उत्तर प्रदेशलखनऊ

चायपत्ती का रंग चढ़ाकर बना रहे देसी अंडे:यूपी में ठगी के नए तरीके का पहली बार कैमरे पर खुलासा

गर्म पानी में 10 रुपए की चायपत्ती और 2 रुपए का कत्था मिलाइए… 210 रुपए के 30 हैदराबादी सफेद अंडे गर्म पानी में डालो और तत्काल निकाल लो… अब ये अंडे हल्के ब्राउन हो गए हैं… इस कलर को पक्का करने के लिए 10 रुपए का सरसों का तेल कपड़े पर लेकर अंडों पर मल दें… केवल 40 रुपए खर्च करके 210 रुपए के 30 अंडे अब 500 रुपए में बेचकर 250 रुपए का मुनाफा कमा लीजिए।

आजकल उत्तर प्रदेश में ठगी का ये नया तरीका भी निकाल लिया गया है। यह गिरोह पोल्ट्री फॉर्म के सफेद अंडों को कलर करने के बाद देसी बताकर दोगुना कीमत पर बेच रहा। सर्दी से बचने, क्रिसमस मनाने और सेहत बनाने के लिए देसी अंडों की डिमांड खूब है। इसका फायदा उठाकर मार्केट में नकली देसी अंडे बेचे जा रहे हैं।

यूपी के मुरादाबाद में पिछले महीने 45 हजार रंगे हुए अंडे पकड़े गए।

हैदराबादी अंडे से देसी अंडा बनाया जा रहा। भास्कर रिपोर्टर ने इसे हिडन कैमरे में रिकॉर्ड किया।

नकली अंडों की तलाश में हम लखनऊ के मड़ियांव पहुंचे। यहां रामू अंडे वाले ने बताया- रंगे हुए अंडे मार्केट में मौजूद हैं। हमें जानकीपुरम के बारे में पता चला, जहां ठेले वाले देसी अंडे बेचते हैं। जब हम वहां पहुंचे तो सुशील अंडे वाले से मुलाकात हुई। सुशील ने स्वीकार किया कि नकली देसी अंडे बनाए जाते हैं।

अंडा विक्रेता सुशील से हुई बातचीत में हमें 3 सवालों के जवाब मिले

  • गर्म पानी में चायपत्ती, कत्था डालकर सफेद अंडों को देसी अंडे जैसा हल्का ब्राउन कलर किया जाता है। इस कलर को पक्का करने के लिए तेल की पॉलिश करते हैं।
  • नकली देसी अंडा बनाने के लिए पोल्ट्री फॉर्म के हैदराबादी अंडे का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि इसका आकार और जर्दी असली देसी अंडे मिलती-जुलती है। इसलिए आसानी से असली-नकली की पहचान नहीं हो पाती।
  • 30 हैदराबादी अंडे 210 रुपए के आते हैं। इन पर कलर चढ़ाने में 40 रुपए खर्च होते हैं। इन्हें बाजार में देसी अंडा बताकर 500 रुपए में बेचा जाता है। यानी 30 अंडों पर 250 रुपए का मुनाफा होता है।

सुशील ने हमें नकली देसी अंडा बनाने का तरीका तो बता दिया था, लेकिन इसे बनाने के विजुअल कैमरे पर कैद करने के लिए हमने उससे लगातार संपर्क किया। 3 दिन बाद उसने हमें एक कैरट हैदराबादी अंडे लेकर अपने घर बुलाया, बाकी सामान उसके पास था।

अंडा विक्रेता सुशील से हुई बातचीत में हमें 3 सवालों के जवाब मिले

  • गर्म पानी में चायपत्ती, कत्था डालकर सफेद अंडों को देसी अंडे जैसा हल्का ब्राउन कलर किया जाता है। इस कलर को पक्का करने के लिए तेल की पॉलिश करते हैं।
  • नकली देसी अंडा बनाने के लिए पोल्ट्री फॉर्म के हैदराबादी अंडे का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि इसका आकार और जर्दी असली देसी अंडे मिलती-जुलती है। इसलिए आसानी से असली-नकली की पहचान नहीं हो पाती।
  • 30 हैदराबादी अंडे 210 रुपए के आते हैं। इन पर कलर चढ़ाने में 40 रुपए खर्च होते हैं। इन्हें बाजार में देसी अंडा बताकर 500 रुपए में बेचा जाता है। यानी 30 अंडों पर 250 रुपए का मुनाफा होता है।

सुशील ने हमें नकली देसी अंडा बनाने का तरीका तो बता दिया था, लेकिन इसे बनाने के विजुअल कैमरे पर कैद करने के लिए हमने उससे लगातार संपर्क किया। 3 दिन बाद उसने हमें एक कैरट हैदराबादी अंडे लेकर अपने घर बुलाया, बाकी सामान उसके पास था।

7 रुपए का 1 अंडा, कलर करने का खर्च 1 रुपए 33 पैसे… अब 16 रुपए में बेचो

केमिकल से कलर किया तो ऐसे अंडे नुकसानदायक अब हमारे सामने सवाल था- क्या इन नकली देसी अंडों से सेहत को नुकसान है? जवाब के लिए हमने लखनऊ यूनिवर्सिटी के केमेस्ट्री के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. वीके शर्मा से बात की। उन्होंने बताया- अगर चायपत्ती, कत्था या कोई केमिकल केवल ऊपरी सतह पर ही रहता है तो सेहत को कोई नुकसान नहीं। लेकिन, अगर ऊपरी परत टूट जाती है और केमिकल खतरनाक है तो ऐसा अंडा खाने से सेहत को नुकसान हो सकता है।
लखनऊ में 15 से 20 लाख अंडे रोज बिक रहे हैं अंडों के बड़े सप्लायर जीशान रजा ने बताया- लखनऊ में इस समय 10-12 लाख अंडे यूपी के बाहर से आ रहे हैं। इसके अलावा 3 से 5 लाख अंडे लोकल फॉर्म यानी बरेली, बाराबंकी, सुल्तानपुर, इलाहाबाद (प्रयागराज) से आ रहे हैं। क्वालिटी की बात करें तो हैदराबाद का अंडा अच्छा है। अजमेर का अंडा अच्छा आ रहा है। यहां के लोकल फॉर्म का अंडा अच्छा आ रहा है। इस समय सीजन चल रहा है, इसलिए 15 से 20 लाख अंडे रोज बिक रहे हैं। क्योंकि डिमांड क्रिसमस की है, जाड़ा भी अच्छा चल रहा है।

करीब 3 लाख नकली देसी अंडे रोज बेचे जा रहे बड़े व्यापारियों के मुताबिक, लखनऊ में रोज करीब 15 लाख अंडे बिक रहे हैं। इनमें 3-4 लाख देसी अंडे बिक रहे हैं। करीब इतने ही नकली देसी अंडे भी बिक रहे हैं।

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