लाइफ स्टाइल

अच्छी नौकरी है पर मन नहीं लगता:हमेशा दूसरों की मर्जी की, अब अपनी करना चाहता हूं, पर डर लगता है, क्या करूं?

सवाल– मैं 30 साल का हूं और एक अच्छी नौकरी में हूं। बाहर से देखने पर मेरी जिंदगी ठीक-ठाक लगती है, लेकिन अंदर से मैं बहुत उलझन महसूस करता हूं। बचपन से ही मैंने वही किया, जो परिवार और समाज को सही लगा। अच्छे नंबर लाए, इंजीनियरिंग की, फिर नौकरी शुरू कर दी। लेकिन अब मुझे लगता है कि मैंने कभी यह सोचा ही नहीं कि मैं खुद क्या चाहता हूं।

कई बार नौकरी छोड़ने का मन करता है, लेकिन पता नहीं कि उसके बाद क्या करूंगा। मैं अपनी पसंद, अपनी पहचान और अपने जीवन के उद्देश्य को लेकर बहुत कनफ्यूज्ड रहता हूं।

क्या ये नॉर्मल है? मैं कैसे समझूं कि मैं वास्तव में कौन हूं और क्या चाहता हूं?

एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर।

सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। अगर आपको लग रहा है कि आपने गलत करियर चुन लिया है या जिंदगी में बहुत समय बर्बाद कर दिया है, तो जरूरी नहीं कि यह सच हो।

हो सकता है कि आप जीवन में पहली बार गंभीरता से यह सोच रहे हों कि आपको जिंदगी में सचमुच में क्या करना है।

बचपन और युवावस्था में हम अपने बारे में बहुत कम जानते हैं। इसलिए पढ़ाई और करियर से जुड़े कई फैसले परिवार की सलाह से लेते हैं। भारत में तो अक्सर करियर चुनते समय नौकरी की सुरक्षा, समाज में सम्मान और अच्छी कमाई जैसी बातों को ज्यादा महत्व दिया जाता है।

संभव है कि आपके परिवार ने भी वही सलाह दी हो, जो उन्हें उस समय सही लगी। इसका मतलब यह नहीं है कि आपने अपनी जिंदगी के फैसले खुद नहीं लिए। उस समय आपके पास अनुभव कम था और अपनी पसंद-नापसंद भी पूरी तरह साफ नहीं थी। यह कोई असामान्य बात नहीं है। कई लोगों के जीवन में ऐसा दौर आता है।

क्या पसंद नहीं है

हर किसी को शुरुआत से यह नहीं पता होता कि उसे कौन-सा काम सबसे ज्यादा पसंद है। अक्सर लोग पहले यह समझते हैं कि उन्हें क्या पसंद नहीं है। जैसे आपको लग सकता है कि आपको ये पसंद नहीं है—

  • रोज एक जैसा काम करना।
  • बहुत तकनीकी काम करना।
  • लोगों को मैनेज करना।
  • अनियमित काम के घंटे।
  • बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा वाला माहौल।
  • बिना आजादी वाला काम।
  • ऐसा काम, जिसका कोई सामाजिक उद्देश्य न दिखे।
  • पूरे दिन अकेले या कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करना

अभी परफेक्ट करियर न खोजें

आपको अपने लिए तुरंत कोई ‘परफेक्ट करियर’ खोजने की जरूरत नहीं है। शुरुआत उन कामों को पहचानने से करें, जो आपकी सोच, स्वभाव और पसंद की जिंदगी से मेल नहीं खाते।

अपने आप से यह पूछने की बजाय कि—

“मेरी जिंदगी का असली मकसद क्या है?”

यह सवाल पूछना ज्यादा मददगार हो सकता है—

“अगले छह महीनों में मैं अपने बारे में क्या नई बातें जान सकता हूं?”

ऐसा भी होता है कि खुद को समझना कभी-कभी डर पैदा करता है। जब हम ईमानदारी से खुद को समझने की कोशिश करते हैं, तो हमें अपनी खूबियों के साथ-साथ अपनी कमजोरियां भी दिखाई देती हैं। ऐसे में हो सकता है कि आपको पता चले—

  • जिस करियर में आपकी रुचि है, उसके लिए अभी आपके पास जरूरी योग्यता न हो।
  • उसमें कमाई कम हो।
  • या वह आपके स्वभाव के मुताबिक न हो।
  • साथ ही आपको परिवार की जिम्मेदारियों, पैसों और आगे की पढ़ाई के बारे में भी सोचना पड़ सकता है।
  • इस वजह से चिंता होना स्वाभाविक है। लेकिन चिंता का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आप गलत दिशा में जा रहे हैं।
  • कई बार चिंता सिर्फ इसलिए होती है क्योंकि आप किसी नई और अनिश्चित स्थिति का सामना कर रहे होते हैं।

क्या करें?

  • इस चिंता को सिर्फ सोचने में बर्बाद न करें। इसे जानकारी जुटाने, योजना बनाने और कदम उठाने में लगाएं।
  • जल्दबाजी में नौकरी छोड़ने या बिना सोचे बड़ा फैसला लेने से बचें।

करियर को समझने के लिए जरूरी अभ्यास

जवाब सिर्फ दिमाग में मत सोचिए, उन्हें कागज पर लिखिए।

1. दो हफ्ते का एनर्जी चेक

दो हफ्ते तक रोज अपनी डायरी में नोट करें—

  • कौन-सा काम करके अच्छा लगा?
  • कौन-सा काम करके थकान या चिड़चिड़ापन हुआ?
  • मुझे काम पसंद नहीं था या दिक्कत बॉस, कंपनी या माहौल से थी?
  • कब मुझे लगा कि मैं अच्छा काम कर रहा हूं?
  • किस तरह की समस्या हल करना मुझे अच्छा लगा?

2. अपनी ताकत और कमजोरियां लिखें

तीन तरह की लिस्ट बनाएं।

1. मेरी ताकत

वे चीजें, जिनमें आप अच्छे हैं और जिनका सबूत आपके काम, पढ़ाई या दूसरों की प्रतिक्रिया से मिलता है।

2. मेरी इच्छा

वे चीजें, जिनमें आप आगे बढ़ना चाहते हैं। वे स्किल्स या काम, जिनमें आपकी रुचि है, जिन्हें आप सीखना चाहते हैं।

3. मेरी सीमाएं

इसमें इस तरह की चीजें हो सकती हैं–

  • जरूरी डिग्री या योग्यता की कमी
  • कुछ कमजोर स्किल्स
  • पैसों की कमी
  • स्वास्थ्य संबंधी परेशानी
  • पारिवारिक जिम्मेदारियां

अपनी सीमाएं पहचानना हार मानना नहीं है। इससे आपको पता चलता है कि आगे क्या सुधार करना है।

करियर में आपकी प्राथमिकता

कदम आगे बढ़ाने से पहले जरूरी है कि हम अपनी प्रिऑरिटी सेट करें। वो कौन सी ऐसी चीजें हैं, जो अपने नए करियर से हम सबसे ज्यादा चाहते हैं।

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