अशोक गहलोत बोले-इंदिरा गांधी होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती:राजनीतिक पार्टी होकर धर्म की राजनीति करते हैं, राठौड़ ने कहा- गहलोत आकाओं को खुश करने के लिए बोलते

जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग धार्मिक धुव्रीकरण कर रहे हैं। इनकी सोच है कि हिंदुओं को हिंदुत्व के नाम पर भड़काओ और राज करो। अगर आज इंदिरा गांधी जैसी नेता पीएम होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती।
जयपुर में मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान की ओर से रविवार को आयोजित ‘नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं सम्मान समारोह’ में गहलोत ने यह कहा।
उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीतिक पार्टी होकर धर्म की राजनीति कर रही है। उत्तरप्रदेश में विधानसभा की 403 सीट हैं, आप एक भी सीट मुसलमान को नहीं दे रहे हो, दिखावे के लिए ही 5 सीट दे देते। यह देशवासियों को बताना चाहते हैं कि देखो हम हिंदुत्व की पार्टी हैं। मुख्तार अब्बास नकवी, शाहनवाज खान जैसे नेताओं को इन्होंने घर बैठा दिया।
गहलोत ने कहा- यह लोग संविधान की शपथ लेते हैं, संविधान में सभी धर्म और जातियों के सम्मान की बात है। संविधान के अनुसार- आप धर्म के नाम पर राजनीति नहीं कर सकते हो।
वहीं पलटवार करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- गहलोत अपने आकाओं को खुश करने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं। जनता में उनकी छवि धूमिल हो रही है। जो सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम कर रही है, उस पर प्रतिबंध लगाने की सोच रहे हैं। इसका मतलब इन्होंने आपातकाल से कुछ सीखा नहीं है। इनकी मानसिकता आज भी विकृत है।
भैरोसिंह शेखावत ने गवाह से समझाइश की
गहलोत ने कहा-
भैरोसिंह शेखावत ने जब बाली से चुनाव लड़ा था, उनके मुंह से राम मंदिर के बारे में निकल गया। वो चुनाव जीत गए। इसके खिलाफ किसी ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी कि धर्म का इस्तेमाल किया गया। मामला इतना गंभीर था कि उनकी सदस्यता जा सकती थी।

बाद में भैरोंसिंह शेखावत मुख्यमंत्री बन गए। इस मामले में जो गवाह था, उसे उन्होंने पुलिस के सहयोग से बस से रास्ते में उतारा, उससे समझाइश की और वो बच गए। मेरा कहने का मतलब है कि एक वो जमाना था कि आप धर्म के नाम पर चुनाव नहीं लड़ सकते थे।
आज चुनाव आयोग की मिलीभगत है, एसआईआर के नाम बिहार और बंगाल में क्या किया। आज धर्म के नाम पर पूरे देश में लोगों को भड़काया जा रहा है, लेकिन आज कोई इसका विरोध नहीं करता है।
राहुल गांधी को नेतृत्व प्रदान करना चाहिए
अशोक गहलोत ने कहा- आज इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की जरूरत है। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस की है। शिवसेना के संजय राउत ने कहा था कि आज जो पार्टियां कांग्रेस को छोड़कर गई थी, उन्हें फिर से कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए। मैंने भी इसका समर्थन किया है।
मैंने तो यह भी कहा है कि इंडिया गठबंधन को खुलकर राहुल गांधी को नेतृत्व देना चाहिए। उन्हें कहना चाहिए कि राहुल गांधी हमारे नेता हैं। नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी होना चाहिए। जनता भी



