मिड-डे मील के ट्रेनिंग प्रोग्राम में नाश्ते के लिए धक्का-मुक्की:महिलाएं गिर गईं, 250 की जगह पहुंच गए थे एक हजार कर्मचारी

दौसा में मंगलवार को मिड डे मील के ट्रेनिंग प्रोग्राम में नाश्ते के लिए कर्मचारियों में धक्का-मुक्की हो गई। यही नहीं, अटेंडेंस शीट लेते समय महिलाएं गिर भी गईं। तय संख्या से चार गुना कर्मचारियों के पहुंचने के कारण ट्रेनिंग भी नहीं हो सकी।
चिकित्सा विभाग के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय और शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ियों में पोषाहार व्यवस्था से जुड़ी ट्रेनिंग होटल रावत पैलेस में रखी गई थी। इसमें पोषाहार प्रभारी टीचर्स और पोषाहार पकाने वाली आंगनबाड़ी कर्मचारियों को शामिल होना था।

दौसा जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FOSTAC) आयोजित की गई थी। जिले के सरकारी स्कूलों के मिड डे मील प्रभारी और भोजन तैयार करने वाले सभी कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी।
इसमें जिलेभर से करीब 2200 शिक्षक और कर्मचारियों को बुलाया गया था। तय शेड्यूल के अनुसार ट्रेनिंग सेशन एक दिन में 3 चरणों में होना था। लेकिन अधिकांश कर्मचारी एक ही समय पर आ गए।
सभागार में 250 कुर्सियां लगाई थी, लेकिन करीब एक हजार कर्मचारी पहुंचने के कारण व्यवस्थाएं गड़बड़ हो गई। सभागार में अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
शाम को 4 बजे नाश्ते के दौरान प्लेट लेने के लिए भीड़ टूट पड़ी। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीएमएचओ बोले- मामले की जांच करेंगे
सीएमएचओ डॉ. सीताराम मीणा का कहना है- प्रभारी शिक्षकों ने ट्रेनिंग के बाद अटेंडेंस लगाने की मांग की, जिससे माहौल बिगड़ा। वहीं, फसल कटाई करके आ रही महिलाएं भी एक ही समय पर आ गईं। मामले की जांच की जा रही है।



