NHAI पूरा करेगी सीधी-सिंगरौली के बीच 105 किमी का काम, वाराणसी जाने में एक से डेढ़ घंटे बचेंगे
अब जल्द सीधी से वाराणसी जाने वालों के लिए सड़क यात्रा एक से डेढ़ घंटे कम हो जाएगी। अभी इस यात्रा में लगभग 7 से 8 घंटे लगते हैं। मुख्य वजह है कि सीधी से सिंगरौली के बीच एनएच-39 पर 105 किमी के हिस्से में कई जगह काम अधूरा पड़ा हुआ है।
अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सीधी-सिंगरौली खंड (एनएच-39) के 105 किमी चार लेन निर्माण के शेष कार्य का अवॉर्ड जारी कर दिया है। इस मार्ग का निर्माण कार्य अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।
लगभग 10 से 12 साल मार्ग के कुछ हिस्सों का निर्माण केंद्र द्वारा पहले मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा कराया गया था, अब बचे हुए मार्ग का निर्माण कार्य एनएचआई पूरा करेगा। एनएचएआई इस हिस्से पर 3 रेलवे ओवर ब्रिज/1 रेलवे अंडर ब्रिज, 3 मेजर ब्रिज, 33 माइनर ब्रिज, 11 व्हीकुलर अंडरपास और 1 पैदल अंडरपास का निर्माण करेगी।
अभी सीधी से सिंगरौली जाने में लगते हैं ढाई से तीन घंटे अभी सीधी से सिंगरौली के बीच 105 किमी के सफर में ढाई से तीन घंटे लगते हैं। मुख्य वजह कई जगह अधूरे काम और डायवर्सन हैं। रीवा की तरफ से वाराणसी जाएं तो लगभग 6 घंटे लग जाते हैं। सीधी-सिंगरौली के बीच कनेक्टिविटी सुधरेगी तो ये सफर एक से डेढ़ घंटे कम हो जाएगा।
पूरा सफर चार-साढ़े चार घंटे में हो जाएगा। सीधी को प्रयाग, वाराणसी और सोनभद्र आदि जिलों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। वाराणसी, प्रयाग व देश की ‘ऊर्जा राजधानी’ सिंगरौली के बीच महत्वपूर्ण कॉरिडोर बन सकता है।
एजेंसी का चयन करके एलओआई जारी कर दी गई है। जल्द अनुबंध करके काम शुरू करेंगे। एमपीआरडीसी से इस हिस्से का काम वापस लेने की प्रक्रिया भी जल्द होगी। आनंद प्रसाद, प्रोजेक्ट डायरेक्टर -सतना (एनएएचआई)


