मध्य प्रदेश

नगर निगम ने शहर के करदाताओं को बकाया कर चुकाने के लिए 14 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत के माध्यम से विशेष अवसर दिया

नगर निगम ने शहर के करदाताओं को बकाया कर चुकाने के लिए 14 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत के माध्यम से विशेष अवसर दिया है। इस दिन संपत्तिकर और जलप्रभार के बकायों पर अधिभार (पेनल्टी) में 25 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

शहर में 5.5 लाख संपत्ति करदाताओं में से अब तक सिर्फ 2.71 लाख ने ही संपत्ति कर जमा किए हैं। वहीं 2.71 लाख में से 1.55 लाख ने ही पानी का बिल जमा किया है। यह आंकड़ा पिछली बार से भी काफी कम है।

निगम अधिकारियों के अनुसार लोक अदालत के दिन शहर के सभी वार्ड और जोन कार्यालयों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां नागरिक मौके पर ही अपना बकाया जमा कर छूट का लाभ ले सकेंगे। निगम का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने कर का भुगतान करें, ताकि रुके विकास कार्य को शुरू किया जा सके।

रंग पंचमी के दिन खुले वार्ड कार्यालय, लेकिन सूने पड़े रहे

बकायदारों से संपत्तिकर की वसूली के लिए रविवार को रंग पंचमी के दिन खुले वार्ड कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। कहीं-कहीं इक्का-दुक्का लोग पहुंचे तो कई वार्ड कार्यालयों पर तो ताले डले मिले। यह आलाम शहर के अधिकांश वार्ड कार्यालयों का रहे। हालांकि इसको लेकर वार्ड कर्मचारियों ने विरोध भी जताया, क्योंकि त्योहार के दिन उन्हें ऑफिस आना पड़ा।

वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होने के कारण नगर निगम अधिक से अधिक संपत्तिकर वसूली पर फोकस कर रहा है। इस कारण 16 फरवरी से शहर भर के वार्ड कार्यालय में अवकाश के दिन भी कार्यालय खोले जा रहे हैं। शनिवार 7 मार्च को भी अवकाश के दिन सभी वार्ड और जोन कार्यालय खोले गए थे। रविवार को रंग पंचमी के दिन भी वार्ड और जोन कार्यालय खोलने के आदेश जारी किए थे।

संपत्तिकर में अलग-अलग श्रेणी में मिलेगी छूट 50 हजार रुपए तक बकाया पर अधिभार पर 100% छूट। 50 हजार रुपए से 1 लाख रु. तक बकाया पर अधिभार पर 50% छूट। 1 लाख रुपए से अधिक बकाया पर अधिभार पर 25% छूट।

जल कर में यह राहत जलकर के 10 हजार रुपए तक बकाया पर अधिभार में 100 फीसदी तक छूट मिलेगी। 10 हजार रुपए से 50 हजार रुपए तक बकाया पर अधिभार पर 75% छूट मिलेगी। 50 हजार रुपए से अधिक बकाया पर 50% अधिभार माफ।

बड़ी संख्या में निपटेंगे केस नागरिक इस मौके का लाभ उठाकर लंबित कर का भुगतान करें और अधिभार में मिलने वाली छूट का फायदा लें। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में पुराने कर प्रकरणों का निपटारा होने की उम्मीद है। – संस्कृति जैन, निगम कमिश्नर

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