मध्य प्रदेश

आगर-मालवा जिले के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में सोमवार को एक अनोखी चोरी की घटना सामने आई;नायब तहसीलदार की चप्पल चोरी, एसपी से की शिकायत

आगर-मालवा जिले के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में सोमवार को एक अनोखी चोरी की घटना सामने आई। मंदिर दर्शन करने पहुंचे नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी की 500 रुपए की चप्पल गायब हो गई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह और थाना प्रभारी नागेश यादव को लिखित शिकायत भेजकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दर्शन कर लौटे तो चप्पलें गायब थीं घटना सोमवार दोपहर लगभग 3:15 बजे हुई। नायब तहसीलदार ने रसीद काउंटर के पास चप्पल उतारी, लेकिन दर्शन के बाद लौटे तो चप्पलें गायब थीं। मंदिर प्रबंधन से संपर्क कर CCTV फुटेज जांची गई। वीडियो में दोपहर 3:20 बजे एक युवक चप्पल ले जाते हुए साफ दिखाई दिया।

मां बगलामुखी मंदिर का प्रवेश द्वार जहां से चोरी हुई चप्पल।

 

पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बात मानी मंदिर मैनेजर विनोद गवली और कर्मचारी नितेश देवड़ा ने फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान पवन (पिता प्रेमनारायण), अयोध्याबस्ती, नलखेड़ा के रूप में की। आरोपी पवन ने चप्पल ले जाने की बात स्वीकार की। बताया गया कि वह मंदिर में रजिस्टर्ड पुजारी नहीं है, फिर भी हवन और अन्य गतिविधियों में सक्रिय रहता है।

नायब तहसीलदार ने एसपी और टीआई को लिखित में शिकायत की है।

सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पत्र ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटे हैं। इस मामले में नलखेड़ा थाना प्रभारी नागेश यादव ने बताया है कि आवेदन के आधार पर जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आरोपी पर कार्रवाई करेंगे।

तंत्र साधकों के लिए बड़ा स्थान है बगलामुखी मंदिर

आगर-मालवा में लखुंदर नदी किनारे स्थित है बगलामुखी मंदिर। माना जाता है कि यहां मां जागृत रूप में विराजती हैं। तंत्र साधकों के लिए यह सबसे बड़ा स्थान है। मंदिर जितना अनोखा है, उतना ही रहस्यमयी भी है। मान्यता के अनुसार यहां तांत्रिक और मिर्च अनुष्ठान से कोर्ट केस में जीत, शत्रुओं का नाश और संतान की प्राप्ति होती है।

मान्यता है कि महाभारत काल में पाण्डवों को यहीं से विजयश्री का वरदान मिला था। यहां माता तीन रूप में विराजित हैं। दाएं महालक्ष्मी, बाएं सरस्वती और बीच में बगलामुखी के रूप में दर्शन देती हैं। मंदिर का गर्भगृह 3 करोड़ रुपए से अधिक के स्वर्ण, 65 लाख रुपए की चांदी और आभूषणों से दमक रहा है। मंदिर के ठीक सामने 80 फीट ऊंची दीपमाला स्थित है।

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