जयपुर

जयपुर में सात खुली जगहों पर लगे आर्टवर्क:जयपुर आर्ट वीक की शुरुआत, दवाइयों के ब्लिस्टर पैक से बनाई अनोखी कलाकृति

जयपुर आर्ट वीक के पांचवें संस्करण की मंगलवार से शुरुआत हो गई। पब्लिक आर्ट्स ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पाटी) की ओर से आयोजित यह कला महोत्सव 27 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक शहर के विभिन्न सार्वजनिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के पहले दिन कलाकारों, क्यूरेटरों, कला प्रेमियों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। दिन की शुरुआत सेंट्रल पार्क में आयोजित कलाकार वॉक थ्रू से हुई, जहां तीन प्रमुख सार्वजनिक कला कृतियों को प्रदर्शित किया गया।

जयपुर आर्ट वीक के पांचवें संस्करण की मंगलवार से शुरुआत हो गई। - Dainik Bhaskar

 

इस अवसर पर अमीन जाफर, जोआना शेवलियर, सना रेजवान, रिजवान रज्जाक, अलमास रेजवान, रुचिरा दास, सुमीर टैगड़ा, जितेन थुकराल और जय दानानी सहित सहित कई अतिथियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

सेंट्रल पार्क में प्रदर्शित गीगी स्कारिया की कृति ‘ऐजसेंड टुवर्ड्स द अननोन’ तकनीकी प्रगति और उससे जुड़े नैतिक प्रश्नों पर केंद्रित रही। वहीं, पूजन गुप्ता की ‘ए सैक्रेड वॉक’ दवाइयों के ब्लिस्टर पैक से निर्मित एक अनोखी इंस्टॉलेशन के रूप में सामने आई। मोहम्मद इम्तियाज की कृति ‘दर-बदर 2.0’ श्रम, सामग्री और स्मृति के माध्यम से व्यक्तिगत और सामूहिक अनुभवों को जोड़ती हुई दिखाई दी।

सेंट्रल पार्क में प्रदर्शित गीगी स्कारिया की कृति ‘ऐजसेंड टुवर्ड्स द अननोन’ तकनीकी प्रगति और उससे जुड़े नैतिक प्रश्नों पर केंद्रित रही।

विभिन्न स्थलों पर वॉकथ्रू और संवाद

इसके बाद पब्लिक आर्ट्स ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पाटी) के मुख्यालय में कलाकार और क्यूरेटर वॉकथ्रू आयोजित किया गया। यहां अदिति अग्रवाल ने डिजिटल प्रदर्शनी ‘हेयर एंड नाउ’ के अंतर्गत अपनी कृति ‘ऐज राइज : द पिलर स्काई’ प्रस्तुत की। साथ ही ‘मटेरियल इन मोशन’ समूह प्रदर्शनी का क्यूरेटोरियल वॉकथ्रू हुआ, जिसमें युवा कलाकारों की प्रक्रिया-आधारित कृतियों को प्रदर्शित किया गया।

मोहम्मद इंतियाज की कृति ‘दर-बदर 2.0’ श्रम, सामग्री और स्मृति के माध्यम से व्यक्तिगत और सामूहिक अनुभवों को जोड़ती हुई दिखाई दी।

दोपहर के सत्र में आम्रपाली म्यूजियम में माया कुमारी सुथार की प्रदर्शनी ‘द डेजर्ट लैंड’ का वॉकथ्रू आयोजित हुआ, जिसमें थार मरुस्थल के इतिहास को व्यक्तिगत स्मृतियों और औपनिवेशिक अभिलेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात स्टूडियो सुकृति में शोध-आधारित कला प्रक्रियाओं पर संवाद सत्र आयोजित किया गया।

जवाहर कला केंद्र स्थित अलंकार गैलरी में प्रदर्शनी ‘अंधा युग’ का वॉकथ्रू अनिता दूबे द्वारा तारिकक़ अल्लाना के साथ संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया। धर्मवीर भारती के प्रसिद्ध नाटक अंधा युग से प्रेरित इस प्रदर्शनी में कलाधाम के 50 से अधिक कलाकारों की कृतियां शामिल हैं, जो सत्ता, युद्ध, हिंसा और नैतिक जिम्मेदारी जैसे समकालीन प्रश्नों पर विचार प्रस्तुत करती हैं।

वर्निसाज और पैनल चर्चा

शाम को जयपुर आर्ट वीक का वर्निसाज आयोजित किया गया, जिसमें द आर्ट न्यूजपेपर के आर्ट मार्केट एडिटर कबीर झाला द्वारा संचालित विशेष पैनल चर्चा हुई। समकालीन भारतीय संस्कृति में सार्वजनिक–निजी भागीदारी विषय पर आयोजित इस चर्चा में डॉ. अमीन जाफ़र, मरियम राम और अनिता दूबे ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन कलाकारों, संरक्षकों और सहयोगियों के सम्मान में आयोजित विशेष डिनाटोयर के साथ हुआ।

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