संभल में दंगाइयों के पत्थर से बनी नई पुलिस चौकी:सांसद बर्क के घर से 100 मीटर दूर, 9 महीने पहले मुस्लिम बच्ची ने रखी पहली ईंट

संभल हिंसा में दंगाइयों ने जो ईंट-पत्थर पुलिस पर फेंके थे, उन्हीं से चौकी बनकर तैयार हो गई। इसका नाम दीपा सराय रखा गया है। शुक्रवार को चौकी का इनॉगरेशन हुआ। इस दौरान बाकायदा हवन-पूजन किया गया। सीओ कुलदीप कुमार यजमान बने। दो पंडितों ने हवन-पूजन कराया। चौकी को गुब्बारों से सजाया गया।
चौकी सपा सांसद जिया उर्रहमान बर्क, हिंसा के मास्टरमाइंड और फरार गैंगस्टर शारिक साठा के घर से 100 मीटर की दूरी पर है। इसका निर्माण 24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद 4 मार्च 2025 को शुरू हुआ था। मुस्लिम बच्ची इनाया के हाथों चौकी की नींव की पहली ईंट रखवाई गई थी। 9 महीने 13 दिन में चौकी बनकर तैयार हुई।
दो मंजिला चौकी में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। पूरी चौकी CCTV कैमरों से लैस है। इससे पहले संभल जामा मस्जिद के बगल में सत्यव्रत चौकी बनाई गई थी, जहां 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है।
चौकी के इनॉगरेशन की तस्वीरें देखिए…

यह क्षेत्र हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का गढ़ रहा है। हिंसा में जो ईंट-पत्थर इस्तेमाल हुए थे, उन्हीं से इसका निर्माण किया गया है। पुलिस चौकी से क्षेत्र में सुरक्षा, निगरानी और कानून-व्यवस्था बेहतर होगी।
दीपा सराय चौकी का उद्घाटन, सुरक्षा में बढ़ावा
जुनेरा ने कहा, “मैं सेकेंड क्लास की स्टूडेंट हूं और दीपा सराय चौकी का उद्घाटन किया है। यह हमारी सुरक्षा के लिए बनी है, क्योंकि क्राइम बहुत बढ़ रहा है। इससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। सरकार ने इसे बनाकर बहुत अच्छा काम किया है।”
एसपी ने कहा- दीपा सराय चौकी को रणनीतिक स्थान पर बनाया गया पुलिस अधीक्षक के. के. विश्नोई ने बताया कि 24 नवंबर 2024 को हरिहर मंदिर और जमा मस्जिद के सर्वे विवाद के बाद जनपद संभल के विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा हुई थी। जिन लोगों ने हिंसा में भाग लिया, उनका अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि उन क्षेत्रों में चौकी स्थापित करना आवश्यक है। इसी क्रम में दीपा सराय चौकी को रणनीतिक स्थान पर बनाया गया है।
चौकी का निर्माण और बजट इससे पहले वहां एक छोटी लोहे की टपरी थी, जिस स्थान पर चौकी का निर्माण कराया गया। डीएम ने इस परियोजना के लिए 52 लाख रुपए की स्वीकृति दी थी और सहयोग से चौकी का निर्माण पूरा हुआ। चौकी के निर्माण में उन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया, जो दंगाइयों ने पुलिस कर्मियों पर फेंके थे और जिनसे चोटें आई थीं। कुल 15 टोलियों के पत्थरों का भी उपयोग किया गया। आज दीपा सराय की एक बच्ची ने चौकी का उद्घाटन किया।
पिछला इतिहास और सुरक्षा दृष्टि चार-पांच साल पहले जब यहां चौकी स्थापित करने का प्रयास किया गया था, तब पुलिस पोस्ट पर मुल्ला अरशद नामक व्यक्ति द्वारा हमला किया गया था। उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसी स्थान पर अब दो मंजिला चौकी का निर्माण किया गया है।
यहां के अभ्यस्त अपराधियों की लंबी फेहरिस्त है। उनके खिलाफ एलओसी और एन.बी.डब्ल्यू. भी जारी हैं। सभी एचएस का समय-समय पर पुलिस द्वारा सत्यापन कराया जा रहा है। चौकी के खुलने से आसपास के लोगों को सुलभ न्याय की उम्मीद मिलेगी और पुलिस अभ्यस्त अपराधियों पर नजर रख सकेगी।
आतंकवाद पर निगरानी जनपद में कुछ आतंकवादी भी सक्रिय हैं। इनमें से एक वर्तमान में लाहौर की सेंट्रल जेल में बंद है जिसका नाम उस्मान है, जबकि एक अफगानिस्तान में ड्रोन स्ट्राइक में मारा गया। अभी भी तीन ऐसे आतंकवादी वांछित हैं। उनका भी एटीएस और पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखा जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इन्हें पकड़ने में सफलता मिलेगी।
हिंसा के बाद पुलिस ईंटों को ट्रॉलियों में भरकर ले गई थी 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद जब तस्वीरें सामने आईं, तो उसमें पूरी गली ईंट और पत्थरों से पटी हुई दिख रही थी। इसके बाद प्रशासन ने सड़कों और गलियों को साफ कराया। हिंसा में इस्तेमाल ईंटों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर एक जगह इकट्ठा किया गया था। इसके बाद संभल डीएम ने कहा था-हिंसा में इस्तेमाल हुई इन ईंटों से ही चौकी का निर्माण कराया जाएगा।
24 नवंबर को सर्वे के दौरान हिंसा में 4 की हुई थी मौत संभल की जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष ने दावा किया था ये पहले हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने 1529 में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया। इसे लेकर 19 नवंबर, 2024 को संभल कोर्ट में याचिका दायर हुई। उसी दिन सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। उसी दिन शाम 4 बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई। 2 घंटे सर्वे किया। हालांकि, उस दिन सर्वे पूरा नहीं हुआ। इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे की टीम जामा मस्जिद पहुंची। मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था।

इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग जुट गए। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंके। इसके बाद हिंसा भड़क गई। इसमें गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के बाद पुलिस ने 3 महिलाओं सहित 79 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 40 लोगों के खिलाफ नामजद और 2750 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 18 जून को SIT ने 1128 पन्नों में सांसद बर्क सहित 23 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। हालांकि, सपा विधायक के बेटे सुहैल इकबाल का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है।