यूपी में SIR की डेट 1 महीने बढ़ाई गई:अब 6 मार्च तक नाम जुड़वा पाएंगे, फाइनल लिस्ट 10 अप्रैल को आएगी

चुनाव आयोग ने यूपी SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब जिन लोगों को दावा या आपत्ति दर्ज करानी है, उन्हें एक महीने का समय और मिलेगा। नई तारीख के मुताबिक, अब लोग अब 6 मार्च तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। फाइनल लिस्ट 10 अप्रैल को जारी होगी। इसकी जानकारी यूपी मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ लोक भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।
राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- यूपी में SIR 27 अक्टूबर से शुरू हुआ था। मतदाताओं की गिनती का काम 4 नवंबर से 6 जनवरी तक चला। इसके बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में आवेदन आए। नाम हटाने के लिए (फॉर्म 7) कुल 82,684 आवेदन आए। नाम जोड़ने के लिए (फॉर्म 6) करीब 37 लाख 80 हजार आवेदन आए। जो मतदाता बाहर रह रहे हैं (प्रवासी), वे फॉर्म 6A भर सकते हैं। अब तक 1,076 प्रवासी मतदाताओं ने आवेदन किया है।

चुनाव विभाग के मुताबिक, फॉर्म 6 की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे करीब 1 करोड़ 40 लाख मतदाता थे, जिनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में तो था, लेकिन उनकी मैपिंग नहीं हुई थी। वहीं, 2.22 करोड़ लोगों ने मैपिंग कराई थी, लेकिन उसमें कुछ गड़बड़ियां पाई गईं। इन सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
कुल मिलाकर 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं। अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी हो चुके हैं, 86 लाख 27 हजार नोटिस लोगों को मिल भी चुके हैं। करीब 30 लाख मामलों की सुनवाई हो चुकी है।
ऐसे में दावा–आपत्ति की तारीख 6 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च कर दी है। यानी अब 6 मार्च तक नाम जुड़वाने, कटवाने या गलती सुधारने के लिए आवेदन किया जा सकता है। SIR की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी। मतदाताओं की मदद के लिए BLO हर कार्यदिवस सुबह 10 से 12 बजे तक बूथ पर मौजूद रहेंगे।
उन्होंने कहा- किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा। हर आपत्ति की जांच होगी। उसके बाद ही निर्णय होगा। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में नहीं है। नवदीप रिणवा ने अपील की कि नाम की स्पेलिंग (हिंदी/इंग्लिश) आधार कार्ड में जैसी हो, वैसा ही फॉर्म में लिखे, जिससे ऑनलाइन संशोधन कभी करना पड़े तो आसानी से घर बैठे हो जाए।
यूपी SIR लिस्ट में नाम नहीं, तो क्या करें; जानिए हर सवाल का जवाब
सवाल: ड्राफ्ट सूची में नाम कैसे चेक करें? जवाब: आप अपना नाम 3 तरीके से चेक कर सकते हैं। पहला- बूथ लेवल ऑफिसर के पास उपलब्ध मतदाता सूची से, ECINET मोबाइल ऐप से और ceouttarpradesh.nic.in या voters.eci.gov.in के जरिए। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाएं। राज्य और जिला चुनें। इसके बाद अपना विधानसभा क्षेत्र सिलेक्ट करें। अपना बूथ सिलेक्ट करें और ड्राफ्ट सूची डाउनलोड कर लें।
सवाल: ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न हो तो क्या करें? जवाब: आप फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। नए मतदाताओं को भी फॉर्म-6 भरना होगा।
सवाल: विदेश में रहते हैं, किसी और जगह रहते हैं तो क्या करें? जवाब: फॉर्म 6A, 7, 8 का भी ऑप्शन है। विदेश में रहते हैं और नाम जुड़वाना चाहते हैं तो फॉर्म 6A भरना होगा। अगर नाम हटवाना है तो फॉर्म 7 भरना होगा। निवास बदलना है या सुधार करवाना है तो फॉर्म 8 भरना होगा।
सवाल: क्या दावा-आपत्ति ऑनलाइन कर सकते हैं? जवाब: हां, दावे आपत्ति ऑनलाइन किए जा सकते हैं। इसके लिए संबंधित फॉर्म को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भरना होगा।
सवाल: आवेदन पत्र कहां से मिलेंगे, कहां जमा होंगे? जवाब: बूथ लेवल अधिकारी, तहसील में मतदाता पंजीकरण केंद्र (VRC) या वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in से मिलेंगे। फॉर्म भरकर बूथ लेवल अधिकारी, तहसील में VRC पर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप या http://voters.eci.gov.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सवाल: पहली बार वोट डालने के योग्य हुए तो क्या करें? जवाब: ऐसे युवा जो 1 जनवरी 2026 को 18 साल के हुए हैं, उन्हें फॉर्म 6 भरकर जमा करना होगा। अब तक 15,78,483 फॉर्म-6 मिल चुके हैं। जांच के बाद नाम जोड़े जाएंगे।
सवाल: कब तक फॉर्म भर सकेंगे, अंतिम सूची कब आएगी? जवाब: ड्राफ्ट मतदाता सूची 6 जनवरी को जारी हुई। दावा-आपत्तियां 6 मार्च तक की जा सकती हैं। फिर नोटिस और दावों का निस्तारण होगा। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी।
सवाल: फॉर्म भरकर जमा करने के बाद क्या होगा? जवाब: 6 मार्च 2026 तक दावे-आपत्ति के बाद जांच की जाएगी। 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इसे जांचेंगे।
सवाल: क्या ड्राफ्ट सूची के नाम भी कट सकते हैं? जवाब: अगर कोई आपत्ति करता है तो संबंधित वोटर को नोटिस जारी किया जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर बीएलओ क्रॉस चेक करेगा। आपत्ति सही पाई गई तो नाम अंतिम सूची से काट दिया जाएगा।
सवाल: शिकायत या सहायता कहां से लें? जवाब: हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करें। अपने बीएलओ या जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क करें।
सवाल: अपने BLO से कैसे संपर्क कर सकते हैं? जवाब: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट पर ‘Know Your BLO’ या ‘Search Your Polling Station/BLO’ विकल्प उपलब्ध हैं। यहां आप अपनी जानकारी डालकर अपने विधानसभा क्षेत्र का BLO ढूंढ सकते हैं।
सवाल: कोई जानकारी गलत रह गई तो क्या वोट डाल पाएंगे? जवाब: हां, वोटर कार्ड में किसी भी तरह की गलती होने पर भी आपको वोट डालने का अधिकार है। ऑप्शनल दस्तावेज जैसे आधार, राशन कार्ड, सरकारी पहचान पत्र, मनरेगा कार्ड के जरिए आप वोट डाल सकते हैं।
सवाल: किस गड़बड़ी की वजह से वोट नहीं डाल पाएंगे? जवाब: अगर EPIC नंबर गलत है, तो वोट नहीं डाल पाएंगे।
सवाल: मोबाइल-इंटरनेट नहीं है तो नाम कैसे चेक करें या सुधरवाएं? जवाब: इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO के पास जाएं। उन्हें EPIC नंबर देकर वोटर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं। अगर कोई गड़बड़ी है तो फॉर्म 8 भरना होगा। इसके लिए सही जानकारी वाला डॉक्यूमेंट देना होगा। जैसे पिता का नाम गलत है, तो सही नाम वाला डॉक्यूमेंट देना होगा।
अगर वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो जन्मतिथि और एड्रेस वेरिफाई करने के लिए सरकार की तरफ से जारी सर्टिफिकेट और फोटो BLO को देना होगा।
जन्मतिथि वेरिफाई करने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
- जन्म प्रमाण पत्र
- 10वीं/12वीं की मार्कशीट
- पासपोर्ट
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- बीमा पॉलिसी या बैंक पासबुक
एड्रेस वेरिफाई करने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस
- राशन कार्ड
- बिजली/पानी/टेलीफोन/गैस बिल
- बैंक/पोस्ट ऑफिस पासबुक एड्रेस सहित
- रेंट एग्रीमेंट
- सरकारी कर्मचारी का सेवा पहचान पत्र
- पेंशन डॉक्यूमेंट
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
इनके अलावा माता-पिता या घर के किसी सदस्य का नाम वोटर लिस्ट में होना चाहिए। उनका EPIC नंबर भी देना होगा। अगर माता-पिता की मृत्यु हो गई है, तो 2003 के पहले उनका नाम वोटर लिस्ट में होना चाहिए।
अब जानिए SIR में अब तक क्या-क्या हुआ
- SIR का पहला चरण 4 नवंबर, 2025 से शुरू हुआ। इसमें बीएलओ ने घर-घर जाकर फॉर्म बांटे और मतदाताओं से जानकारी इकट्ठा की। पहले यह चरण 4 दिसंबर तक चलना था। लेकिन, विपक्ष की मांग पर पहले इसे 7 दिन बढ़ाया गया, फिर 15 दिन का समय बढ़ाया गया। पहले चरण में 2003 की मतदाता सूची से तुलना की गई और मौजूदा वोटर की उनसे मैपिंग की गई।
- इसके बाद 6 जनवरी को ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई। 2.89 करोड़ नाम कट गए। इनमें 46.23 लाख मृत, 2.17 करोड़ लोग शिफ्टेड और 25.47 लाख डुप्लीकेट वोटर शामिल हैं। पहले प्रदेश में 15.44 करोड़ वोटर थे, अब 12.55 करोड़ मतदाता बचे हैं। मतलब- हर पांचवां वोटर लिस्ट से बाहर हो गया है।
- लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख, जबकि ललितपुर में सबसे कम 95 हजार लोगों के नाम कटे। अब 6 मार्च तक दावे-आपत्तियां की जाएंगी। इसकी कोई फीस नहीं लगेगी। 10 अप्रैल 2026 को अंतिम सूची जारी की जाएगी।
SIR के प्रोसेस को 5 सवाल-जवाब में जानें
1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।
2. कौन करता है? SIR के काम में चुनाव आयोग की तरफ से बीएलओ (BLO) और राजनीतिक दलों की ओर से बीएलए (BLA) लगते हैं।
3. SIR में वोटर को क्या करना पड़ा? SIR के दौरान BLO/BLA ने वोटर को फॉर्म बांटे। वोटर ने फॉर्म भरकर वापस जमा किया।
4. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य थे?
- पेंशनर पहचान पत्र
- किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
- जन्म प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट
- 10वीं की मार्कशीट
- स्थायी निवास प्रमाणपत्र
- वन अधिकार प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र
- राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
- परिवार रजिस्टर में नाम
- जमीन या मकान आवंटन पत्र
- आधार कार्ड
5. SIR मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।