ट्रेन के टॉयलेट में जज की पत्नी को आया हार्टअटैक,मौत:अलग-अलग कोच में सवार थे पति-पत्नी, मोबाइल से लोकेशन ट्रेस करने पर मिला शव

निंबाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (एडीजे) की पत्नी की ट्रेन के टॉयलेट में हार्ट अटैक से मौत हो गई। उनका शव बुधवार को ट्रेन के टॉयलेट में मिला।
एडीजे राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा (42) अपने घर जोधपुर से चित्तौड़गढ़ जाने के लिए काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस (17606) में अलग-अलग कोच में बैठे थे।
ट्रेन के चित्तौड़गढ़ स्टेशन पहुंचने पर एडीजे उतर गए, लेकिन प्लेटफॉर्म पर पत्नी उषा चौहान उन्हें नहीं दिखी। उन्होंने जीआरपी को सूचना दी, लेकिन ट्रेन तब तक आगे निकल चुकी थी।
जीआरपी को उषा के मोबाइल की लोकेशन ट्रेन में ही मिली। इसके बाद करीब 156 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन की तलाशी ली गई।
कोच के टॉयलेट में उषा का शव मिला। नीमच जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी ने बताया- डॉक्टरों के अनुसार महिला को साइलेंट हार्ट अटैक आया था।

अलग-अलग कोच में थे पति-पत्नी
जीआरपी ने बताया- निंबाहेड़ा में पोस्टेड एडीजे राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा 3 मार्च को काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस (17606) में जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन से रात 11:30 बजे बैठे थे।
दोनों का अलग-अलग कोच में रिजर्वेशन था। उन्हें चित्तौड़गढ़ उतरना था। बुधवार (4 मार्च) सुबह 7:20 बजे चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर राजकुमार चौहान उतर गए, लेकिन पत्नी नहीं उतरी। तय समय पर ट्रेन स्टेशन से रवाना हो गई।
स्टेशन पर एडीजे चौहान ने पत्नी को काफी तलाश किया। जब वह नहीं मिली तो उन्होंने जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी ने सीसीटीवी चेक किए। कोच से उतरते हुए महिला नजर नहीं आई। इसके बाद आगे के स्टेशनों को जीआरपी ने सूचना दी।
जीआरपी ने मोबाइल से ट्रेस की लोकेशन
जीआरपी ने महिला के मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की, जो ट्रेन के अंदर ही मिली। इस बीच सुबह करीब 10:40 बजे ट्रेन रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर पहुंच गई। जिस कोच में महिला का टिकट था, वहां जीआरपी ने तलाशी ली, लेकिन वह नहीं मिली।
चित्तौड़गढ़ पहुंचने से पहले उषा ने पति को फोन कर बताया था कि वह वॉशरूम जा रही है। ऐसे में जीआरपी टॉयलेट की तलाशी लेने गई, लेकिन टॉयलेट का दरवाजा अंदर से बंद मिला।
शक होने पर दरवाजा तोड़ा गया। उषा अंदर पड़ी थीं। इसके बाद उन्हें तुरंत जावरा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर नीमच जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी भी मौके पर पहुंचे। एडीजे राजकुमार चौहान और अन्य परिजन भी जावरा पहुंच गए। बाद में परिजन बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव अपने साथ जोधपुर ले गए।
एडीजे राजकुमार चौहान करीब 15 महीने से निंबाहेड़ा में पोस्टेड हैं।


