इंदौर | चोरल रेंज में आने वाले मेंडल के जंगल से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुए का इलाज शुरू हो गया है। स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद वेटनरी डॉक्टर ने तेंदुए को वायरल फीवर होना बताया है। साथ ही खून के नमूने को जबलपुर लैब में भेजा जाएगा। वहीं तेंदुए को 48 घंटों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उधर तेंदुए की मेडिकल रिपोर्ट को पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ को भेजी जाएगी।
मेंडल वनक्षेत्र में बने तालाब किनारे तेंदुए को बैठे देखा और ग्रामीणों ने असामान्य गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग को सूचना दी। रालामंडल अभयारण्य की टीम ने रेस्क्यू किया। गुरुवार को वन विहार से डॉक्टरों का दल आना था, लेकिन मेडिकल चेकअप वन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. निखिल ने किया। तेंदुए की उम्र करीब तीन वर्ष है। बीमार होने के चलते उसका मूवमेंट नहीं हो रहा है। इलाज के दौरान तेंदुए को सप्ताहभर से बुखार होना सामने आया है। इसके चलते वह काफी कमजोर हो चुका है। इसके लिए खून की जांच करवाई गई है। एसडीओ सुभाष शर्मा का कहना है कि तेंदुए के खून के नमूने जबलपुर लैब में जांचने के लिए भेजे गए है।

सप्ताहभर पहले उमरिया खुर्द में तेंदुए को देखा गया था। उसके बाद वन विभाग ने दो पिंजरे लगाए थे। गुरुवार को एक बार तेंदुआ को मूवमेंट नजर आने के बाद ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम से संपर्क किया। सर्चिंग करने के बाद तेंदुआ एक पाइप में फंसा मिला। अंधेरा होने के चलते तेंदुए को रेस्क्यू करने में दल को काफी परेशानी हो रही है। वनकर्मियों के मुताबिक तेंदुए के सिर में चोट लगी है। अब उसका भी इलाज अभयारण्य में किया जाएगा।


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