बच्ची जिंदा जली, मां फर्श पर राख छूकर रोती रही:मेरठ में मोमबत्ती से लगी आग, बच्ची के बिस्तर तक पहुंची

यूपी के मेरठ में छोटी-सी मोमबत्ती से फैली आग में झुलसकर 22 महीने की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची घर पर अकेली सो रही थी। सब लोग पास में ही एक शादी समारोह में गए थे। रोशनदान से धुआं उठता देख घरवाले और आसपास के लोग भागकर आए। देखा तो बच्ची पूरी तरह जल चुकी थी। लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद किसी को सूचना दिए बिना बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया।
घर में बच्ची के अलावा दिव्यांग माता-पिता, दो भाई और दादा-दादी रहते हैं। चाचा-चाची का बगल में मकान है। परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है। कई महीनों से घर का बिजली बिल बकाया था। इस वजह से कुछ दिन पहले ही बिजली विभाग ने बिजली काट दी थी। परिवार रात के वक्त मोमबत्ती जलाकर अपने काम निपटाता था।
बुधवार को परिवार को एक कार्यक्रम में जाना था। सभी बच्ची को जल्दी सुलाकर बाहर चले गए। घर पर मोमबत्ती जल रही थी। किसी तरह मोमबत्ती गिर गई और पास में रखे सामान में आग लग गई। आग पास में सो रही बच्ची के बिस्तर तक पहुंच गई। पल भर में ही बच्ची आग की लपटों पर घिर गई और जिंदा जल गई। बच्ची का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया गया। मामला दौराला थाना क्षेत्र के बड़कली गांव है।

अब जानिए पूरा मामला….
शादी में गया था परिवार बड़कली गांव के रहने वाला रजनीश मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। 12 साल पहले रानी से शादी हुई थी। दो बेटे करण (10), अर्जुन (7) और बेटी नायरा (22 महीने) थी। रजनीश ने बताया- वह अपनी पत्नी और दोनों बेटों के साथ गांव में एक शादी समारोह में गया था। माता-पिता भी साथ थे। बच्ची नायरा को वह घर पर सुलाकर गए थे। घर में मोमबत्ती जल रही थी। मोमबत्ती से लगी आग नायरा के बिस्तर तक पहुंच गई। नायरा की जलकर मौत हो गई।
बिजली का बिल नहीं जमा कर सके, तो काटा कनेक्शन बच्ची की चाची कविता ने बताया- घर के पीछे ही परिवार में एक शादी थी। हम सब उसी में गए थे। बीच में मेरे जेठ अपनी बेटी को दूध पिलाने घर भी आए थे। रोशनदान से जब मेरी जेठानी ने धुआं उठता देखा तो तब हमें बताया। हम सब दौड़कर घर आए। कमरे में जाकर देखा बच्ची जल चुकी थी और सारा सामान भी जल गया था। बहुत मुश्किल से आग बुझाई।
चाचा विशाल ने बताया- बच्ची कुछ समय पहले बीमार हो गई थी। उसकी बीमारी में बहुत 2-3 लाख रुपए खर्च हो गए। इसी कारण बिजली का बिल नहीं जमा कर सके। बिजली का बिल न जमा होने पर लाइन काट दी गई। इसीलिए मोमबत्ती जलाते हैं।

