नौकरी की डेडलाइन, करियर की चिंता, रिश्तों में तनाव और संतान की इच्छा पूरी न होने का दर्द मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। बाहर से सामान्य दिखने वाले लोग भी भीतर भावनात्मक दबाव से जूझ रहे हैं। हमीदिया अस्पताल में मानसिक रोग के मरीजों की संख्या पांच साल में दोगुने से ज्यादा हो गई है।

आंकड़ों के अनुसार 2021 में 8589 मरीज आए थे, 2022 में संख्या 13,104 हो गई और 2025 में आंकड़ा 18,003 तक पहुंच गया। गांधी मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचि सोनी के मुताबिक मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे जागरूकता, इलाज की उपलब्धता और अस्पताल तक पहुंच जैसे कारण भी हो सकते हैं।


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