यूपी सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:28 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स को फायदा, जनवरी-2026 से एरियर मिलेगा

यूपी सरकार ने गुरुवार (21 मई) को राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (DA) 2% बढ़ा दिया। अब 58% की जगह 60% महंगाई भत्ता मिलेगा। प्रदेश में 16 लाख कर्मचारी और 12 लाख पेंशनर्स हैं। यानी, कुल 28 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा।
राज्य वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि 1 जनवरी, 2026 से कर्मचारी और पेंशनर्स को 60% महंगाई भत्ते की दर से भुगतान किया जाएगा।
कर्मचारियों को 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एरियर के तौर पर उनके भविष्य निधि (PF) खाते में जमा किया जाएगा। जबकि 1 मई से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जून में मिलने वाले वेतन में दिया जाएगा।
वहीं, पेंशनर्स को 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक के बढ़े हुए महंगाई भत्ते का एरियर उनके पेंशन खाते में जमा किया जाएगा। 1 मई से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जून में मिलने वाली पेंशन के साथ मिलेगा।
सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? समझिए कैलकुलेशन
महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। उदाहरण से समझते हैं कि इस 2% की बढ़ोतरी से यूपी सरकार के कर्मचारियों की जेब में कितने रुपए बढ़ेंगे।
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है। 58% DA के हिसाब से उसे पहले ₹17,400 मिलते थे। अब 60% DA के हिसाब से ₹18,000 मिलेंगे।
इस हिसाब से सैलरी में ₹600 बढ़ेंगे। इसी तरह, जिन वरिष्ठ अधिकारियों की बेसिक सैलरी ₹1 लाख या उससे ज्यादा है, उनकी मासिक तनख्वाह में ₹2,000 से लेकर ₹5,000 तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
पिछले साल दो बार बढ़ा था महंगाई भत्ता
यूपी सरकार ने 2025 में दो बार DA में बढ़ोतरी की थी। पहली बार अप्रैल में DA 53% से बढ़ाकर 55% किया गया था। बढ़ा हुआ वेतन 1 जनवरी 2025 से दिया गया था। दूसरी बार अक्टूबर में DA 55% से बढ़ाकर 58% कर दिया गया था। बढ़ा हुआ वेतन 1 जुलाई, 2025 से दिया गया था।
सरकार का आदेश-

क्या है DA और यह क्यों जरूरी है?
महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला ‘कॉस्ट-ऑफ-लिविंग’ एडजस्टमेंट है। इसका कैलकुलेशन बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में किया जाता है। इसका मुख्य मकसद बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों की वास्तविक आय की सुरक्षा करना है, ताकि उनकी सैलरी महंगाई के साथ तालमेल बिठा सके।



