9वीं की छात्रा से दुष्कर्म-हत्या पर परिजनों का फूटा गुस्सा:भिंड में ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन, सात घंटे से प्रदर्शन जारी

भिंड जिले की झांकरी चौकी क्षेत्र में 9वीं कक्षा की छात्रा से गैंगरेप, हत्या और शव जलाकर साक्ष्य मिटाने के मामले को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने झांकरी चौकी के पास सड़क पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी देने और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी एसडीओपी और तहसीलदार भी समझाइश देने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी दोपहर ढाई बजे से अभी तक डटे हुए हैं। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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घटना की टाइमलाइन
- दोपहर 12 बजे – गांव से लोग झांकरी चौकी पहुंचना शुरू हुए।
- 1 बजे – करीब 100 से ज्यादा लोगों ने चौकी का घेराव कर दिया।
- 2 बजे – भीम आर्मी नेता पहुंचे, प्रशासन और लोगों के बीच बातचीत शुरू हुई। पुलिस बल बढ़ाया गया।
- 3 बजे – प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर वार्ता हुई, नाम बढ़ाने और कार्रवाई की मांग रखी गई।
- 4 बजे – बात न बनने पर लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू किया, निलंबन की मांग उठी।
- 5 बजे – ग्वालियर से पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचा, करीब 200 मीटर दूर सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया।
- 7 बजे – भीम आर्मी और बीएसपी के नेता एक साथ धरना स्थल पर पहुंचे और संयुक्त प्रदर्शन शुरू किया।
- 9 बजे तक – करीब 150 लोग धरने पर डटे रहे, पांच थानों की पुलिस और भारी बल मौके पर मौजूद रहा।
यह मांग कर रहे
ग्रामीण, परिजन और सामाजिक संगठनों के लोग आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। बीएसपी के जिला प्रभारी डॉ सुनील पवैया का कहना है कि जब तक परिवार जनों को न्याय नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। इसके साथ ही झांकरी चौकी प्रभारी के निलंबन, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, मृतका के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा, परिजन को सरकारी नौकरी और शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की है।

दुष्कर्म के बाद छात्रा की हत्या कर दी
पुलिस जांच के अनुसार, 15 वर्षीय छात्रा 28 मई को युवक रामू गुर्जर के साथ घर से गई थी। जांच में सामने आया है कि आरोपी उसे बाइक से करीब 61 किलोमीटर दूर ग्वालियर के गोल पहाड़िया क्षेत्र स्थित गुप्तेश्वर पहाड़ी पर ले गया, जहां उसके दो साथी अरुण कुशवाहा और गौरव कुशवाहा पहले से मौजूद थे।
आरोप है कि पहाड़ी पर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
छात्रा को बेचने की बात पर हुआ विवाद
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि रामू और छात्रा पिछले करीब एक वर्ष से संपर्क में थे। आरोपियों ने मिलकर छात्रा को ग्वालियर बुलाने की योजना बनाई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रा को किसी अन्य युवक को बेचने की बात कही थी। छात्रा ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने कथित रूप से वारदात को अंजाम दे दिया।

शव जलाकर साक्ष्य मिटाने का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने 29 मई को छात्रा के शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, ताकि उसकी पहचान और घटना से जुड़े साक्ष्य मिटाए जा सकें। मामले की जांच जारी है।
भीम आर्मी ने भी किया प्रदर्शन
मंगलवार को भीम आर्मी के पदाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग झांकरी चौकी पहुंचे और करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को नामजद किया है, जबकि मामले में दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। उन्होंने उन लोगों को भी आरोपी बनाने की मांग की।
पांच थानों की पुलिस रही तैनात
स्थिति को देखते हुए मौके पर पांच थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से चर्चा करते रहे। देर तक प्रदर्शन जारी रहा और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कार्रवाई किए जाने की बात कहते रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धरना प्रदर्शन से लोगों को हुई परेशानी लंबे समय से जारी धरना प्रदर्शन के कारण लोगों को खासी परेशानी हुई। ये रास्ता सीधे मौ कस्बे से होकर ग्वालियर व गोहद से जोड़ता है। इस रूट से दबोह, आलमपुर, लहार, सेंवढ़ा व उत्तर प्रदेश के लोग सीधे ग्वालियर आते-जाते हैं। इस रूट पर लंबा धरना प्रदर्शन के कारण दोनों ओर के वाहन रोक दिए गए।
शाम चार बजे से छह बजे तक लोग धरना प्रदर्शन खत्म होने का इंतजार करते रहे। जब उन्हें प्रदर्शन खत्म होते नहीं दिखा तो उन्होंने दूसरे रूट का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ा। इस तरह से लोगों को गर्मी के मौसम में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।



