इंजीनियर से इश्क का नाटक करती रही कैशियर की पत्नी:यूपी में 2 लाख की शॉपिंग की, जेल भिजवाया; एक शर्त से टूटकर जान दी

यूपी के गोंडा में 25 साल के इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव के सुसाइड मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वह घर के सामने रहने वाली शादीशुदा महिला को दिल दे बैठा था, लेकिन वह उसके साथ प्यार का नाटक करती रही। हकीकत में उसकी नजर उसकी प्रॉपर्टी पर थी।
पहले अकेले ही इस खेल में शामिल थी। जब उसके पति को इस बात का पचा चला तो वह भी नाटक में शामिल हो गया। दोनों उससे पैसे ऐंठने लगे। 6 महीने में 7 लाख रुपए ऐंठे। इसमें 2 लाख की शॉपिंग और 5 लाख रुपए कैश शामिल है। धीरे-धीरे अभिषेक नाटक को समझ गया और दूरी बना ली।
इसके बाद प्रेमिका उस पर बातचीत का दबाव बनाने लगी। वह नहीं माना तो झूठा केस दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि इंजीनियर ने उसके अश्लील फोटो को खींच लिए और ब्लैकमेल कर रहा है। पुलिस ने इंजीनियर को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।
जेल से छूटा तो केस खत्म करवाने के लिए महिला और उसका पति 10 लाख रुपए मांगने लगे। शर्त रखी कि जिंदगी में जब भी उन्हें पैसे की जरूरत होगी, इंजीनियर को देने होंगे। फिर चाहे प्रॉपर्टी बेचनी पड़े या एफडी तोड़नी पड़े। इससे अभिषेक टूट गया। सारे सबूत इकट्ठा किए। गुरुवार शाम कमरे में वॉट्सऐप चैट और वीडियो कॉल के 35 प्रिंटआउट लगाए और फंदे से लटककर जान दे दी।
सीओ सिटी ने बताया-
सोनल और उसके पति अजीत पर सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है, दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।

घटना से जुड़ीं 2 तस्वीरें देखिए-


इंजीनियर अभिषेक के जानलेवा इश्क की पूरी कहानी 5 पॉइंट में पढ़िए…
1. वर्क फ्रॉम होम के दौरान शादीशुदा महिला से इश्क
- पुलिस के मुताबिक, गायत्री पुरम में 5 हजार स्कवायर फीट से ज्यादा में अभिषेक श्रीवास्तव (25) का घर बना है। उसके पिता अशोक श्रीवास्तव गोंडा में सीनियर वकील थे। उनकी 7 साल पहले मौत हो चुकी है। मां का भी निधन हो चुका है। पैतृक गांव मधई में 25 बीघा जमीन है।
- निधन के बाद जमीन अभिषेक के नाम पर आ गई। गोंडा कचहरी के वकीलों और बार काउंसिल की तरफ से हुए बीमा की रकम को मिलाकर 10 लाख रुपए अभिषेक को मिले थे। पिता का 25 लाख फिक्स डिपाजिट मिला था। मां के बीमे के 10 लाख रुपए भी उसे मिले थे।
- अभिषेक JSW पेंट कंपनी में इंजीनियर था। उसे 45 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। अभी वर्क फ्रॉम होम कर रहा था। घर में वह बहन आस्था के साथ रहता था। अभिषेक के घर के ठीक सामने 32 साल की सोनल सिंह का मकान है।
- उसका पति अजीत बलरामपुर की तुलसीपुर शाखा में ग्रामीण बैंक में कैशियर है। जब सोनल का पति बैंक चला जाता था तो वो अक्सर बालकनी में आकर अभिषेक से बात किया करती थी। जनवरी 2025 में ये बातचीत धीरे धीरे प्यार में बदल गई।

2- कैशियर पति संग मिलकर प्रॉपर्टी हड़पने का प्लान बनाया सोनल पति के न रहने पर अक्सर अभिषेक से मिलने उसके घर जाती थी। कई बार अभिषेक उससे मिलने उसके घर चला जाता था, लेकिन अभिषेक उसके नाटक को समझ नहीं पा रहा था। अभिषेक ने जनवरी से लेकर जुलाई तक सोनल को 2 लाख की शॉपिंग करा डाली।
इसके अलावा 5 लाख तक नकद भी ले चुकी थी। लेकिन, इसी दौरान दोनों के अफेयर की भनक सोनल के पति अजीत को हो गई। उसने सोनल से झगड़ा किया। मगर सोनल से उसे प्यार का नाटक करने और अभिषेक की करोड़ों की प्रॉपर्टी पर हड़पने के प्लान की बात बताई, फिर वह भी इसमें शामिल हो गया। जुलाई 2025 में अभिषेक के घर के सामने अजीत कूड़ा फेंकने लगा, जिससे दोनों में झगड़ा हो गया।

3- पति-पत्नी ने साजिश से जेल भिजवाया, फिर भी नहीं टूटा
- अभिषेक के परिजनों ने बताया कि सोनल के पति से झगड़े के बाद वह दोनों के ड्रामे को समझ गया था। इसके बाद सोनल के साथ अपना रिश्ता खत्म कर लिया। ब्रेकअप के बाद सोनल और अजीत की प्लानिंग पर पानी फिरने लगा। दोनों को लगने लगा कि अब अभिषेक की प्रॉपर्टी उनके हाथ से निकल जाएगी।
- अब सोनल अभिषेक से दोबारा बात करने का प्रयास करने लगी। वॉट्सऐप पर मैसेज करती और आते-जाते बात करने की कोशिश करती, लेकिन अभिषेक उसका रिस्पॉन्स नहीं देता था। काफी प्रयास के बाद जब अभिषेक नहीं माना तो सोनल ने पति अजीत के साथ उसे डराने धमकाने के लिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। लेकिन, अभिषेक नहीं टूटा।
- अभिषेक ने साफ कह दिया कि जो करना हो, कर लो। मैं दबाव में नहीं आने वाला। इसके बाद दोनों पति-पत्नी ने साजिश रची। उसके खिलाफ 30 सितंबर को गोंडा नगर कोतवाली में तहरीर देकर एक मुकदमा दर्ज करवा दिया। आरोप लगाया- अभिषेक अश्लील फोटो को खींचकर उसे ब्लैकमेल कर रहा है।
- नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके 30 सितंबर को इंजीनियर अभिषेक को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

4- जेल से लौटा तो पति-पत्नी परेशान करने लगे 15 अक्टूबर तक अभिषेक ब्लैकमेलिंग के आरोप में गोंडा के मंडलीय कारागार में बंद रहा। बहन आस्था ने बताया कि जेल से छूटने के के बाद अभिषेक पूरे षडयंत्र को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। अपनी बेइज्जती के बाद घर से निकलता नहीं था।
सोनल और अजीत बार-बार उस पर कमेंट कर रहे थे। जिससे वो परेशान रहने लगा। घर में वो खाना तक नहीं खाता था। कई दिन छुट्टी लेकर घर में चुपचाप बैठा रहा। इस तनाव में वो कई बार बेहोश भी हो चुका था। उसका इलाज भी चल रहा था।
इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों सुनता था। घर में उनकी बड़ी तस्वीर भी लगाई थी। वो प्रेमानंद महाराज की पूजा भी करता था।
4- 10 लाख रुपए मांगे, FD तोड़ने का दबाव बनाया
- पुलिस के मुताबिक, अभिषेक ने सोनल और उसके पति से मुकदमे को खत्म करने के लिए कई बार बात की, लेकिन बार-बार दोनों ने धमकाया और पैसे मांगे। नवंबर में पति-पत्नी ने मुकदमा खत्म करने के लिए अभिषेक को घर बुलाकर 10 लाख रुपए की डिमांड रखी।
- अभिषेक ने कहा कि इतना पैसा नहीं दे पाएगा, तो 8 लाख देने की बात की। इसके बाद भी अभिषेक नहीं माना तो पांच लाख देने को कहा। मगर अभिषेक ने बहन की शादी का हवाला देकर पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों ने 2 लाख रुपए की मांग रखी।
- अभिषेक तैयार हो गया, लेकिन सोनल ने एक शर्त रखी कि अगर भविष्य में कभी पैसे की आवश्यकता पड़ेगी तो अभिषेक पैसा देगा। उसके लिए चाहे जमीन बेचनी पड़े या घर। चाहे 25 लाख का फिक्स डिपॉजिट ही क्यों न तोड़ना पड़े। 15 दिसंबर को फिर अभिषेक ने मुकदमे को खत्म करने के लिए सोनल से बात की। लेकिन, सोनल अपनी शर्त पर अड़ी रही।
- इस शर्त को अभिषेक मानने को तैयार नहीं था। उसने कहा कि मेरे पास इतनी ही प्रॉपर्टी है, जिससे मुझे बहन आस्था की शादी करनी है। लेकिन, सोनल और अजीत नहीं माने।
- सोनल और अजीत ने अभिषेक पर नजर रखने के लिए अपने घर की दूसरी मंजिल पर सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया था ताकि उसकी ही मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। इसे लेकर भी अभिषेक ने एतराज जताया था। लेकिन दोनों नहीं माने।
5- कैमरे में प्रिंटआउट चिपकाए और लटककर जान दी
- परेशान होकर अभिषेक 17 दिसंबर को देर शाम बाजार गया और वहां पर पेन ड्राइव से वीडियो कॉल, चैट और पैसों के लेनदेन के स्क्रीन शॉट का प्रिंट आउट निकलवाया। उसे घर लाकर 3 घंटे में एक-एक कर प्रिंट आउट पर लिखा कि कब क्या-क्या हुआ। उसे दीवार पर पिन से सभी फोटो चिपकाए।
- अपने चाचा के पास गया। उन्हें एक पेन ड्राइव दी। उस पेन ड्राइव में क्या था? वह अभी तक परिजनों को नहीं पता है। पेन ड्राइव देने के बाद घर आया। बहन आस्था ने बताया कि भाई घर आया तो काफी तनाव में था। मैंने खाना खाने को कहा तो कुछ नहीं बोला।
- मुझसे रो-रोकर कहा कि वे लोग मुझसे पैसे मांग रहे हैं। आगे भी पैसे देने की शर्त रख रहे हैं। तुम्हारी शादी के लिए पैसे रखे हैं, मैं इन लोगों को पैसे नहीं दूंगा। जिस पर मैंने कहा कि जैसा सही लगे करिए। जैसे मैंने उसके पास से गई।
- उसने अपने कमरे में खुद को बंद कर लिया, मैंने कई बार आवाज लगाकर दरवाजा खोलने को कहा। मगर दरवाजा नहीं खोला। चचेरे भाई उद्भव श्रीवास्तव को पूरी बात बताई। उद्भव पुलिस के साथ घर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा। दरवाजा टूटते ही देखा तो अंदर अभिषेक फांसी के फंदे से लटका हुआ था। मुंह में खुद कपड़ा ठूंसा और दोनों पैर बांधे।