जयपुर

चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी चांदी के रथ पर सवार हुए:प्रभु संग होली खेलने देशभर से आए भक्त, गलियां गुलाल से लाल हुई

चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर में आज बुधवार को होली का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

मंदिर परिसर में ठाकुर जी के साथ भक्तों ने गुलाल की होली खेली। इस मौके पर मथुरा-वृंदावन जैसा महोत्सव नजर आया, मानो बृज में होली खेली जा रही हो।

राजभोग आरती के बाद सांवलिया सेठ के शालिग्राम स्वरूप को चांदी के रथ पर विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। कस्बे में जहां-जहां रथ पहुंचा, वहां भक्तों ने ठाकुर जी के साथ होली खेली।

सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर होली खेलने का आनंद लिया। भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।

राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात समेत देशभर से भक्त आए। ठाकुर जी पर गुलाल उड़ा कर जमकर होली खेली।

ठाकुर जी का रथ मंडफिया कस्बे के अलग-अलग गलियों से गुजरते हुए शाम को वापस मंदिर परिसर पहुंचा। जहां उनके बाल स्वरूप को चांदी के रथ से वापस गर्भ गृह में विराजित कर और विशेष आरती की गई। यह नगर भ्रमण करीब साढ़े 4 घंटे तक रहा।

राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात समेत देशभर से भक्त आए। ठाकुर जी पर गुलाल उड़ा कर जमकर होली खेली।

ठाकुर जी का रथ मंडफिया कस्बे के अलग-अलग गलियों से गुजरते हुए शाम को वापस मंदिर परिसर पहुंचा। जहां उनके बाल स्वरूप को चांदी के रथ से वापस गर्भ गृह में विराजित कर और विशेष आरती की गई। यह नगर भ्रमण करीब साढ़े 4 घंटे तक रहा।

फोटो सांवलिया सेठ के मंदिर के बाहर का है। जहां सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ रही।

 

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