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मुंबई में लोकल ट्रेन में दरवाजा खुला रखने को लेकर हुए विवाद में एक यात्री ने दूसरे यात्री की जान ले ली:भीड़ के बीच चाकू मारकर भागा था; बारिश में गेट खोलने को लेकर विवाद हुआ था

मुंबई में मानसून की पहली बारिश के बीच लोकल ट्रेन में दरवाजा खुला रखने को लेकर हुए विवाद में एक यात्री ने दूसरे यात्री की जान ले ली। मृतक की पहचान 22 साल के मयंक लोहार के रूप में हुई है। आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना मंगलवार रात करीब 10:42 बजे अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में हुई। ट्रेन के बोरीवली स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले आरोपी रोशन सुवर्णा चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, ट्रेन अंधेरी स्टेशन पर पहुंची थी, तभी मयंक और रोशन सुवर्णा के बीच गेट खुला रखने को लेकर बहस शुरू हो गई। रोशन दरवाजा खुला रखना चाहता था जबकि मयंक बारिश का हवाला देकर इसका विरोध कर रहा था।

बहस के दौरान रोशन ने चाकू निकाला और मयंक के पेट में घोंप दिया। रात 11:04 बजे ट्रेन बोरीवली स्टेशन पहुंची। इसके बाद मयंक को बोरीवली स्टेशन के मेडिकल रूम में ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद एंबुलेंस से कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल भेजा गया। हालांकि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक मयंक लोहार (बायीं ओर) और आरोपी रोशन सुवर्णा।
मृतक मयंक लोहार (बायीं ओर) और आरोपी रोशन सुवर्णा।

ट्रेन में मयंक की हत्या की 2 तस्वीरें…

घटना मंगलवार रात करीब 10:42 बजे अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच हुई।
घटना मंगलवार रात करीब 10:42 बजे अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच हुई।
बोरीवली स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।
बोरीवली स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।

बोरीवली स्टेशन पर उतरकर फरार हो गया था

मयंक को खून से लथपथ छोड़कर आरोपी रोशन सुवर्णा बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर फरार हो गया था। आरोपी इस दौरान भी सीसीटीवी में नजर आया था। रेलवे पुलिस ने उसकी तलाश में लिए सात टीमें भेजीं और आखिरकार बुधवार दोपहर को कुर्ला से गिरफ्तार कर लिया।

प्राइवेट कंपनी में काम करता था मयंक

महज 22 वर्षीय मयंक ने फाइनेंस मार्केटिंग में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और पिछले 9 महीनों से चकाला स्थित ‘वेस्ट साइड’ नामक कंपनी में काम कर रहा था। वह काम के लिए रोजाना विरार से अंधेरी आता-जाता था। मयंक लोहार का परिवार मूल रूप से नेपाल का है। उसकी छह पीढ़ियां मुंबई में बसी हुई हैं। पहले वे अंधेरी में रहते थे, लेकिन अपने घर के पुनर्निर्माण कार्य के चलते कुछ महीनों पहले विरार में शिफ्ट हो गए थे।

चार महीनों में दूसरी घटना

कुछ दिन पहले, बोरीवली स्टेशन के पास भी एक लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने को लेकर हुए विवाद में एक यात्री की इसी तरह चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं से मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों में डर का माहौल है। क्योंकि, लोकल ट्रेनों से रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं।

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