पुण्यतिथि: ऋषि कपूर को सलमान के पिता ने धमकाया:राज कपूर ने सिगरेट पीने पर पीटा, दाऊद के साथ चाय पी, कभी अमिताभ का अवॉर्ड खरीदा

30 अप्रैल 2020
आज से 6 साल पहले सुबह खबर आई कि ऋषि कपूर अब नहीं रहे। कुछ दिन पहले तक वो गंभीर हालत होने के बावजूद हॉस्पिटल स्टाफ को हंसाते तो कभी गाना सुना रहे थे। दैनिक भास्कर से बात करते हुए ऋषि कपूर की इकलौती बेटी रिद्धिमा कहती हैं, ‘सब अचानक हुआ, वो बहुत डरावना दिन था। अचानक एक खालीपन आ गया। एक सूनापन, उनकी जिंदगी उनकी मौजूदगी लार्जर देन लाइफ थी।’
ऋषि कपूर 3 साल के थे, जब वो पिता राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ में चॉकलेट की लालच में नजर आए। तब से उनका सिनेमा से ऐसा रिश्ता जुड़ा, जो ताउम्र कायम रहा। 1973 की फिल्म ‘बॉबी’ से फिल्मों में आए ऋषि कपूर उर्फ चिंटू ने ‘रफूचक्कर’, ‘कर्ज’, ‘प्रेम रोग’, ‘चांदनी’ जैसी बेहतरीन फिल्में कीं। बढ़ती उम्र के साथ उन्होंने ‘अग्निपथ’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘कपूर एंड संस’, ‘नमस्ते लंदन’, 102 नॉट आउट जैसी फिल्में कीं। रिद्धिमा कहती हैं, ‘उनमें सिनेमा के लिए जुनून था। बहुत पैशनेट थे। हम उनकी फिल्मों के सेट पर जाते थे। वो एक कोने में किरदार की तैयारी करते थे।’

जब हमने रिद्धिमा से पूछा कि उन्हें कब पता चला कि उनके पिता इतने बड़े स्टार हैं, तो जवाब में हंसते हुए उन्होंने कहा-
‘स्कूल में। जब टीचर हमें कहती थी कि हमने कल आपके पापा की फिल्म देखी, बड़ा मजा आया। फ्रेंड्स भी बोलते थे कि तुम्हारे पापा और मम्मा कितने फेमस हैं। जब हम खाने बाहर जाते थे तो भी इतने सारे लोग आकर ऑटोग्राफ लेते थे। तो हम सोचते थे कि इतनी सारी भीड़ क्यों इकट्ठा हो रही है? हम पूछते थे कि आप क्या लिख रहे हो, तो वो समझाते थे, हम एक्टर हैं, क्योंकि हम फिल्म में काम करते हैं।’
रिद्धिमा कहती हैं कि ऋषि कपूर भले ही एक स्टार थे, लेकिन परिवार के लिए वो एक बेहतरीन फैमिली मैन थे, जिनके लिए प्रायोरिटी हमेशा परिवार था। रिद्धिमा कहती हैं, ‘वो हमें बहुत वैकेशन पर ले जाते थे, जब शूटिंग करते थे, तो हमारी समर वैकेशन ऐसे प्लान करते थे कि काम भी हो जाए और घूम भी सकें। जो करते थे, हमारे अराउंड करते थे। वो हमें सबसे पहले तवज्जो देते थे। उन्होंने परिवार को हमेशा प्रायोरिटी दी।’
‘हमारी शनिवार को छुट्टी होती थी, वो शाम को बिजी रहते थे, तो हमें दिन में लंच पर ले जाते थे। उन्होंने एक गेम भी बनाया था, रेपिड फायर जैसा। कार में वो आगे और मैं, रणबीर, मम्मा पीछे बैठते थे। वो जल्दी-जल्दी 10 सवाल पूछते थे, सही जवाब देने वाले को ट्रीट मिलती थी।’

ऋषि कपूर का अचानक दुनिया से रुख्सत होना, परिवार के लिए जोरदार धक्का था। इस पर रिद्धिमा कहती हैं, ‘बहुत खालीपन महसूस होता है। इतना कि बता नहीं सकती। वो टाइम बहुत खराब था। मैं मम्मी (नीतू सिंह) के साथ थी। मेरी, रणबीर, आलिया की पहली प्रायोरिटी थी कि मम्मी ठीक हों। हम उनको बिजी रखते थे कि कैसे भी उन्हें बाहर ले जाना है, उन्हें डिस्ट्रैक्ट करना है, क्योंकि ये बहुत अचानक हुआ था। मैं एक्सप्रेस नहीं कर सकती। वो बहुत डरावनी फीलिंग थी। बहुत खालीपन हो गया। बहुत सूनापन। मैं आज भी कभी उन्हें पास्टटेंस में रिफर नहीं कर पाती। मैं हमेशा बोलती हूं कि वो अभी हैं, हमें गाइड कर रहे हैं, हमें प्यार कर रहे हैं, आशीर्वाद दे रहे हैं।’
‘मैं उनसे कई बातें करना चाहती हूं। मुझे कहना है कि हम सब आपको बहुत सेलिब्रेट करते हैं पापा। हम हर रोज फैमिली वीडियो कॉल पर आपकी बातें करते हैं कि अगर आप होते तो क्या बोलते, क्या करते। आज तक एक दिन भी ऐसा नहीं गया, जब आपकी बात न हो।’
बेटी रिद्धिमा के मुताबिक, पिता ऋषि कपूर लार्जर देन लाइफ जिंदगी जीते थे। इसका परिणाम वो किस्से हैं, जो उनकी बेबाकी, हाजिरजवाबी, गुस्से और मजेदार व्यक्तित्व को दर्शाते हैं। कभी उन्होंने अमिताभ को दिया जा रहा अवॉर्ड खरीदकर अपने नाम किया, तो कभी सलमान खान के पिता की धमकी का जवाब दिया। डिंपल कपाड़िया से अफेयर भी चर्चा में रहा और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से हुई उनकी मुलाकात भी विवाद की वजह बनी।



