उत्तर प्रदेश

सिपाही के लिए सट्‌टेबाज गर्लफ्रेंड ने 2 शादी तोड़ी:झांसी में पिता होमगार्ड, बहाने से मिलने घर आता था रजत; पढ़िए पूरी LOVE STORY

मेरे होमगार्ड पति और सिपाही रजत 9 साल पहले मिनर्वा चौकी में तैनात थे। रजत गश्त पर आता था तो किसी बहाने से घर पर रुक जाता था। तब मेरी बेटी यशस्वी 12वीं में पढ़ रही थी।

रजत ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। जब हमें अफेयर का पता चला तो उसका रिश्ता तय कर दिया। बेटी ने रिश्ता तोड़ दिया। फिर हमने 2023 में दूसरे लड़के से सगाई कर दी। लेकिन रजत के कहने पर बेटी ने सगाई तोड़ दी और उसके संग रहने लगी। रजत शादीशुदा था। मगर ये बात छुपाकर रखी।

5 साल बाद पता चला, लेकिन तब तक वो बेटी को अपने बस में कर चुका था। वो बेटी का इस्तेमाल करता रहा और उससे शादी नहीं की। अब मेरी बेटी को फंसाया गया है। उस दिन रजत फ्लैट पर था। उसके जाते ही पुलिस ने छापा मारा। जब वो फ्लैट पर मौजूद था तो भागा क्यों?

ये कहना है यशस्वी द्विवेदी (24) की मां सुमन द्विवेदी का। यशस्वी और उसकी दोस्त निशा खान (32) को पुलिस ने 8 मई को सट्‌टेबाजी में झांसी की रॉयल सिटी के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। इस दौरान सोने के 100-100 ग्राम के 9 बिस्किट समेत 1.55 करोड़ की ज्वैलरी, 18.92 लाख कैश, 12 मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त किया। अभी सिपाही रजत समेत 5 आरोपी फरार हैं।

तस्वीर यशस्वी द्विवेदी की है। वो सिपाही रजत सिंह के साथ झांसी की पॉश कॉलोनी रॉयल सिटी में किराए के फ्लैट में रहती थी। यशस्वी को पुलिस ने सट्‌टेबाजी में पकड़ा है।

सबसे पहले पढ़िए, कैसे शुरू हुई लव स्टोरी

यशस्वी द्विवेदी कोतवाली थाना क्षेत्र के छनियापुरा मोहल्ले की रहने वाली है। वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी हैं। उनका 11 साल का छोटा भाई सुदर्शन है। पिता देवेंद्र द्विवेदी होमगार्ड हैं। मां सुमन द्विवेदी बताती हैं- 2017 में मेरे पति घर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित मिनर्वा चौकी में तैनात थे।

उसी चौकी में सिपाही रजत कुमार सिंह की तैनाती थी। वह अक्सर गश्त के दौरान घर आता था। पानी पीने या किसी अन्य बहाने से रुक जाता था। उस समय यशस्वी 16 साल की थी और 12वीं क्लास में पढ़ रही थी। इसी बीच रजत ने उन्हें झांसे में लेकर प्रेमजाल में फंसा लिया।

तस्वीर आरोपी सिपाही रजत कुमार और यशस्वी की है।

शादी में जाने पर अफेयर पता चला सुमन द्विवेदी ने बताया कि- परिवार को दोनों के रिश्ते की कोई जानकारी नहीं थी। इसी दौरान रजत की बहनों की आगरा में शादी थी, जिसमें यशस्वी चोरी-छिपे शामिल हो गई। घरवालों से उसने कहा था कि वह सहेलियों के साथ टूर पर जा रही है।

कुछ दिनों बाद परिवार को दोनों के अफेयर की जानकारी हुई। हमने बेटी को समझाया और उसे हॉस्टल में भेज दिया। उस समय तक रजत की तैनाती SOG में हो चुकी थी। उसके पास पावर थी। वह हॉस्टल जाकर बेटी से मिलने लगा।

ये यशस्वी की मां सुमन द्विवेदी हैं। बेटी की तस्वीर दिखाते हुए रो पड़ीं।

इसी वजह से परिवार ने बेटी का रिश्ता तय कर दिया था, लेकिन यशस्वी ने वह रिश्ता तोड़ दिया। इसके बाद 2023 में उनकी दूसरे लड़के से सगाई करा दी। हमें लगा कि अब बेटी का घर बस जाएगा। लेकिन रजत ने यशस्वी से बोलकर सगाई तुड़वा दी।

सुमन बताती हैं कि तब मैंने सख्ती से पूछा कि आखिर बार-बार शादी क्यों तोड़ रही हो? अगर कोई बात है तो बताओ। इस पर यशस्वी ने कहा कि मैं रजत को पसंद करती हूं। उसी से शादी करूंगी। लेकिन भाई अभी छोटा है, इसलिए कुछ समय बाद शादी करूंगी।

बेटी मरने की धमकी देने लगी तो हम ज्यादा दबाव नहीं डाल पाए। फिर घर छोड़कर रजत के साथ ही रहने लगी।

सिपाही शादीशुदा था, ये बात छुपाई

मां सुमन द्विवेदी ने कहा- बेटी कहती है कि मुझे रजत ने छू लिया और उसी से मेरा संबंध है। अब उसी के साथ रहूंगी। मगर रजत ने उसे धोखा दिया है। रजत पहले से शादीशुदा था। उसके दो बच्चे हैं। उसने खुद को अविवाहित बताकर मेरी बेटी को फंसाया। 5 साल बाद वो फैमिली लेकर झांसी आया तो मेरे पति को पता चल गया।

बेटी ने भी कई बार कहा कि शादी करो, लेकिन रजत हर बार बहाने बनाता रहा। अब तक उसने शादी नहीं की। हम लोगों ने बेटी को समझाया तो कहती थी कि नहीं मम्मी, अब शादी करना बेकार है। किसी और लड़के की जिंदगी मैं खराब नहीं करूंगी। बेटी उससे प्यार करती थी, जबकि रजत ने फ्रॉड किया है। बेटी भी कहती है कि अभी तक पत्नी का दर्जा नहीं मिल पाया है।

यशस्वी की ये तस्वीर 30 मार्च 2023 की है। सगाई के बाद यशस्वी ने ये रिश्ता तोड़ दिया था।

मां सुमन ने कहा- मेरी बेटी को फंसाया गया है। उस दिन रजत फ्लैट पर था। उसके जाते ही पुलिस ने छापा मार दिया। जब वो फ्लैट पर मौजूद था तो भागा क्यों? अगर वो बेटी को पसंद करता था तो उसे भागना नहीं चाहिए था।

ये होती है मोहब्बत। रजत ने तो बेटी का इस्तेमाल किया। अपना घर बनाया, अपने बीवी बच्चों को बनाया। मेरी बेटी को क्या दिया? सिर्फ खाना देता था। क्या हम लोग खाना नहीं खिला पाते।

मेरी बेटी बीटेक कर चुकी थी और अब एमटेक कर रही थी। पढ़ने में बहुत होशियार थी। वो पुलिस की नौकरी करना चाहती थी। अभी दरोगा का एग्जाम भी दिया था।

थाने से फोन आने पर पता चला

मां सुमन ने बताया कि बेटी की गिरफ्तारी के बाद थाने से फोन आया तो हम लोग थाने गए थे। वहां बेटी कहने लगी कि पापा मैं घर नहीं आऊंगी, क्योंकि मैं बदनामी के साथ नहीं रह सकती।

सुमन द्विवेदी का कहना है कि गलती तो बेटी ने की है। इसलिए पुलिस ने गिरफ्तार किया। लेकिन बेटी से ज्यादा गुनाह सिपाही रजत का है। मेरी बेटी करेक्टर की बहुत अच्छी है, लेकिन सिपाही का करेक्टर लूज है। मैं चाहती हूं कि रजत को कड़ी से कड़ी सजा मिले।\

सुमन द्विवेदी का कहना है कि बेटी ने कई बार मेरा भरोसा तोड़ा है, उसने सिर्फ रजत की बात मानी। इसलिए बेटी पर उतना भरोसा नहीं रह पाएगा, लेकिन वो जेल से छूटकर घर आती है तो अपना लेंगे। मगर मैं लिखित में लूंगी कि अगर मेरी बच्ची को कुछ होता है। आने-जाने में तकलीफ होती है तो उसका जिम्मेदार रजत होगा।

अब पढ़िए गिरफ्तारी की कहानी

फ्लैट पर रेड, 1.46 करोड़ का सोना-11 लाख की चांदी मिली

एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि सीपरी बाजार थाना पुलिस शुक्रवार (8 मई) सुबह बिहारी तिराहा पर चेकिंग कर रही थी। सूचना मिली कि रॉयल सिटी के फ्लैट LS9 में बड़े लेवल पर आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्‌टा खिलवाया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल टीम के साथ फ्लैट में छापा मारा।

पुलिस ने छनियापुरा की रहने वाली यशस्वी द्विवेदी (24) और प्रेमनगर के शास्त्री नगर की रहने वाली निशा खान (32) को गिरफ्तार किया। वहां सोफे के पास एक ट्रॉली बैग रखा था, जिसमें भारी मात्रा में कैश और गहने बरामद हुए। 1.46 करोड़ का सोना और 11 लाख की चांदी समेत कैश और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले।

एसएसपी ने बताया- पूछताछ में पता चला कि यशस्वी, सिपाही रजत की गर्लफ्रेंड है। सिपाही रजत अपने साथी सुमित साहू, भाजपा नेता आशीष उपाध्याय, विशेष भार्गव, प्रभात अग्रवाल और 3 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्‌टा खिलाता है। सभी लोग फ्लैट पर आकर मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से सट्‌टेबाजी करते थे। भाजपा नेता आशीष उपाध्याय लीड कर रहा था।

सट्टा खिलाने के एवज में कैश और गहने मिले थे, जिसे बैग में रखकर रजत कुछ दिन पहले फ्लैट पर लाया था। आईपीएल खत्म होने के बाद पैसे और गहनों का बंटवारा होना था। इसमें से दोनों महिलाओं को भी हिस्सा मिलना था। निशा खान आरोपी सुमित की महिला मित्र है। सभी के खिलाफ सीपरी बाजार में बीएनएस एवं जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सोने के बिस्किट, गहने और कैश बरामद हुए।

झांसी छोड़कर भागने की थी तैयारी

सूत्रों का कहना है कि पैसों के बंटवारे को लेकर निशा और यशस्वी के बीच विवाद हुआ था। इस बीच पुलिस फरार आरोपी सुमित को तलाशते हुए उसके घर पहुंची। यहां से निशा की जानकारी मिली। पुलिस ने जब निशा से पूछताछ की तो उसने यशस्वी की पोल खोल दी। निशा ने पुलिस को बताया कि यशस्वी नकदी लेकर झांसी छोड़ने की तैयारी में है।

सिपाही ने रिटायर्ड रजिस्ट्रार को रौंदा था

आरोपी सिपाही रजत कुमार 12 दिन पहले सुर्खियों में आया था। तब उसने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में THAR गाड़ी से रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार मनीराम वर्मा (70) को रौंद दिया था। मनीराम की मौके पर ही मौत हो गई थी। तब उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। वह पूंछ थाने में तैनात था।

एसएसपी ने सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी थी। कुछ दिन पहले ही वह जेल से छूटकर आया था। 7 मई को ही उसने लाइन में आमद कराई थी। इसके बाद उसका नाम सट्‌टेबाजी में सामने आ गया। एसएसपी ने 7 मई को सिपाही रजत को बर्खास्त कर दिया।

 

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