ऑर्केस्ट्रा से रेस्क्यू लड़कियों की आपबीती;’मैं 14 साल की हूं,50 के कस्टमर के पास भेजते’:कहते- विदेशी हो, इसलिए डिमांड ज्यादा है

केस-1 ‘मैं काफी गरीब परिवार से हूं। भोजपुरी फिल्मों में काम का लालच देकर एजेंट ने ऑर्केस्ट्रा में बेच दिया। 14 साल की उम्र में छोटे-छोटे पकड़े पहनाकर लोगों की गोद में बैठा दिया जाता था।
15 साल की उम्र में 50 साल के लोगों के बेड पर भेज दिया गया। हर दिन मुझे नए-नए लोगों के घर भेजा जाता था। कभी बड़ा नेता बोलकर तो कभी अधिकारी बताकर उनके बिस्तर पर भेजा गया। ऑर्केस्ट्रा वाली दीदी बोलती थी, तुम नेपाली हो इसलिए तुम्हारी डिमांड ज्यादा है…।’
केस-2 ‘ऑर्केस्ट्रा वाला बोलता था, तुम्हारा चेहरा पहाड़ी जैसा दिखता है। इसलिए तुमको गेस्ट भी बढ़िया पैसे देते हैं। नेपाल की लड़कियों की डिमांड है।
तुम गेस्ट को अच्छे से खुश करना सीख जाओगी तो तुम्हारे हर ट्रिप के पैसे भी डबल हो जाएंगे। गेस्ट ट्रेंड लड़कियों की डिमांड करते हैं, तुमको अभी पूरी तरह से ट्रेंड करना होगा..।’
केस- 3 ‘मेरा दोस्त मुझे धोखे से बंगाल से बिहार लाया। यहां लाकर मुझे ऑर्केस्ट्रा में बेच दिया गया। विदेशी बोलकर मुझे लोगों के पास भेजा जाता था। बदले में सेठ मोटा पैसा कमाता था।
मैं यहां इस कदर फंस गई कि निकलना मुश्किल हो गया था। अगर पुलिस की रेड नहीं पड़ती तो शायद मैं यहां मैं कभी नहीं निकल पाती। यहां फर्जी आधार कार्ड बनवाकर मेरी पहचान ही बदल दी गई थी..।’
ये कहानियां उन विदेशी लड़कियों की हैं जो बिहार के अलग-अलग जिलों में रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा से रेस्क्यू की गई हैं। इनकी दर्दनाक कहानी सुनकर काउंसलर भी दंग रह गईं।
मैं 16 साल की हूं। 3 साल से इस दलदल में फंसी हूं। मेरा घर नेपाल के कपिलवस्तु जिले में है। मेरे घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। बड़ा भाई मजदूरी करता था, जिससे परिवार चलता था।
एक दिन काम के दौरान बिल्डिंग से गिरकर उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद हम लोग पूरी तरह से टूट गए। मेरे पिताजी से जमीर खान मिला और बिहार में अच्छी नौकरी दिलाने की बात कही।
जमीन ने कहा, होटल में वेटर का काम करना होगा, बदले में इंडियन 30 हजार रुपए मिलेंगे। टिप अलग से मिल जाएगी। मैं जमीर के साथ बिहार के छपरा आ गई।
उसने छपरा में एक आदमी के पास मुझे छोड़ दिया और कहा कि ये होटल में काम दिला देगा और जमीर वापस चला गया।
जिसके पास जमीर ने मुझे छोड़ा था उसने पहली रात ही मेरे साथ गलत काम किया। मैंने जब विरोध किया तो कहने लगा कि तुम्हें 2 लाख रुपए में खरीदा है।
मैं तुम्हारे साथ जो चाहूं वह कर सकता हूं। मेरे लिए ये नई जगह थी, मैं भाग भी नहीं सकती थी। यहां किससे शिकायत करूं समझ नहीं आ रहा था।
मालिक कहता था कि तुम्हें 2 लाख में खरीदा है, 2 लाख से ज्यादा कमाना है। मुझे नेताओं और अधिकारियों के पास जाने का दबाव बनाया जाता था।
राजनीतिक पार्टियों के कार्यक्रमों में लोगों को खुश करने के लिए भेजा जाता था। शादियों में छोटे-छोटे कपड़े पहनाकर जबरन अश्लील डांस कराया जाता था, ताकि लोग ज्यादा पैसे लुटाएं।
एक बार मैने अपना दर्द एक नेता से बताया तो उसने मदद करने की जगह मालिक से ही कह दिया। मालिक ने मुझे खूब पीटा था।
अगर पुलिस की रेड नहीं पड़ती तो मैं बाहर नहीं निकल पाती। क्योंकि यहां मेरी पहचान बदल दी गई थी, मैं मुस्लिम परिवार से हूं, मुझे हिंदू बनाकर मुझसे गंदा काम कराया जाता था।
मैं नेपाल के सुनसारी जिले की रहने वाली हूं। जमीर का यही धंधा है। वो लड़कियों को नेपाल से फंसाता है, फिर बिहार में लोकर बेच देता है।
मैं भी उसके जाल में फंसकर बिहार में बिक गई। मैं 10वीं पास कर के नेपाल के एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को डांस सिखाती थी।
उस वक्त में जमीर के संपर्क में आई। बच्चों को डांस सिखाने के लिए स्कूल से मुझे 5 हजार नेपाली रुपए मिलते थे।
जमीर ऐसी ही लड़कियों पर नजर रखता है। स्कूल में ही मेरी मुलाकात उससे हुई। जमीर ने मुझसे कहा था, बिहार चलो, वहां भोजपुरी फिल्मों और एलबम में डांस का काम करना। बदले में लाखों रुपए मिलेंगे।
वो पैसे का झांसा देकर मुझे बिहार लाया। यहां करीब 10 दिनों तक मुझे एक कमरे में रखा तब तक मेरे पास पैसे भी खत्म हो गए। उसके बाद जमीर ने कहा, अभी फिल्मों में काम नहीं मिल रहा है, अभी ऑर्केस्ट्रा में डांस कर लो।
मैंने मना कर दिया तो कहा, पैसे चाहिए तो यही काम करना पड़ेगा। यहां मैं किसी और को नहीं जानती थी, मैं डांस करने के लिए भी तैयार हो गई।
शादी पार्टी से लेकर लोगों के घरों में कम कपड़ों में अश्लील गानों पर डांस कराया जाता था।
मैंने जमीर से मना कर दिया कि ये काम गंदा है, मैं नहीं कर पाऊंगी। मैं जिद करने लगी कि मुझे वापस नेपाल भेज दो, लेकिन उसने पूरी प्लानिंग कर रखी थी।
मेरा मोबाइल छीन लिया और मुझे एक ऑर्केस्ट्रा के मालिक को 2 लाख रुपए में बेच दिया। कई दिनों तक खाना नहीं दिया गया।
मुझे एक कमरे में बंद करके रखा जाता था। दो दिन बाद मुझे छपरा के एक आदमी के पास भेज दिया। यहां मुझसे जबरन अश्लील डांस कराया जाता था।
कम कपड़े पहनने का दबाव बनाया जाता था। लोग प्राइवेट पार्ट में हाथ डालते थे। नेताओं की प्राइवेट पार्टियों में भी भेजा दिया जाता था। जाने से मना करती थी तो जान से मार देने की धमकी देते थे।
मेरे काम के बदले पैसे भी नहीं मिलते थे। जब पैसे मांगती थी तो मालिक कहता था कि तुम्हारे ऊपर 2 लाख रुपए खर्च किए हैं। डांस करके पहले 2 लाख चुकता करो फिर तुम्हें पैसे मिलेंगे।
छपरा के कोल्हुआ बाजार के ही पप्पू सिंह के मकान में चल रहे गीतांजलि ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में पुलिस की छापेमारी में 2 नेपाली नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया।
दोनों नेपाल के वीरगंज की रहने वाली हैं। वीरगंज के ही रहने वाले नकुल जायसवाल ने नौकरी का झांसा देकर दोनों लड़कियों को बिहार में बेच दिया था।
बिहार में दोनों लड़कियों से मारपीट कर जबरन गलत काम कराया जाता था। विदेशी के नाम पर मोटा पैसा लेकर लोगों के घरों में भेजा जाता था।
दोनों लड़कियों ने बताया कि उन्हें अश्लील गानों पर डांस कराया जाता था। बंधक बनाकर रखा जाता था, कहीं जाते थे तो पीछे एजेंट के लोग निगरानी करते थे।
पिंकी ने बताया, मैं वापस नेपाल जाना चाहती थी। वहां पैसे कम मिलते हैं, लेकिन ऐसा गलत काम नहीं कराया जाता है। जिंदगी नर्क कर दी गई थी। खाना-पानी कुछ भी नहीं दिया जाता था।
बस मालिक हम लोगों से ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने के लिए परेशान रहता था। कई बार विरोध किया, लेकिन कोई मदद नहीं करता था। बिहार में मैं ही नहीं नेपाल की बहुत लड़कियों को फंसाकर बेचा गया है।
कार्यक्रम में लड़कियां मिलती थीं तो पता चलता था। हम लोगों ने भागने का प्लान भी बनाया था, लेकिन मालिक पुलिस केस की धमकी देता था। इसलिए डर लगता था। हमारे ऊपर नजर रखी जाती थी, जिससे हम भाग भी नहीं पाते थे।
नेपाल के वीरगंज की रहने वाली रानी ने बताया, मुझे 4 साल में बिहार के 10 से ज्यादा ऑर्केस्ट्रा में बेचा गया। मुझे इसलिए इतनी जगह बेचा गया, क्योंकि मैं विरोध करती थी।
जो लड़कियां विरोध करती हैं, उन्हें ऐसे ही एक से दूसरे ऑर्केस्ट्रा में बेच दिया जाता है। रानी ने बताया कि उसे बनियापुर के धोबल बाजार में पुलिस की छापेमारी से बरामद किया गया है।
धीरेन्द्र साह के घर में रिकॉर्डिंग ग्रुप के नाम से ऑर्केस्ट्रा चल रहा था। यहां हर तरह का गंदा काम हो रहा था। मेरे साथ 4 नेपाल की नाबालिग लड़कियां बरामद हुई हैं।
नेपाल की सभी लड़कियों को जमीर खान नौकरी का झांसा देकर लाया था। यहां ऑर्केस्ट्रा संचालक सूरज शर्मा के हाथों बेच देता था। पुलिस ने सूरज को गिरफ्तार कर लिया है।
वो बहुत गंदा इंसान है, लड़कियों को जानवरों की तरह रखता है। जबरन गंदा डांस कराता था और लोगों के घरों में भेजता था। लड़कियां जब मना करती थी तो उन्हें शराब पिलाता था, सूखा नशा देता था।
मुझे भी सूखे नशे की लत लगवा दी थी। इस कारण से मैं कुछ समझ ही नहीं पाती थी कि मेरे साथ क्या हो रहा है। हर दिन मुझे नए नए लोगों के पास भेज देता था और बोलता था कि वहां लोगों को खुश कराे तो पैसा भी खूब मिलेगा।
धोबल बाजार में ही रहीम शेख के मकान में शिल्पी ऑर्केस्ट्रा एंड म्यूजिकल ग्रुप से उत्तर प्रदेश के देवरिया की एक नाबालिग लड़की का रेस्क्यू हुआ।
पुलिस ने रहीम शेख को भी गिरफ्तार किया है। वो लड़कियों को नेपाल से मंगवाता था और विदेशी लड़की के नाम पर खूब पैसे कमाता था।
गौरा थाने के गौरा बाजार में शिव शंकर के मकान में चल रहे काजल ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से एक ओडिशा की नाबालिग लड़की का रेस्क्यू किया गया है।
संचालक शिवशंकर और उसके सहयोगी शेखर, राजा और मालिक कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
गौरा बाजार के मनोज शाह के घर में चल रहे नवनीत ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में छापेमारी कर बंगाल की दो नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया और संचालक नवनीत को गिरफ्तार किया गया।
लड़कियों ने बताया कि रोनित नाम का युवक ने नौकरी का झांसा देकर उन्हें यहां लाकर बेच दिया था। गौरा बाजार में ही उमेश सिंह के मकान में चल रहे रॉकस्टार म्यूजिकल ग्रुप में नेहा और मुस्कान नाम की संचालक के पास के असम की दो नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया।
दोनों संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया। एक लड़की ने बताया कि उनसे संचालक दबाव बनाकर अश्लील गानों पर डांस करवाता था। काम के बदले पैसे भी नहीं देता था।
वहीं, दूसरी लड़की ने बताया कि उसका बॉयफ्रेंड शादी का झांसा देकर पहले सीवान लाया, फिर छपरा में बेचा। यहां बंधक बनाकर उसके साथ यौन हिंसा की जाती थी।
उमेश सिंह के ही मकान में मितन ऑर्केस्ट्रा से ओडिशा की 1 नाबालिग लड़की को रेस्क्यू किया गया। यहां से संचालक कृष्णा बेहरा और उसकी पत्नी विमल जन्ना को गिरफ्तार किया गया।
कोल्हुआ बाजार से सटे संजीव मिश्रा के मकान की दूसरी मंजिल पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में मध्यप्रदेश की रहने वाली 3 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया।
इन्हें प्रदीप जाट नाम का शख्स अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में काम के लिए ले जाता था। पुलिस ने प्रदीप जाट को गिरफ्तार कर लिया। सभी संचालकों और मकान मालिकों के ऊपर FIR दर्ज की गई है।
सभी नाबालिगों की काउंसलिंग की गई है। रेस्क्यू की गई लड़कियों में से किसी को काम के बदले पैसे नहीं मिलते थे।

अब तक 107 नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, 8 विदेशी
दैनिक भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट में अब तक पुलिस की 30 से ज्यादा छापेमारी हुई है जिसमें कुल 107 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया है।
इसमें 8 विदेशी लड़कियां भी शामिल हैं। विदेशी लड़कियोंं में 7 नेपाली और 1 बांग्लादेशी लड़की भी शामिल है। गोपालगंज, सारण और सीवान के साथ राज्य के 14 जिलों में पुलिस की बड़ी छापेमारी हुई है।
इसमें बेगूसराय, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, कटिहार के साथ कई सेंस्टिव जिले शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक 50 से अधिक एजेंट्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
सीवान के SP पूरन झा का कहना है कि आने वाले दिनों में ऑर्केस्ट्रा के नाम पर चल रहे रेडलाइट एरिया को पूरी तरह से बंदकर धंधेबाजों को जेल भेजा जाएगा।
रेस्क्यू की गई लड़कियां नेपाल, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश से ट्रैफिकिंग के जरिए लाया गया था। इससे पहले पुलिस ने 5 और 2 मई को भी सीवान के अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा में रेड की थी।
5 मई को 22 लड़कियों को रेस्क्यू किया। 2 मई को 21 लड़कियां छुड़ाई गई थीं। पुलिस ने सारण से भी 3 लड़कियों को छुड़ाया था। 11 मई को गोपालगंज 40 लड़कियों को छुड़ाया गया।

डांसर बनकर 5 दिन ऑर्केस्ट्रा में रही महिला रिपोर्टर
भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट में महिला रिपोर्टर 5 दिनों तक रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा में रही थी। इस दौरान उसे 3 बार बेचा भी गया था।
हमने ऑर्केस्ट्रा के नाम पर चल रहे धंधे को एक्सपोज किया। इसके बाद से पूरे बिहार के ऑर्केस्ट्रा में पुलिस की ताबड़तोड़ रेड जारी है।
मानव तस्करी विरोधी इकाई के प्रभारी विशाल आनंद, महिला थाना प्रभारी नेहा कुमारी, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के अधिकारी, नारायणी सेवा संस्थान के अधिकारी और पुलिस ने बताया कि भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद से ही पुलिस का ऑपरेशन जारी है।
आने वाले दिनों में ऑर्केस्ट्रा को पूरी तरह से बंद करा दिया जाएगा। रेस्क्यू की गई सारी लड़कियों को शेल्टर होम भेजा गया है, सभी के उम्र की सत्यापन और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।
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रेस्क्यू की गई लड़कियों की उम्र 18 साल से कम
पुलिस ने बताया कि भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद रेस्क्यू की गई सारी लड़कियों की उम्र 18 साल से कम है। इन सारी लड़कियों को काम को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए सारण में लाकर ऑर्केस्ट्रा में काम कराया जा रहा था।
उनसे जबरन गलत काम कराया जा रहा था और उसके साथ मारपीट कर इनसे अश्लील गानों पर अश्लील डांस कराया जा रहा था।
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने बताया कि भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद हमने सारण जिले के जलालपुर के धमाका म्यूजिकल ग्रुप के नाम से चल रहे ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में छापेमारी की।
वहां से एक नाबालिग लड़की का रेस्क्यू किया गया है। साथ में संचालक गोलू को गिरफ्तार किया गया है। सहाजितपुर थाने के कोल्हुआ बाजार में छापेमारी की गई। वहां सिंटू सिंह के मकान में चल रहे अंजली ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में छापेमारी की गई।
वहां से 4 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया है। यह सारी नाबालिग लड़कियों नेपाल की रहने वाली है। इन लड़कियों को नेपाल के ही रहने वाले जमीर खान नाम के दलाल ने बिहार में काम दिलाने का नाम पर बेच दिया था।
इन लड़कियों से गलत काम कराया जाता था। इनके काम के बदले पैसे भी नहीं दिए जाते थे।



