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जेंडर चेंज कर शादी करने वाले राहुल-नयनश्री बोले- शादी सिर्फ संबंध बनाने के लिए नहीं होती:’अपनी मर्जी से लड़की से लड़का बनी,ये मेरी जिंदगी है’

“मैंने अपनी इच्छा और अपनी समझ से अपना जेंडर चेंज कराया है। ये मेरी जिंदगी का निजी फैसला है। इसमें किसी को मुझे बदनाम करने या मेरी निजी जिंदगी में दखल देने का अधिकार नहीं है।

इसमें जो भी खर्च आया है, उसे मैंने खुद मैनेज किया है। न मेरे परिवारवालों ने और न ही मेरी पत्नी ने इसका खर्च उठाया है। मैंने अपनी मेहनत से इसकी व्यवस्था की है।”

ये बयान राखी (राहुल उर्फ राज कुमार ) ने अपने सोशल मीडिया के जरिए दिया है। 31 मई को राहुल ने अपनी बहन से शादी की है। इससे 6 महीने पहले दिल्ली AIIMS में उसने अपना जेंडर चेंज करवाया है।

लगातार चल रही खबरों पर राखी ने क्या कहा? नयनश्री ने अपनी सफाई में डाले पोस्ट में क्या लिखा? सर्जरी के लिए पैसे कहां से लाए? लोगों की सोच और उनके परिवार वालों के बारे में नयनश्री ने क्या कहा?

खबर से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

लाल साड़ी में नयनश्री और सफेद शर्ट में गमछा डाले राहुल।
लाल साड़ी में नयनश्री और सफेद शर्ट में गमछा डाले राहुल।
राहुल की मां ने बहू नयनश्री का फूल और तिलक लगाकर स्वागत किया।
राहुल की मां ने बहू नयनश्री का फूल और तिलक लगाकर स्वागत किया।

मैंने खुद पैसे कमाकर अपना जेंडर चेंज करवाया है

मुझे शुरू से लड़कों की तरह रहना पसंद था। मैं अपनी इच्छा और अपनी समझ से अपना जेंडर चेंज कराया है। ये मेरी जिंदगी से जुड़ा निजी फैसला है। इसमें किसी भी व्यक्ति को मुझे बदनाम करने या मेरी पर्सनल लाइफ में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

जेंडर चेंज करवाने में जो भी खर्च लगे हैं, उन पैसों को खुद कमाया है। मैं कई काम किए हैं, तब जाकर ये पैसे जमा हो पाए थे। इन पैसों को न तो मेरी पत्नी नयनश्री ने लोन लेकर दिया है और न ही मेरे परिवारवालों ने ये पैसे दिए हैं।

समाज में मेरी छवि खराब की जा रही है

मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से है कि बिना मेरी बात सुने और बिना मेरा पक्ष जाने कुछ लोग और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म मेरी जिंदगी को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। मेरी पूरी सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही है। अधूरी जानकारी के आधार पर मुझे और मेरी पत्नी को ट्रोल किया जा रहा है।

किसी भी खबर को दिखाने से पहले किसी व्यक्ति का पक्ष जानना जरूरी होता है। लेकिन मेरे मामले में ऐसा नहीं किया गया। बिना मुझसे बात किए, बिना मेरी सहमति और बिना मेरी कहानी जाने मेरे बारे में ऐसी बातें दिखाई गईं, जिससे समाज में मेरी छवि खराब हो रही है।

शादी के 4 दिन बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर आकर प्रतिक्रिया दी है।
शादी के 4 दिन बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर आकर प्रतिक्रिया दी है।

मेरी मां को डराकर लिया जा रहा बयान

राहुल ने कहा कि मीडिया समाज का आईना होता है। लेकिन किसी की निजी जिंदगी और सम्मान से जुड़े मामले में पूरी जानकारी लेना जरूरी है। सिर्फ टीआरपी बढ़ाने के लिए किसी की जिंदगी को चर्चा और विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए।

मेरी बुजुर्ग मां को डराकर, दबाव बनाकर या गलत तरीके से बयान लिया गया। इसके बाद मेरी बातों को काट-छांटकर दिखाया गया, जिससे समाज में गलत मैसेज गया। मेरी मां की भावनाओं और मेरी स्थिति को भी समझना चाहिए था।

मुझे और मेरी पत्नी को ट्रोल करना बंद करें

मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हर इंसान को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का अधिकार है। मेरी पहचान और मेरी जिंदगी का फैसला मेरा है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि मुझे और मेरी पत्नी को ट्रोल करना बंद करें। हम भी इंसान हैं, हमारी भी भावनाएं हैं। कृपया हमारी निजता और हमारे जीवन के फैसले का सम्मान करें।

पूरी सच्चाई जाने बिना किसी व्यक्ति को कठघरे में खड़ा करना सही नहीं है। मुझे उम्मीद है कि लोग मेरी बात को समझेंगे और सम्मान देंगे।

इस पोस्ट को डालकर नयनश्री ने अपनी बात बताई है।
इस पोस्ट को डालकर नयनश्री ने अपनी बात बताई है।

अब इस मामले में नयनश्री ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर क्या लिखा है उसे पढ़िए…

मेरी जिंदगी पर फैसला सुनाने का हक किसी को नहीं

नयनश्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा- मुझे ज्ञान देने वाले पहले खुद को और अपने परिवार को देख लें, उसके बाद मेरी जिंदगी पर सवाल उठाएं। आज कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म सिर्फ TRP के लिए आधी-अधूरी बातें दिखाकर मुझे और मेरे रिश्ते को बदनाम कर रहे हैं।

सबसे पहले जो बात कही जा रही है कि वह और मैं बहन हैं, यह पूरी तरह गलत है। मेरे परिवार और उनके परिवार के बीच कभी भी कोई रिश्ता नहीं रहा है। मेरी फुआ की शादी हरला गांव में हुई थी। उनका निधन करीब 10 साल पहले हो चुका है। इसका मतलब यह नहीं है कि हरला गांव की हर महिला मेरी फुआ हो जाएगी या वहां के सभी लोग मेरे रिश्तेदार हो जाएंगे।

हम दोनों के परिवार के बीच कोई रिश्ता नहीं

नयनश्री ने आगे लिखा- मैंने आज तक अपने ससुर को देखा तक नहीं था। न ही उनकी मां को पहले से जानती थी। मैं कभी उनके घर भी नहीं गई थी। इसके बावजूद बिना पूरी सच्चाई जाने और वीडियो क्लिप को काट-छांटकर मुझे ट्रोल किया जा रहा है।

मैंने राहुल से अपनी मर्जी से शादी की है। मेरे लिए शादी का मतलब सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि जिंदगी भर एक-दूसरे का साथ निभाना है। सुख-दुख में साथ खड़ा रहना और पूरी जिंदगी एक-दूसरे का सहारा बनना है।

राखी से राहुल बनने से पहले की तस्वीर।
राखी से राहुल बनने से पहले की तस्वीर।

क्या शादी सिर्फ शारीरिक संबंध बनाने के लिए होती है? क्या लड़का-लड़की शादी इसलिए करते हैं कि केवल शरीर का रिश्ता बने? मेरे लिए शादी का मतलब दो लोगों का एक-दूसरे के प्रति भरोसा, सम्मान और साथ है।

मैंने लड़का सोचकर किया था प्यार, बाद में नहीं हो पाई अलग

जब मैंने उनसे प्यार किया था, तब मुझे यह नहीं पता था कि उनकी पहचान क्या है। उनका रहन-सहन, पहनावा और व्यवहार हमेशा एक लड़के जैसा था। जब मुझे सच्चाई पता चली तो मैंने भी कोशिश की कि हम अलग हो जाएं, लेकिन हालात ऐसे बनते चले गए कि हम एक-दूसरे से दूर नहीं हो पाए।

जब हमें लगा कि साथ रहना है तो शादी करने का फैसला लिया, ताकि हम सम्मान के साथ अपनी जिंदगी जी सकें।

हम बिना जेंडर चेंज कराए भी साथ रह सकते थे, क्योंकि कानून हर व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार देता है। लेकिन हमने समाज में चल रही परंपराओं और सामाजिक स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया।

मेरी जिंदगी मेरा फैसला है, मुझे भी सम्मान के साथ जीना है

उन्होंने मेरे साथ रहने के लिए अपनी जिंदगी में बहुत बड़े फैसले लिए, अपनी जान तक जोखिम में डाली और काफी संघर्ष किया। यह देखकर मैंने उनका साथ देने का फैसला किया।

अगर किसी को मेरे फैसले से परेशानी है तो मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता। समाज में कोई भी इंसान पूरी तरह परफेक्ट नहीं है। हर किसी की अपनी जिंदगी और अपनी कहानी होती है।

मैं बस इतना चाहती हूं कि लोग बिना सच्चाई जाने किसी की जिंदगी और रिश्ते पर फैसला न सुनाएं। मेरी जिंदगी मेरा फैसला है और मुझे भी सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।

शादी से पहले की राखी (राहुल)- नयनश्री की तस्वीर।
शादी से पहले की राखी (राहुल)- नयनश्री की तस्वीर।

अब जानिए कौन हैं नयनश्री और राहुल (राखी)

राहुल (पूर्व में राखी कुमारी) और नयनश्री कुमारी दोनों फुफेरी बहन हैं। बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। नयनश्री की चाची और राहुल के पिता भाई बहन हैं। दोनों लड़कियों का एक-दूसरे के घर आना जाना होता था।

नयनश्री के पिता पटना में सचिवालय में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी हैं। जबकि राहुल के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। दोनों सामान्य परिवारों से आते हैं। साल 2019 में नयनश्री और राहुल ने एक साथ मैट्रिक पास किया।

इसके बाद 11वीं-12वीं में साथ कोचिंग ली। यहीं से दोनों के बीच प्यार शुरू हो गया। दोनों ने जिद्द कर के एक ही जगह से ग्रेजुएशन किया। जहां हॉस्टल के एक ही कमरे में साथ रहे।

दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था। पढ़ाई, कोचिंग, बाजार या किसी दूसरे काम से जाना हो, दोनों साथ रहती थीं।

पटना में रहकर बढ़ी नजदीकियां

2023 में नयनश्री और राखी (अब राहुल) ने BPSC की तैयारी करने का फैसला किया। इसके लिए दोनों पटना जाकर पढ़ाई करना चाहते थे। दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे, इसलिए परिजन ने दोनों बहनों को साथ में पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया।

2025 में नयनश्री ने BPSC परीक्षा पास की। इसके बाद उनका चयन TRE-3 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत हुआ। चयन के बाद उन्होंने नौकरी जॉइन कर ली। अभी वे लक्ष्मीपुर के प्राइमरी स्कूल मेदनीपुर में पोस्टेड हैं।

नयनश्री की मां ने क्या कहा था, ये पढ़िए…

लड़की-लड़की के बीच भी शादी होती है, हमें नहीं पता था

दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बबीता देवी कहती हैं, ‘हमें अपनी बेटी पर गर्व था। वो बचपन से ही काफी समझदार थी। हमने कभी भी अपनी बेटी को राखी से दोस्ती रखने से नहीं रोका था, क्योंकि दोनों रिश्ते में बहनें थीं। बचपन से एक-दूसरे के साथ रहती थीं।’

उन्होंने कहा, ‘हमें क्या पता था लड़की-लड़की के बीच भी कुछ होता है। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह दोस्ती शादी तक पहुंच जाएगी। बेटी ने हमारी इज्जत का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा। आज हमलोग किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।’

छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी छोड़ भाग गई बेटी

मां ने आगे कहा, ‘मेरे पति ने दिन-रात मेहनत कर सभी बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। अभी एक साल पहले ही बड़ी बेटी नयनश्री टीचर बनी थी। हम लोगों को लगा था कि अब हमारी जिंदगी सुधर जाएगी।

बेटी नौकरी करेगी, अपने छोटे भाई-बहनों को पढ़ाएगी, आगे बढ़ाएगी, परिवार का सहारा बनेगी। लेकिन उसने एक बार भी नहीं सोचा कि उसके इस फैसले का परिवार पर क्या असर पड़ेगा।’

हमारे घर अपनी बेटी कौन देगा

बबीता देवी ने कहा कि वो अपनी जिंदगी में जो करना चाहती थी, कर लिया। लेकिन हमारे बारे में नहीं सोचा। अब मेरी तीन और बेटियां हैं। इस घटना के बाद कौन हमारे घर रिश्ता लेकर आएगा? कौन अपनी बेटी हमारे घर देगा और कौन हमारी बेटियों को अपने घर की बहू बनाएगा?

यही सोच-सोचकर रातभर नींद नहीं आती है। जिस बेटी से परिवार ने सबसे ज्यादा उम्मीदें लगाई थीं, उसी के फैसले ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। गांव के लोगों और रिश्तेदार लगातार फोन कर रहे हैं। लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं, जिससे परिवार और भी ज्यादा मानसिक दबाव में है।

बेटी के इस फैसले ने पूरे परिवार को मुश्किल में डाल दिया है। हमने अपनी बेटी के लिए हमेशा अच्छे भविष्य का सपना देखा था, लेकिन आज वही सपना हमारे लिए सबसे बड़ा दर्द बन गया है।

राहुल के पिता ने इस पर क्या बयान दिया था…

पहले से थी 2 बेटियां, तीसरी भी बेटी हुई

राखी (अब राहुल कुमार) के पिता नारायण दास ने बताया कि मेरे घर में पहले से दो बेटियां थीं। परिवार की इच्छा थी कि तीसरा बच्चा बेटा हो। हम सोचते थे कि बेटा होगा तो घर की जिम्मेदारियां संभालेगा, जमीन-जायदाद देखेगा और परिवार का सहारा बनेगा। लेकिन भगवान की जो लीला होती है, वही किस्मत में होता है। तीसरी बच्ची बेटी हुई।

शुरुआत में मुझे बेटा नहीं होने का मलाल जरूर था, लेकिन राखी ने धीरे-धीरे बेटे की कमी पूरी करने लगी।

फ्रॉक की जगह पहना हाफ पैंट-शर्ट

राखी को हमने बचपन से ही लड़कों की तरह रखा। उसे कभी फ्रॉक नहीं पहनाया। वो सिर्फ हाफ पैंट-शर्ट पहनती थी। वह हमेशा लड़कों के बीच रहती थी। क्रिकेट-फुटबॉल जैसे गेम्स खेलती थी। हमें लगा था कि समय के साथ शायद उसकी आदतें बदल जाएंगी, लेकिन बचपन से ही उसका रहन-सहन अलग था।

आवाज, चाल-ढाल सब लड़कों जैसी होने लगी थी

नारायण दास ने बताया कि जैसे-जैसे राखी बड़ी होती गई, उसके व्यवहार में लड़कों जैसी बातें ज्यादा दिखने लगीं। धीरे-धीरे उसकी आवाज में भारीपन आने लगा। चेहरे पर भी हल्की दाढ़ी-मूंछ आने लगी थी।

वह लड़कों के साथ ज्यादा उठती-बैठती थी। बाइक लेकर कहीं भी निकल जाती थी। हमें लगा कि यही उसका स्वभाव है, हमने कभी उसे रोका नहीं।

उन्होंने आगे बताया, राखी की जिंदगी में एक ही लड़की थी वो थी नयनश्री। इसके साथ सबसे ज्यादा दोस्ती थी। दोनों बचपन से पढ़ाई से लेकर हर काम में साथ रहती थीं। हमें कभी नहीं लगा कि दोस्ती के पीछे कोई और बात होगी।

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