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नौतपा में घर से निकलते हुए सावधान:ये 7 चीजें साथ रखें, 11 सावधानियां जरूर बरतें, इन 9 संकेतों को इग्नोर न करें

नौतपा के 9 दिन साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं। इस दौरान तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस समय घर से बाहर निकलना रिस्की होता है।

बहुत से लोगों को रोजमर्रा के काम, ऑफिस या जरूरी जिम्मेदारियों के कारण बाहर निकलना मजबूरी होती है। लेकिन इस दौरान जरा-सी लापरवाही से डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

हालांकि सही प्लानिंग, सतर्कता और हेल्दी आदतें अपनाकर नौतपा के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आज हम बात करेंगे कि नौतपा में बाहर निकलते समय किन बातों का ध्यान रखें। साथ ही जानेंगे कि-

  • नौतपा में घर से निकलते वक्त कौन-सी चीजें साथ रखें?
  • नौतपा में खुद को हाइड्रेटेड कैसे रखें।

एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- नौतपा में गर्मी क्यों बढ़ जाती है?

जवाब- मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य की किरणें भारत के बड़े हिस्से पर लगभग सीधी पड़ती हैं। इससे जमीन तेजी से गर्म होती है और तापमान बढ़ जाता है।

  • इस समय आमतौर पर बादल कम होते हैं। इसलिए सूर्य की गर्मी सीधे धरती तक पहुंचती है।
  • दिन लंबा होने से जमीन को ज्यादा देर तक गर्मी मिलती है। इससे आसपास की हवा भी गर्म हो जाती है और लू चलने लगती है।
  • इसी कारण नौतपा के दौरान कई जगह तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा तक पहुंच जाता है।

सवाल- नौतपा में घर से बाहर निकलते हुए कौन-सी चीजें जरूर साथ रखें?

जवाब- नौतपा की तेज गर्मी और लू से बचने के लिए बाहर निकलते समय कुछ जरूरी चीजें साथ रखें, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे और धूप का असर कम हो।

सवाल- नौतपा में घर से बाहर निकलने का सेफ समय क्या है? किस समय निकलने से बचना चाहिए?

जवाब- नौतपा के दौरान सुबह 6 से 10 बजे और शाम 5 बजे के बाद बाहर निकलना सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इस समय धूप कम होती है।

वहीं दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान तापमान सबसे ज्यादा होता है और लू का रिस्क बढ़ जाता है।

सवाल- नौतपा में बाइक पर या पैदल चलने वालों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- बाइक राइडर्स और पैदल चलने वालों के लिए नौतपा के दौरान बाहर निकलना ज्यादा रिस्की होता है। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें–

पैदल चलने वालों के लिए

  • धूप के पीक टाइम (सुबह 12 से शाम 4 बजे) में बाहर निकलने से बचें।
  • निकलें तो सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढककर रखें।
  • हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
  • पानी की बोतल हमेशा साथ रखें।
  • हर 20-30 मिनट में थोड़ा-थोड़ा पीते रहें।
  • लंबी दूरी हो तो बीच-बीच में छांव में आराम करें।
  • खाली पेट घर से न निकलें।

बाइक चलाने वालों के लिए

  • हेलमेट के अंदर कॉटन कैप/कपड़ा लगाएं ताकि सिर ज्यादा गर्म न हो।
  • फुल स्लीव कपड़े पहनें, ताकि शरीर सीधे धूप से बचा रहे।
  • ग्लव्स और सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।
  • लंबी दूरी में हर 30-40 मिनट पर ब्रेक लें और पानी पिएं।
  • बाइक को सीधे धूप में ज्यादा देर खड़ी न करें (सीट बहुत गर्म हो जाती है)।
  • ज्यादा ट्रैफिक और जाम वाले रास्तों से बचें।

कॉमन सावधानियां

  • ORS, नींबू पानी या छाछ जैसे ड्रिंक्स लेते रहें।
  • चक्कर, कमजोरी या सिरदर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।
  • शरीर को ओवरहीट होने से बचाना सबसे जरूरी है।
  • सवाल- नौतपा में बच्चों, बुजुर्गों का ख्याल कैसे रखें?

    जवाब- नौतपा की तेज गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों का शरीर तापमान को जल्दी संतुलित नहीं कर पाता। ऐसे में उनके लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है-

    बच्चों का ख्याल कैसे रखें-

    • खेलने का समय सुबह या शाम तक सीमित रखें।
    • घर के अंदर का माहौल ठंडा और हवादार रखें।
    • थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी, नींबू पानी या छाछ देते रहें।
    • हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाएं।
    • बाहर जाते समय टोपी या छाता जरूर दें।
    • जंक फूड और मसालेदार खाना न दें।
    • सुस्ती, चिड़चिड़ापन, ज्यादा/कम पसीना दिखे तो तुरंत ध्यान दें।

    बुजुर्गों का ख्याल कैसे रखें-

    • ज्यादा देर धूप में न रहने दें।
    • समय-समय पर पानी और इलेक्ट्रोलाइट देते रहें, भले ही प्यास न लगी हो।
    • दवाइयों के समय और असर (जैसे BP/शुगर) पर नजर रखें।
    • कमरे में अच्छी वेंटिलेशन और कूलिंग रखें।
    • कमरे का तापमान बहुत ज्यादा ठंडा न करें।
    • अचानक तापमान बदलने से परेशानी हो सकती है।
    • हल्का, सुपाच्य और पानी से भरपूर भोजन दें।
    • जरूरत पड़े तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

    सवाल- नौतपा में लाइफस्टाइल में कौन से जरूरी बदलाव करें?

    जवाब- नौतपा में शरीर को तेज गर्मी, लू और डीहाइड्रेशन से बचाने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना जरूरी है। जैसेकि-

    • दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें।
    • बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी, सनग्लास और कॉटन के ढीले कपड़े पहनें।
    • दिनभर थोड़ा-थोड़ा करके पर्याप्त पानी पीते रहें, प्यास लगने का इंतजार न करें।
    • नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और घर के बने शरबत जैसे हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स लें।
    • ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और हैवी खाना न खाएं।
    • तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और मौसमी फलों को डाइट में शामिल करें।
    • बहुत ज्यादा कैफीन, शराब और शुगर वाली ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं।
    • दोपहर में जरूरत हो तो थोड़ी देर आराम करें और पर्याप्त नींद लें।
    • बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को धूप और गर्मी से खास बचाव की जरूरत होती है।
    • चक्कर, तेज कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द या ज्यादा पसीना आए तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं और पानी/ORS लें।

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