झारखंड

एक लाख के इनामी PLFI उग्रवादी ने किया सरेंडर:भाई की हत्या का बदला लेने के लिए जुड़ा था संगठन में, लातेहार पुलिस को सौंपा हथियार

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के सक्रिय सदस्य आलोक यादव उर्फ चंद्रशेखर कुमार यादव ने शुक्रवार को सरेंडर कर दिया। झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने यह कदम उठाया।

आलोक पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। उसने एसपी कुमार गौरव, सीआरपीएफ 11 बटालियन के कमांडेंट यादराम सिंह बुनकर और एसएसबी-32 बटालियन के कमांडेंट राजेश सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

आलोक ने एक देसी कट्टा, चार जिंदा गोली और उग्रवादी संगठन से संबंधित वर्दी पुलिस को सौंपा।

2007 में पीएलएफआई संगठन में शामिल हुआ था

आलोक यादव ने बताया कि भाई की हत्या का बदला लेने के लिए वर्ष 2007 में पीएलएफआई संगठन में शामिल हुआ था। इस दौरान उसने भाई की हत्या का बदला चार लोगों की हत्या कर ली। उसने बताया कि संगठन में रहते हुए कोलियरी क्षेत्र तेतरियाखांड व बालूमाथ में भी मर्डर किया है।

सरेंडर के बाद आलोक का गुलदस्ता और माला पहनाकर स्वागत

इधर, आत्मसमर्पण के दौरान आलोक यादव ने एक देसी कट्टा, चार जिंदा गोली और उग्रवादी संगठन से संबंधित वर्दी पुलिस को सौंपा। सरेंडर के बाद पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों ने उग्रवादी आलोक यादव का गुलदस्ता और माला पहनाकर स्वागत किया।

आलोक यादव पर झारखंड सरकार द्वारा एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा उसे एक लाख रुपए का प्रतीकात्मक चेक भी सौंपा गया।

सरेंडर के बाद पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों ने उग्रवादी आलोक यादव का गुलदस्ता और माला पहनाकर स्वागत किया।

सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में लौटना एक बेहतर विकल्प: एसपी

एसपी कुमार गौरव ने बताया कि जिले में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों और सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के कारण उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा और जंगल के रास्ते पर चलने से केवल बर्बादी ही हाथ लगती है, जबकि सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में लौटना एक बेहतर विकल्प है।

एसपी ने जानकारी दी कि आलोक यादव वर्ष 2007 में पहली बार उग्रवादी संगठन से जुड़ा था। वह पहले जेएमएमपी/पीएलएफआई का सदस्य रहा और कई बार जेल भी गया। वर्ष 2024 में जेल से छूटने के बाद वह फिर से पीएलएफआई में शामिल होकर रांची, लातेहार और चतरा क्षेत्र में सक्रिय था।

अब तक तीन बार जेल जा चुका है आलोक

आलोक यादव ने बताया कि वर्ष 2013 जेजेएमपी उग्रवादी संगठन में शामिल हुआ। इस दौरान संगठन में रहते हुए कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। वर्ष 2015 में उसकी शादी हुई और एक बच्चा भी है।

अब तक वह तीन बार जेल जा चुका है। उसके खिलाफ हत्या,17 सीएलए, आर्म्स एक्ट, रंगदारी, धमकी जैसे संगीत मामलों में कुल 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें रांची जिले में 19, लातेहार में 10 और चतरा जिले में 6 मामले शामिल हैं।

 

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