राजस्थान

कोटा में अजगर ने कर्मचारी को जकड़ा, VIDEO:आधे घंटे तक चीखता रहा; साथियों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अजगर को अधमरा किया

कोटा में थर्मल प्लांट पर काम कर रहे मजदूर को करीब 12 फीट लंबे अजगर ने जकड़ लिया। अजगर की पकड़ इतनी मजबूत थी कि उससे पैर छुड़ाने के लिए मजदूर करीब 20 मिनट तक संघर्ष करता रहा, लेकिन अजगर ने पैर नहीं छोड़ा।

उसकी चीख सुनकर पास में काम कर रहे मजदूर दौड़कर आए। उन्होंने डंडों और रस्सी की मदद से करीब 10 मिनट में मजदूर को अजगर के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद मजदूरों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अजगर को घायल (अधमरा) कर दिया। वहीं गंभीर घायल मजदूर को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। घटना सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे की है। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

पहले देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS…

अजगर की जकड़ में आने से नंद सिंह गिर गए और दर्द से चीखने लगे।

कोटा थर्मल प्लांट में काम कर रहे मजदूर के पैर को अजगर ने जकड़ लिया।

 

युवक को अजगर के चंगुल से छुड़ाने के बाद लोगों ने उसे पीट-पीटकर घायल कर दिया।

आसपास काम कर रहे मजदूरों ने डंडों और रस्सी की मदद से नंद सिंह को अजगर के चंगुल से छुड़ाया।

पैरों को कुंडली बनाकर जकड़ लिया नंद सिंह (53) कृष्ण इंजीनियरिंग ठेकेदार कंपनी में कार्यरत है। वह सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे थर्मल पावर प्लांट की यूनिट-5 में पाइपलाइन का वाल्व खोलने गया था। क्षेत्र में लंबे समय से मौजूद घनी घास और झाड़ियों की सफाई नहीं होने के कारण अजगर वहीं छुपा बैठा था। जैसे ही नंद सिंह वाल्व के पास पहुंचा, अजगर ने उस पर झपट्टा मारकर उसके पैरों को कुंडली बनाकर जकड़ लिया।

अजगर करीब आधे घंटे तक नंद सिंह को जकड़ा रहा। इस दौरान नंद सिंह दर्द के कारण चीखता रहा। अजगर की पकड़ से छुड़ाने के बाद अन्य मजदूर नंद सिंह को गंभीर हालत में प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए, जहां से उसे एमबीएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।

अजगर को पीट-पीटकर घायल करने वालों पर होगी कार्रवाई कोटा DFO मुथु एस ने बताया कि मजदूरों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अजगर को घायल कर दिया था, तभी वन विभाग की टीम पहुंच गई। वहां से अजगर को रेस्क्यू कर अभेड़ा बायोलॉजी पार्क भेजा गया है। डॉक्टर की टीम अजगर का ट्रीटमेंट कर रही है। जिन लोगों ने अजगर पर हमला किया है, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्लांट में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थर्मल मजदूर संघ के अध्यक्ष राम सिंह शेखावत ने घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्लांट में सफाई व्यवस्था बेहद लचर है। प्रशासन कागजों में सफाई दिखा देता है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है।

उन्होंने कहा कि थर्मल प्लांट के आसपास घना जंगल होने के कारण पहले भी कई बार तेंदुआ, भालू और अन्य वन्यजीव दिखाई दे चुके हैं। लेकिन सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। मजदूरों ने प्रशासन से तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

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