पति की आंखों में तेजाब डालने वाली पत्नी को संभल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई:आंखों की रोशनी चली गई थी, संभल में प्रेमी के साथ पकड़ी गई थी

पति की आंखों में तेजाब डालने वाली पत्नी को संभल कोर्ट ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 1.75 लाख का जुर्माना भी लगाया। इस मामले की कोर्ट में एक साल से ज्यादा समय में 10 सुनवाई हुईं। तेजाब के हमले से एक दिन पहले पत्नी ने पति को खाने में जहर देकर जान से मारने की कोशिश भी की थी।
27 मई को अपर जिला जज गोपाल ने पत्नी कहकशां को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला 7 मार्च, 2025 का है। उस दिन पति मुजफ्फर अली ने पत्नी कहकशां को घर में प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था।
इसके बाद कहकशां ने रात में सोते समय पति की आंखों और चेहरे पर तेजाब डाल दिया था। इससे न सिर्फ मुजफ्फर अली का चेहरा झुलस गया था, बल्कि उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी चली गई थी। साथ ही कंधे और पेट का कुछ हिस्सा भी झुलस गया था।
उसका दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में करीब 6 महीने तक इलाज चला था। इसके बावजूद आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी थी। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है।



कहकशां की वकील बोलीं- उसे लव मैरिज की सजा मिली कहकशां की वकील पिंकी शर्मा ने बताया- आजीवन कारावास के फैसले से हम संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस ने मामले में 17 दिन बाद ससुराल वालों की शिकायत पर कहकशां के खिलाफ केस दर्ज किया था। इतने गंभीर अपराध में भी केस दर्ज करने में देरी क्यों हुई? इसमें साजिश है। कहकशां को लव मैरिज करने की सजा मिली है। इस केस में ऐसे कई सवाल हैं। कोर्ट में हमें बोलने का समय नहीं दिया गया। फैसले के खिलाफ हम ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।

सजा सुनते ही फूट-फूटकर रो पड़ी कहकशां सजा सुनते ही कहकशां कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगी। इसके बाद चेहरा छिपाकर कोर्ट से बाहर आई। एक महिला कॉन्स्टेबल उसके साथ रही। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान कहकशां का पति मुजफ्फर अली भी अपनी मां के साथ आया था। झुलसने के कारण उसने चेहरे को तौलिए से ढंक रखा था।

अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला
- बिजनौर के नगीना इलाके की रहने वाली कहकशां (30) ने साल-2019 में मुजफ्फर अली (35) से लव मैरिज की थी। मुजफ्फर अली मजदूरी करता था। दोनों के 2 बच्चे भी हैं। बेटी की उम्र 5 साल बौर बेटा ढाई साल का है।
- शादी के बाद कहकशां का अफेयर अपने घर के पास ही रहने वाले एक युवक से हो गया था। मुजफ्फर अली को जब इस बात का पता चला, तो उसने कई बार विरोध किया। लेकिन, कहकशां नहीं मानी।
- मुजफ्फर ने बताया था कि 7 मार्च, 2025 की सुबह करीब 6 बजे पत्नी कहकशां को घर के अंदर प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। मुजफ्फर ने जब शोर मचाया, तो प्रेमी धक्का मारकर भाग गया था। इसके बाद मुजफ्फर की कहकशां से काफी बहस हुई। हालांकि, मोहल्लेवालों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। इसके बाद मुजफ्फर कमरे में सोने चला गया।
- मुजफ्फर ने बताया था कि मेरे सोने के बाद कहकशां मार्केट गई और तेजाब खरीद लाई। फिर सोते समय ही अचानक मेरे चेहरे पर तेजाब उड़ेल दिया। इससे मेरा चेहरा झुलस गया। बचने के लिए मैं भागा, तो कहकशां बाल्टी में तेजाब लेकरमेरे पीछे दौड़ी। मग से दोबारा मेरे चेहरे और शरीर पर तेजाब फेंक दिया। किसी तरह पड़ोसियों ने मुझे जिला अस्पताल पहुंचाया। फिर वहां से गंभीर हालत में मुझे दिल्ली रेफर कर दिया गया।

एक दिन पहले खाने में दिया था जहर विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार यादव ने बताया- तेजाब के हमले से एक दिन पहले यानी 6 मार्च, 2025 को कहकशां ने पति मुजफ्फर अली को खाने में जहर मिलाकर दिया था। इसमें कहकशां के भाई मोहम्मद अहमद, इरफान, मोहसिन और सास महरुन्निशा ने भी उसका साथ दिया था। हालांकि, इस मामले में पति ने कोई FIR नहीं दर्ज कराई थी।
वहीं, तेजाब डालने के मामले में केस की सुनवाई के दौरान सत्र न्यायाधीश आर्थिक फौजदार ने 12 जून, 2025 को कहकशां की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसे इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। 27 मई को दोषी करार देने के साथ ही कोर्ट ने कहकशां की जमानत खारिज कर उसे जेल भेज दिया था।



