जयपुर

महिला-प्रिंसिपल ने पति की गर्लफ्रेंड की हत्या की सुपारी दी:नर्स के साथ अफेयर से नाराज थी, CID अधिकारी बताने वाले शख्स ने लिया था जिम्मा

झुंझुनूं पुलिस के हत्थे चढ़ी गुजरात की लेडी प्रिंसिपल ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने अपने पति की प्रेमिका की हत्या की साजिश विदेश में रची थी।

काजल पटेल को पता था कि पति का एक नर्स के साथ अफेयर है। बार-बार समझाने के बाद भी नर्स पीछे हटने को तैयार नहीं थी। ऐसे में आरोपी लेडी प्रिंसिपल हर हाल में नर्स को मारना चाहती थी।

6 महीने पहले पति-पत्नी ऑस्ट्रेलिया ट्यूर पर गए थे। इस दौरान काजल ने वहां खुद को CID का अधिकारी बताने वाले को नर्स के मर्डर की सुपारी दी थी।

उस परिचित ने भारत में कॉल कर एक ट्रांसपोर्टर को अपनी प्लानिंग में शामिल किया। इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने प्लानिंग और एक्जीक्यूशन का जिम्मा अपने यहां नौकरी करने वाले एक राजस्थान के लड़के को सौंपा।

उसी के जरिए नर्स के मर्डर की सुपारी झुंझुनूं में किलर्स को दी गई। शूटर्स ने नवंबर में मर्डर को अंजाम देने गुजरात गए थे। लेकिन सीसीटीवी और सिक्योरिटी होने के कारण मौका नहीं लगा।

एक बार फिर दिसंबर में जाने वाले थे। उससे पहले पिलानी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

पढ़िए ये सनसनीखेज खुलासा …..

गुजरात के मेहसाणा जिले के उंझा की रहने वाली प्रिंसिपल काजल पटेल ने जीरा मंडी में ब्रोकर का काम करने वाले हार्दिक पटेल के साथ 15 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों के एक बेटा भी है।

काफी टाइम पहले हार्दिक का वहीं उंझा की ही रहने वाले एक नर्स के साथ अफेयर हो गया। इसका पता जब काजल पटेल को लगा तो पहले उसकी हार्दिक के साथ और बाद में उसकी लवर नर्स के साथ झगड़ा हुआ।

एक बार सब कुछ ठीक भी हो गया और हार्दिक ने नर्स से दूरियां भी बना ली।

काजल पटेल गुजरात के उंझा में पोस्टेड है। आरोपी काजल के पति को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

इस बीच करीब 6 महीने पहले काजल को पता चला कि हार्दिक और नर्स के बीच अफेयर बंद नहीं हुआ है। दोनों के बीच सब-कुछ पहले जैसा ही है।

ऐसे में कई बार उसने काजल के साथ लड़ाई-झगड़े किए और उसे अपने पति हार्दिक से दूरियां बनाने को कहा। हालांकि इसका नर्स पर कोई असर नहीं हुआ, उल्टा वो अब काजल पर भारी पड़ने लगी थी।

इसी कारण काजल पटेल और नर्स के बीच तनाव और विवाद बढ़ने लग गया था। अपने पति की आशिकी में उसे खोने के डर से काजल ने नर्स की हत्या की साजिश शुरू कर दी।

ऑस्ट्रेलिया में हुई 15 लाख रुपए में मर्डर की डील

पिलानी थाने के सीआई चंद्रभान चौधरी ने बताया कि इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि कुछ टाइम पहले ही लेडी प्रिंसिपल काजल पटेल अपने पति हार्दिक पटेल के साथ कपल ट्यूर से ऑस्ट्रेलिया में घूमने गई थी।

ट्यूर के दौरान काजल की एक शख्स से जान-पहचान और दोस्ती हो गई। उसने खुद को CID का कथित अधिकारी बताया था। बातों ही बातों में काजल ने नर्स से जुड़ी अपनी परेशानी भी उससे शेयर की।

यहीं पर सबसे पहले काजल ने उसी शख्स को नर्स की हत्या के लिए 15 लाख रुपए में सुपारी दे दी।

CI चंद्रभान चौधरी ने बताया कि फिलहाल हम ऑस्ट्रेलिया में सबसे पहले नर्स के मर्डर की सुपारी लेने वाले उसी शख्स की गिरफ्तारी करने की तैयारी में है। उसे भी आइडेंटिफाई कर लिया गया है।

उसी ने काजल से मर्डर की सुपारी मिलने के बाद गुजरात के वडोदरा में एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़े ट्रांसपोर्टर गोपाल शर्मा को इस प्लान में शामिल कर लिया।

सब कुछ फाइनल होने के बाद गोपाल शर्मा ने अपने पास नौकरी करने वाले राजस्थानी युवक अनुज शर्मा को मर्डर की प्लानिंग और बदमाशों को तैयार करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया। अनुज झुंझुनूं के पिलोद का रहने वाला है।

अक्टूबर में अनुज ने भूपेंद्र मेघवाल के जरिए सचिन मेघवाल से कॉन्टैक्ट कर पूरा प्लान समझाया। इसके बाद साजिश में हिमांशु जाट, मनोज वाल्मीकि और आकाश वाल्मीकि निवासी पाथड़िया को भी शामिल किया गया।

इसके बाद मर्डर के लिए डील फाइनल करने वाले अनुज शर्मा से हथियार खरीदने के लिए 1 लाख रुपए एडवांस में लिए गए। इस एक लाख से मनोज और आकाश वाल्मीकि ने जयपुर में अपने एक साथी से पिस्टल खरीदी।

काजल के गिरफ्तार कर पिलानी थाने लाया गया है। उससे पूछताछ जारी है।

हथियार लेकर गए थे रेकी करने, मर्डर का मौका नहीं मिला

हथियार मिलने के बाद हिमांशु जाट, सचिन मेघवाल, मनोज वाल्मीकि और आकाश वाल्मीकि अक्टूबर 2025 में कार से गुजरात पहुंचे। वहां अनुज शर्मा ने उन्हें महिला नर्स की फोटो दिखाई।

आरोपियों ने नर्स का शेड्यूल, आने-जाने के रास्ते और समय की रेकी की, लेकिन घटनास्थल के आसपास लगे कैमरे और सुरक्षा व्यवस्था देखकर पकड़े जाने का डर हुआ। इसके चलते उन्होंने तत्काल हत्या को अंजाम नहीं दिया और वापस झुंझुनूं लौट आए।

इसके बाद मर्डर की डील करने वाले अनुज शर्मा की ओर से सभी बदमाशों पर नर्स की जल्दी हत्या करने का दबाव बनाया जाने लगा।

ऐसे में आरोपियों हिमांशु जाट, सचिन मेघवाल, मनोज वाल्मीकि और आकाश वाल्मीकि ने अपने दोस्त शुभम उर्फ चांद शर्मा की शादी के बाद इस वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग की।

मर्डर प्लान के एक्जीक्यूशन से पहले ही खुल गया किलर्स का खतरनाक खेल, हुए गिरफ्तार

इस बीच 21 नवंबर 2025 को बदमाश अक्षय पंडित ने साथी सचिन मेघवाल और हिमांशु जाट के साथ मिलकर झुंझुनूं के लिखवा में फिरौती के लिए शराब ठेके पर फायरिंग की। इसी घटना की जांच के दौरान पूरा सुपारी-किलिंग नेटवर्क पुलिस के सामने आ गया।

लिखवा ठेके पर फायरिंग मामले में पुलिस ने इंवेस्टिगेट करते हुए सबसे पहले झुंझुनूं के नरहड़ निवासी हिमांशु को गिरफ्तार किया। हिमांशु जाट की गिरफ्तारी के बाद ही इस साजिश का खुलासा हुआ।

फायरिंग और हत्या की साजिश के मामले में पुलिस प्रिंसिपल से पहले 6 आरोपियों को पकड़ चुकी है।

अबतक 7 आरोपी गिरफ्तार, ऑस्ट्रेलिया में सुपारी लेने वाले साथी की तलाश

हत्या के लिए षड्यंत्र रचने के मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सुपारी लेने वाले और साजिश में शामिल पिलोद सूरजगढ़ के अनुज शर्मा ‎(22), पाथड़िया के मनोज मेघवाल (30), आकाश उर्फ बिट्टू ( 21), लीखवा के सचिन उर्फ कालू मेघवाल (24) व भूपेन्द्र कुमार (20), नरहड़ के हिमांशु जाट (19) को 8 दिसंबर को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

‎ अब 15 दिसंबर को मास्टरमाइंड काजल पटेल (39) निवासी गुजरात को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर सुपारी देने से लेकर नेटवर्क के अन्य कनेक्शनों की जांच कर रही है।

वहीं. पुलिस फिलहाल इस एंगल को भी इन्वेस्टीगेट करने में लगी है कि कहीं नर्स के मर्डर प्लानिंग में काजल के साथ उसका पति हार्दिक पटेल तो शामिल नहीं है।

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