कम सैलरी का ताना देती थी, इसलिए मार डाला:8 साल की बेटी और पत्नी की हत्या का आरोपी बोला- गलती हो गई

जयपुर के दूदू में गुरुवार सुबह हुई महिला और उसकी 8 साल की बेटी की हत्या की कहानी रूह कंपा देने वाली है। पत्नी कम सैलरी के ताने मारती थी। इसी बात से गुस्साए पति ने तलवार से उसका गला काट डाला था। मां की आवाज सुनकर बेटी की नींद खुली तो गला दबाकर उसकी भी हत्या कर दी।
घटना के बाद आरोपी 30 से 40 मिनट तक शवों के पास बैठा रहा। फिर बाहर निकलकर गांव के लोगों को चीखकर कहा- मैंने मेरी पत्नी और बेटी को मार दिया है। घर से करीब 3 किलोमीटर दूर मोखमपुरा थाने पैदल पहुंचा और कहा- मुझसे बड़ी भूल हो गई, पत्नी और बेटी की हत्या करके आया हूं। पढ़िए ये रिपोर्ट…
यह घटना जयपुर के दूदू क्षेत्र के बिचून गांव में 12 मार्च की सुबह करीब 4.30 बजे हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपी सुरजीत सिंह (40) ने बताया कि वह पत्तल-दोने की फैक्ट्री में नौकरी करता है। हर महीने 10 हजार रुपए तनख्वाह मिलती है। पत्नी हर दिन उसे कम सैलरी के ताने मारती थी। बच्चों और परिवार के सामने आर्थिक तंगी का जिम्मेदार ठहराती थी। बार-बार बेइज्जती के कारण उसने पत्नी को मार डाला।

सुरजीत सिंह ने पुलिस को बताया- 12 मार्च की सुबह करीब 4 बजे उठने के साथ ही पत्नी सरोज से बहस शुरू हो गई थी। बेटी पास में गहरी नीद में सो रही थी। उसके चेहरे पर चादर थी। झगड़े के बाद वह छत से नीचे उतरा और कमरे में रखी तलवार निकाल ली। दोबारा छत पर गया और बिना शोर किए पत्नी के गले पर तलवार चला दी। तलवार के वार से सरोज की चीख निकली तो पास में लेटी हुई बेटी की नीद खुल गई।
बेटी ने पिता के हाथ में तलवार देखी और मां को खून में लथपथ देखा तो वह भी डर के मारे चिल्लाई। पोल खुलने के डर से सुरजीत ने महज 8 साल की बेटी पर भी तरस नहीं दिखाया। हमला करते हुए उसका गला दबा दिया। बेटी ने कुछ देर संघर्ष किया, लेकिन आरोपी ने उसे तब तक नहीं छोड़ा जब तक मौत नहीं हो गई।
वारदात में इस्तेमाल तलवार को छत पर मटकों के पीछे छिपा दिया। घर से निकल कर सड़क पर आ गया। बीच रास्ते चिल्लाता हुआ लोगों को बताता गया कि उसने पत्नी और बेटी की हत्या कर दी है। इसके बाद थाने पहुंचा।

शराब पीता था, रोज झगड़े होते थे पत्नी और बेटी की हत्या के बाद आरोपी सुरजीत पैदल ही मोखमपुरा थाने पहुंचा था। घटना बताते ही पुलिस ने तुरंत सुरजीत सिंह को डिटेन कर लिया। सीनियर पुलिस अधिकारी थाने और मौका स्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि सुरजीत सिंह हत्याकांड के बाद डरा हुआ है। उसने बताया कि हर दिन पत्नी के साथ उसका विवाद होता था। कुछ तो वह बीमारी से परेशान था और कुछ आर्थिक तंगी के कारण। आए दिन पत्नी बच्चों, माता-पिता और भाई-बहू के सामने उसे कोसती थी। वह चाहकर भी अधिक पैसा नहीं कमा पा रहा था। इस कारण से वह शराब पीने लगा और घर में रोज झगड़े होने लगे थे।
16 साल का बेटा घर होता तो, दोनों की जान बच जाती सुरजीत सिंह (आरोपी) ने पुलिस को बताया कि हत्याकांड के दौरान उसका बेटा (16) घर पर नहीं था। वह चाचा मंजीत सिंह के साथ शादी में डीडवाना गया हुआ था। उसने स्वीकारा कि अगर बेटा घर में होता तो वह पत्नी और बेटी की हत्या नहीं कर पाता। सुरजीत का बेटा अक्सर घर में मां और बहन के साथ छत पर सोता है। पूर्व में जब पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था तो बेटा बीच-बचाव करता था। वह पिता को कभी भी मां पर हाथ उठाने नहीं देता था।
हत्याकांड के दौरान माता-पिता थे घर में आरोपी सुरजीत के पिता रंजीत सिंह वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड थे। वर्ष 2022 में रिटायर हुए थे। जिस घर में हत्याकांड हुआ उस घर के पास में वह रहते हैं। सुरजीत और उसके छोटे भाई मंजीत सिंह का परिवार उसी मकान में रहता है। सुरजीत के माता-पिता उस रात घर में नीचे कमरों में सो रहे थे।



