झारखंड

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मध्यप्रदेश से झारखंड तक;कई जिलों में चली तेज रफ्तार में हवा, गर्मी से मिली राहत; अगले 3 दिन में 4°C गिरेगा पारा

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मध्यप्रदेश से झारखंड तक है। जिससे रांची सहित पूरे राज्य में हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है। कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे।

वहीं, गुरुवार दोपहर को रांची, रामगढ़, चतरा, लातेहार और पलामू समेत कई जिलों में तेज आंधी चली। पलामू में तो सड़क किनारे पेड़ भी उखड़ गए। रांची में काले बादल छाने से दिन में अंधेरा हो गया। बारिश भी हुई।

रांची में छाए काले बादल।

इधर, बुधवार को गिरिडीह के तिसरी में ठनका गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों में चंदौरी निवासी स्व. प्रीतम तुरी के पुत्र नुनमुनि कुमार (24) और तनेश्वर उर्फ ठाकुर के पुत्र अमन कुमार (12) शामिल हैं। लोहरदगा के भंडरा में भी ठनका से महिला की मौत हो गई।

चतरा में आंधी-तूफान और बारिश के बीच ओले भी गिरे।

गिरिडीह में सड़क किनारे बारिश के बचने की कोशिश के बीच पेड़ की डाली गिरी।

आज भी रांची सहित 12 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

रांची में सुबह-सुबह हुई बारिश

इधर, रांची में सुबह 4.30 बजे से गरज के साथ बारिश हुई। दोपहर तक तीन से चार बार बारिश हुई। ओलावृष्टि भी हुई। कांके में 12.2 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं, धनबाद और बोकारो में 60-70 किमी. की रफ्तार से आंधी चली।

हालांकि, सबसे अधिक बारिश खूंटी में 34.5 मिमी. और बेरमो में 30 मिमी. दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों का पारा गिर गया। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान सबसे अधिक 4.2 डिग्री गिरकर 37.5 डिग्री पर आ गया, पर रांची का 38.6 डिग्री पर बना हुआ है।

खूंटी और बेरमो में सबसे अधिक वर्षा

झारखंड के विभिन्न जिलों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक वर्षा खूंटी में 34.5 मिमी और बेरमो में 30.5 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा कांके में 12.2 मिमी, हजारीबाग में 11.8 मिमी, बरही में 10.2 मिमी और नवाडीह में 10.0 मिमी बारिश हुई।

वहीं धनबाद में 5.2 मिमी, बोकारो में 2.6 मिमी, डुमरी में 2.1 मिमी तथा पुटकी और गुमला में 2.0-2.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कोडरमा में सबसे कम 1.8 मिमी बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित हो रही है।

सुबह से कई जिलों में हल्के बादल छाए हुए हैं। हवा भी चल रही है।

अलनीनो से मानसून में बारिश होगी कम

वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनी नमी की वजह से बारिश हो रही है। इसे प्री मानसून की वर्षा भी कह सकते हैं। इसका लाभ खेतों को होगा। किसानों को चाहिए कि ऐसी स्थिति में खेत की गहरी जुताई कर जमीन को खोलकर छोड़ दें।

इससे अधिक वर्षा जल जमीन के नीचे जाएगा और ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज होगा। खेत खुला रहने से धूप जमीन के अंदर तक पड़ेगी। इससे बीज एवं कीट-फंगस के अंश नष्ट हो जाएंगे। इस बार अलनीनो का असर दिखेगा। मानसून में बारिश कम होगी। ऐसे में किसानों को अभी से वर्षा जल सहेजने की जरूरत है।

रांची समेत 12 जिलों में आज भी बारिश

मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। 30 अप्रैल को रांची, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्‌डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। 50 से 60 किमी. की रफ्तार से आंधी चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 1 से 5 मई के बीच रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है।

 

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