उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई;नाली में गिरी महिला, सरिया शरीर के आर-पार,दर्द से तड़पती रही, लोगों ने सरिए काटकर निकाला, दो घंटे चली सर्जरी

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। सोमवार दोपहर एक महिला निर्माणाधीन नाली के गड्ढे में गिर गईं। गड्ढे में खुले पड़े लोहे के सरिए उनके शरीर के आर-पार घुस गए। दर्द से तड़प रही महिला को स्थानीय लोगों ने सरिया काटकर बाहर निकाला।
मौके से गुजर रहे महापौर मुकेश टटवाल उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने दिल, डायाफ्राम और आंतों तक गंभीर नुकसान की आशंका जताई है। करीब दो घंटे तक सर्जरी चली। फिलहाल महिला की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। हादसे का VIDEO भी सामने आया है।
काम पर जा रही थीं महिला
घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की है। मक्सी रोड निवासी प्रेमलता हारिया देसाई नगर में हिमांशु शुक्ला के घर काम पर जा रही थीं। इसी दौरान निर्माणाधीन नाली के पास उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे गड्ढे में जा गिरीं। वहां निकले हुए लोहे के सरिये उनके शरीर में घुस गए।

मशीन से काटना पड़ा सरिया
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। महिला को निकालना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि सरिया शरीर में फंसा हुआ था। लोगों ने मशीन से सरिया काटा, तब कहीं जाकर महिला को बाहर निकाला जा सका। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग महिला को संभालते और सरिया काटते दिखाई दे रहे हैं।
सर्जन बोले- हार्ट की बॉर्डर तक पहुंच सकता था
एसएस हॉस्पिटल, उज्जैन के डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया, “महिला के शरीर में सरिया काफी गहराई तक घुसा था, जो हार्ट की बॉर्डर तक पहुंच सकता था। ऐसे मामलों में अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान का खतरा ज्यादा रहता है।”
डॉक्टरों के मुताबिक, सरिया शरीर में घुसने से दिल, डायाफ्राम और आंतों के आसपास चोट पहुंचने की आशंका थी। अस्पताल की सर्जन टीम ने करीब दो घंटे तक लगातार सर्जरी की। फिलहाल महिला की हालत पहले से बेहतर है, हालांकि अन्य जांचें अभी जारी हैं।

महापौर बोले- सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे
महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और सरिये खुले पड़े हुए थे, जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ। एमआईसी सदस्य नगर निगम शिवेंद्र तिवारी ने बताया कि सिंहस्थ निर्माण कार्य के तहत नाली बनाई जा रही है। निर्माण स्थल पर सरिये ऊपर खुले छोड़े गए थे। महिला का बैलेंस बिगड़ने से वह गड्ढे में गिर गई। मामले में लापरवाही हुई है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
पति की हो चुकी है मौत
प्रेमलता हारिया पिछले दो साल से देसाई नगर में हिमांशु शुक्ला के यहां प्रतिदिन बर्तन साफ करने का काम करती हैं। परिवार में उनके दो बेटे हैं। एक की उम्र करीब 16 साल है, जबकि दूसरा उससे छोटा है। उनके पति की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।



