मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में मंडी शुल्क बढ़ा…सरकार को 800करोड़ का राजस्व मिलेगा:भोपाल मेट्रो की लागत बढ़ी, अब परियोजना पर खर्च होंगे ₹10,033 करोड़

भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने इसकी बढ़ी हुई लागत को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी। अब भोपाल मेट्रो परियोजना पर कुल 10,033 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

इसके साथ ही अब सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को घटाकर अन्य उपज पर लगने वाले मंडी शुल्क को बढ़ा दिया है। बढ़े शुल्क से सरकार को 800 करोड़ का राजस्व मिलेगा।

2016 में बनी थी परियोजना, लागत बढ़कर पहुंची 10,033 करोड़

कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो रेल परियोजना 2016 में तैयार की गई थी। उस समय इसकी अनुमानित लागत करीब 6 हजार 241 करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर 10,033 करोड़ रुपए हो गई है।

परियोजना को गति देने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए बढ़ी हुई लागत को मंजूरी दी गई है। सरकार का दावा है कि अगले दो सालों में परियोजना का स्वरूप और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।

कपास पर मंडी शुल्क घटाया, दूसरे जींस में बढ़ाया

कैबिनेट ने किसानों के हित में कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को कम करने का फैसला भी किया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि पहले कपास पर मंडी शुल्क अधिक होने के कारण किसानों और व्यापारियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। अब कपास पर केवल 0.50% मंडी शुल्क लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में भी इसी दर से शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क को कुछ वर्ष पहले डेढ़% से घटाकर एक%% कर दिया गया था, जिसे अब फिर बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

अब सरकार कपास के अलावा अन्य कृषि उपज पर डेढ़% मंडी शुल्क वसूलेगी। इससे सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। बढ़े हुए 50 पैसे प्रति सौ रुपए के मंडी शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग सड़क विकास और गौ संवर्धन के कार्यों में किया जाएगा।

कैबिनेट में कपास पर मंडी शुल्क घटाने पर भी फैसला हुआ।
कैबिनेट में कपास पर मंडी शुल्क घटाने पर भी फैसला हुआ।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जिलों में होंगी कार्यशालाएं

सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष अभियान चलाने जा रही है। मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ और तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इंदौर में चल रहे ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे, जिससे कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।

पीएम सूर्य घर योजना के बेहतर परिणाम

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री काश्यप ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के परिणाम लगातार उत्साहजनक मिल रहे हैं। सरकार अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।

पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण और विकास कार्यों से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यकाल में गरीबी कम होने और विकास कार्यों में तेजी आने पर भी चर्चा हुई।

इधर, बैठक के दौरान राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने प्रदेश के लगभग एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों को 4.5% वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक से पहले मंत्री उदय प्रताप सिंह और मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

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