

गुमला जिले के भरनो प्रखंड स्थित जतरगड़ी, नदीटोली होते हुए सुपा गांव में शुक्रवार को 18 जंगली हाथियों का एक झुंड प्रवेश कर गया, जिसमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं। हाथियों के आने से ग्रामीण काफी चिंतित और भयभीत हैं।
इधर, झुंड को देखने पहुंचे लोगों में से एक बुजुर्ग, शाम में हाथियों की चपेट में आ गए। हाथी ने बुजुर्ग को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान मोरगांव निवासी ललकू उरांव (55) के रूप में की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड गुरुवार रात को ही सुपा गांव के पास पहुंच चुका था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को सुरक्षित क्षेत्र में मोड़ने के उद्देश्य से उनकी निगरानी कर रही है।
हाथी के उग्र होने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है: प्रभारी वनपाल
वन विभाग के प्रभारी वनपाल राकेश कुमार मिश्रा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में जंगली हाथियों के करीब न जाएं और उनके साथ छेड़छाड़ न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि हाथी के उग्र होने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है। वन विभाग ने हाथी द्वारा किए गए किसी भी नुकसान की भरपाई का आश्वासन भी दिया है।

मोरगांव मैदान के पीछे एक पथरीले इलाके में डेरा डाले हुए हैं हाथी
यह 18 हाथियों का झुंड लोहरदगा जिले से गुमला जिले के भरनो प्रखंड क्षेत्र में आया है। धान कटाई का समय होने के कारण क्षेत्र के किसान विशेष रूप से चिंतित हैं। वर्तमान में हाथियों का झुंड मोरगांव मैदान के पीछे एक पथरीले इलाके में डेरा डाले हुए है, जहां उन्हें देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ पड़े हैं। स्कूली बच्चे भी स्कूल छोड़कर हाथी देखने पहुंचे हैं।
पिछले वर्ष भी भरनो प्रखंड में हाथियों का झुंड आया था
भरनो थाना प्रभारी कंचन प्रजापति भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पिछले वर्ष भी भरनो प्रखंड में हाथियों का झुंड आया था और काफी उत्पात मचाया था, जिससे खेतों की फसलों के साथ-साथ जान-माल का भी नुकसान हुआ था। इस बार भी ऐसी आशंका से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय ग्रामीण गणेश उरांव और देवकुमार उरांव ने बताया कि रात के समय जंगली हाथी अधिक उग्र होते हैं और तेजी से विचरण करते हैं। उन्होंने वन विभाग की टीम से साथ रहने और ग्रामीणों को पटाखे और टॉर्च वितरित करने की अपील की, ताकि रात में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्हें रात कैसे कटेगी, इसकी चिंता सता रही है।



