जालोर में सड़क पर काई जमी, लोग गिर रहे:शिकायत पर XEN बोले- आप पाइप डलवा दो, मैं NOC दे दूंगा

शहर के सुंदेलाव तालाब के चारों और बनी 68 लाख की लागत से सीसी रोड़ पर तालाब ओवरफ्लो होने से रोड़ पर काई जमी हुई है। जिससे दुपहिया वाहन चालक गिर कर चोटिल हो रहे हैं। जिसके समाधान के लिए लोगों ने शिकायत की तो जालोर पीडब्ल्यूडी एक्सईएन शंकरलाल सुथार को कॉल कर शिकायत की। इस पर सुथार ने कहा- आप ही पाइप डालकर समाधान कर दो हम एनओसी दे देंगे।
सुंदेलाव तालाब पर लोगों के घूमने व सौन्दर्यीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा 2022 में करीब 68 लाख की लागत से सीसी रोड निर्माण किया गया था। लेकिन विभाग ने बिना सोचे समझे ही सीसी रोड़ का लेवल तालाब के ओवरफ्लो से ऊपर ले लिया। जिससे अब पानी अधिक भरने से तालाब की नहर भी भरी रहती हैं। इसके साथ ही नगर परिषद के द्वारा शहर के सीवरेज का पानी भी तालाब में जा रहा है। जिससे तालाब बारिश की सीजन के बाद अभी भी ओवरफ्लो चल रहा है।
तालाब के ऑवरफलों का पानी सीसी रोड़ के ऊपर से निकलने के कारण यहां रोड़ पर करीब 3 महीनों से काई जमी हुई है। यहां से निकलने वाले दुपहिया वाहन चालक गिर कर चोटिल हो रहे। इसके अलावा तालाब की पाल पर जागनाथ महादेव मंदिर होने से श्रद्धालु प्रतिदिन यहां से निकलते हैं। गिर कर चोटिल हो रहे हैं।

बोले- पाइप डाल दो, NOC में दे दूंगा
जिसको लेकर लोगों ने कई बार जालोर नगर परिषद, जिला प्रशासन,पीडब्लयूडी विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत की लेकिन पिछले 3 महीनों में इसका कोई नहीं निकाल पाए हैं। इसको लेकर बार-बार शिकायत करने वाले मंदिर के अध्यक्ष कमलेश गहलोत ने जालोर पीडब्ल्यूडी एक्सइन शंकरलाल सुथार को फोन पर शिकायत की उन्होंने कहा आप ही बताओ कि इसका क्या समाधान करें।
उन्होंने पानी निकासी सीसी रोड़ के नीचे से करने के लिए पाइप डालने की बात की तो पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने कहां कि आप को पाइप दे देते हैं। आप ही सड़क के नीचे पाइप डाल दो। में एनओसी दे दूंगा। हालांकि, उसके बाद कमलेश एनओसी के लिए कार्यालय गए तो अधिकारियों ने एनओसी देने से मना कर दिया।
गौरव सांखला ने बताया कि तालाब के चारों और बनी सीसी रोड़ पर करीब 3 महिनों से काई जमी हुई हैं। जिससे कई बार दुपहिया वाहन चालक गिर कर चोटिल हो रहे हैं। तीन दिन पहले में ही जागनाथ महादेव मंदिर जाते समय दुपहिया बाइक समेत गिर गया था। हालांकि मेरे तो नहीं लगी लेकिन बाइक टूट गई। इसको लेकर कई बार शिकायत की लेकिन आज से प्रशासन इसका समाधान नहीं निकाल पा रहा हैं!
अध्यक्ष- तालाब ओवरफ्लो हो रहा है साब, ओवरफ्लो पर काई जमी है और उसके कारण से अभी लोग नीचे के गिरे है। रोजाना यहां लोग गिर रहे हैं, इसका समाधान नहीं हो रहा।
एक्सईएन- समाधान क्या करें, बताओ? रास्ता बंद किया वह फिर से खोल दिया। अध्यक्ष- रास्ता बंद होने से तो कैसे चलेगा? जोगेश्वरजी को भी बोला वो भी कह रहे हैं. रास्ता कैसे बंद करवा दें।
एक्सईएन- जब तक तालाब का पानी खत्म नहीं होता, तब तक कुछ भी नहीं हो सकता।
अध्यक्ष- ब्लोअर से सड़क की घिसाई करवाई गई थी तब समस्या का निदान हुआ था, ब्लोअर से काई हट जाए तो।
एक्सईएन- चलो एक बार देखते हैं इस विषय में।
अध्यक्ष- ओवरफ्लो की सीसी रोड को तोडकर पाइप डलवा दिया जाए तो निकासी हो जाएगी।
एक्सईएन- हां तो मैं आपको कह देता हूं, आप पाइप डलवा दो। हम पाइप दे देते हैं। अध्यक्ष- आप मुझे लिखकर दे दो हम यह कार्य करवा देते हैं।
एक्सईएन- हां हम एनओसी दे देते हैं।



