पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ख्याल रखना बेहद जरूरी:लापरवाही से बढ़ता है यूरिन इन्फेक्शन का रिस्क, इमरजेंसी किट में ये 9 चीजें हमेशा साथ रखें

महिलाओं को हर महीने 3 से 7 दिन पीरियड्स होते हैं। इस दौरान मेंस्ट्रुअल फ्लो के कारण प्राइवेट एरिया में नमी बनी रहती है। ऐसे में अगर साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए तो रैशेज, खुजली और यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ सकता है।

इसलिए पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इससे इन्फेक्शन का रिस्क कम होता है, महिलाओं की रिप्रोडक्टिव समेत ओवरऑल हेल्थ भी अच्छी रहती है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात पीरियड हाइजीन की। साथ ही जानेंगे कि-
- पीरियड्स में हाइजीन कैसे मेंटेन करें?
- ऑफिस में पीरियड हाइजीन कैसे मेन्टेन करें?
एक्सपर्ट- डॉ. प्रतिमा पोद्दार, सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर
सवाल- पीरियड हाइजीन क्या है?
जवाब- पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन मेंटेन करना ही पीरियड हाइजीन है। इससे इन्फेक्शन और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क कम हो जाता है।
सवाल- पीरियड्स के दौरान हाइजीन क्यों जरूरी है?
जवाब- यह रिप्रोडक्टिव हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
सवाल- क्या पीरियड्स के दौरान संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है?
जवाब- हां, पीरियड्स के दौरान संक्रमण का रिस्क बढ़ सकता है। इसकी कई वजहें हैं-
- प्राइवेट एरिया में लगातार नमी रहना।
- बैक्टीरिया और फंगस को अनुकूल माहौल मिलना।
- वेजाइनल pH लेवल में बदलाव होना।
- गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ना।
- लंबे समय तक पैड या टैम्पॉन न बदलना।
सवाल- क्या हर बार पैड बदलने पर वॉश करना जरूरी है?
जवाब- नहीं, हर बार पैड बदलने पर वॉश करना जरूरी नहीं है। लेकिन दिन में कम–से–कम दो बार साफ पानी से उस एरिया की सफाई करना जरूरी है। खासतौर पर सुबह और रात में सोने से पहले।
सवाल- क्या सिर्फ पानी से सफाई पर्याप्त है?
जवाब- हां, वेजाइना का सेल्फ-क्लीनिंग सिस्टम pH बैलेंस बनाए रखता है।
सवाल- क्या साबुन या इंटिमेट वॉश यूज करना चाहिए?
जवाब- नहीं, सिर्फ पानी से सफाई करना ही पर्याप्त है। साबुन या इंटिमेट वॉश से कई समस्याएं हो सकती हैं-
- वेजाइना का pH बैलेंस बिगड़ सकता है।
- ड्राईनेस हो सकती है।
- जलन और खुजली हो सकती है।
- गुड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ सकता है।
- इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है।
जरूरत होने पर माइल्ड, pH-बैलेंस्ड और बिना खुशबू वाला इंटिमेट वॉश इस्तेमाल कर सकते हैं।
सवाल- पीरियड्स में नहाना चाहिए या नहीं?
जवाब- हां, यह साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन के लिए जरूरी है। इससे स्मेल व चिपचिपाहट से भी राहत मिलती है।
सवाल- क्या पीरियड्स में गर्म पानी से नहाना फायदेमंद होता है?
जवाब- हां, इसके कई फायदे हैं-
- मसल्स को आराम मिलता है।
- पीरियड क्रैम्प्स में राहत मिलती है।
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- स्ट्रेस और थकान से राहत मिलती है।
- मूड बेहतर होता है।
सवाल- सैनिटरी पैड कितनी देर में बदलना चाहिए?
जवाब- हर 4-6 घंटे में पैड बदलना बेसिक हाइजीन रूल है। अगर ब्लीडिंग ज्यादा हो तो इससे पहले भी बदल सकते हैं।
सवाल- अगर फ्लो कम हो तो भी पैड बदलना जरूरी है?
जवाब- हां, पैड में नमी और पसीना जमा हो सकता है। इससे बैक्टीरिया पनपने का रिस्क बढ़ जाता है।
सवाल- रात में कितने घंटे तक एक ही पैड इस्तेमाल कर सकते हैं?
जवाब- यह फ्लो पर निर्भर करता है। आमतौर पर रात में (6-8 घंटे तक) एक ही पैड काफी होता है।
ध्यान रखें-
- सोने से पहले हमेशा फ्रेश पैड यूज करें।
- सुबह उठते ही तुरंत बदलें।
- बहुत लंबे समय (8-10 घंटे से ज्यादा) तक एक ही पैड न रखें।
सवाल- क्या फ्रेगरेंस (सुगंध) वाले पैड यूज करना सेफ है?
जवाब- नहीं, इनमें मौजूद फ्रेगरेंस वाले केमिकल्स से स्किन में जलन, खुजली, एलर्जी या रैशेज हो सकते हैं।
सवाल- पीरियड्स में रैशेज क्यों हो जाते हैं?
जवाब- इसकी कई वजहें हैं। जैसे-
- ज्यादा नमी होना।
- लगातार रगड़ होना।
- पैड देर तक पहनना।
- खुशबू वाले पैड यूज करना।
- टाइट कपड़े पहनना।



