उत्तर प्रदेशलखनऊ

रोडवेज बस ने महिला को कुचला, सिर पिचक गया:लखनऊ में बेटे के सामने पलभर में मौत, कानपुर नगर निगम में तैनात थी

लखनऊ में रोडवेज बस ने महिला को कुचल दिया। इसमें महिला का सिर बुरी तरह सड़क पर पिचक गया। वह अपने तीन बच्चों के साथ लखनऊ अपनी मौसी के नए घर में प्रवेश के कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। लौटते समय हादसा हो गया।

घटना चारबाग स्टेशन के बाहर की रविवार सुबह की है। उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र के आदर्शनगर शुक्लागंज की संगीता रावत (40) के रूप में हुई। बेटे राहुल के मुताबिक, उसकी मां नगर निगम में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी के तौर पर काम करती थीं।

महिला की मौत के बाद उसके साथ आए लोग भी रोने लगे। फोन में बात कर रहा युवक राहुल है। यह मृतका का बेटा है।

महिला का सिर पूरी तरह कुचल गया। पुलिस ने कपड़े से सिर वाला हिस्सा ढक दिया।

हाथ दिखाकर परिवार ने पास मांगा था

संगीता फुट ओवरब्रिज के पास से परिवार के साथ सड़क पार कर रही थीं। परिवार ने बस को हाथ दिखाकर सड़क पार करने के लिए पास मांगा। बस रुकी तो बड़ा बेटा राहुल आगे बढ़ गया। उसके बाद बस चल गई, जिसकी चपेट में महिला आ गई। दो छोटे बच्चों को (एक लड़का- एक लड़की) बस की हल्की टक्कर लगी।

रोडवेज बस का नंबर UP 32 MN 9180 है। जैसे ही संगीता का एक्सीडेंट हुआ, आसपास के लोगों ने दौड़कर बस ड्राइवर को पकड़ लिया। उसके बाद पुलिस बुलाकर सौंप दिया। मृतका के दोनों घायल बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहां से मामूली उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

बस ड्राइवर को हिरासत में लिया, नशे में था

पुलिस ने पंचायतनामा कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। टक्कर मारने वाली बस को जब्त करते हुए उसके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस ड्राइवर नशे में था। उसने महिला के ऊपर बस चढ़ाने के बाद भागने की कोशिश की। उसे लोगों ने पकड़ लिया। उसकी पिटाई भी की। बाद में सूचना देकर पुलिस के हवाले कर दिया।

बेटा बोला- अब हमारे मां-बाप कोई नहीं

पोस्टमॉर्टम हाउस में कुछ परिजन, रिश्तेदार पहुंच गए। वहां मौजूद बेटे राहुल ने दैनिक भास्कर को बताया- मैंने हाथ दिखाकर सड़क पार की। बस रुक गई थी लेकिन मेरे पार होने के बाद बस तेजी से आगे बढ़ी। मेरी मां के ऊपर ड्राइवर ने बस चढ़ा दी। मेरे साथ अब दो छोटे भाई-बहन हैं। अब हमारे मां-बाप कोई नहीं बचा। हमारा कोई सहारा नहीं है।

मां कानपुर नगर निगम में फोर्थ ग्रेड में सरकारी नौकरी करती हैं। वही हमारा पालन-पोषण कर रही थीं। अब हमारा कोई नहीं बचा। पिता सुनील कुमार रावत की 2022 में मौत हो गई थी। उसके बाद से मां ही घर चला रही थीं। अब मेरे छोटे भाई-बहनों की आगे की पढ़ाई कैसे होगी? सरकार को ऐसे ड्राइवर नहीं रखने चाहिए जो शराब पीकर गाड़ी चलाएं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button