कलर-कोडेड एलईडी लाइटिंग के माध्यम से पार्किंग की दिशा, उपलब्ध स्थान तथा अन्य आवश्यक संकेतों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा सकेगा। रात के समय इनसे निकलने वाली रोशनी शहर के प्रमुख मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों व सार्वजनिक स्थलों को बेहतर दृश्यता प्रदान करने के साथ-साथ शहरी सुंदरीकरण को भी नया रूप देगी।
इन जंक्शन पर लगेंगे कर्ब स्टोन- कुलपति बंगला तिराहा- केएलएम अस्पताल तिराहा पटेल नगर- कलेक्ट्रेट तिराहा के पीछे- नीडम पुल दोनों चढ़ाव पर- परशुराम तिराहा- नैनागिर तिराहा- मेला प्राधिकरण तिराहा- इंद्रमणि नगर तिराहा- दुल्लपुर तिराहा- त्रिमूर्ति तिराहा सिंधी कालोनी- तानसेन तिराहा- सोफा गैलरी तिराहा। इस प्रोजेक्ट की विशेष बात यह है कि इस कार्य का ठेका लेने वाली कंपनी को पांच साल तक इन एलईडी कर्ब स्टोन का रखरखाव भी करना होगा। यदि किसी स्थान पर ये कर्ब स्टोन टूटते हैं या फिर चोरी होते हैं, तो ठेकेदार कंपनी को ही अपनी ओर से दोबारा ये एलईडी कर्ब स्टोन लगाने होंगे। इन एलईडी कर्ब स्टोन की चमक बरकरार रहे, इसके लिए नजदीकी बिजली के खंबे से कनेक्शन भी लिया जाएगा। हालांकि, इन एलईडी लाइटों को जलाने में न के बराबर खर्चा आएगा।


Comments
Be the first to comment on this story.