अमीषा पटेल@51, जन्म पर देखने पहुंचीं इंदिरा गांधी:दादा के नाम पर रोड, कभी झगड़े में ममता कुलकर्णी ने कहा- तुम्हारी औकात क्या है

9 जून 1975
अमीषा पटेल का जन्म गुजरात के रईस बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी NRI मां आशा के घर हुआ। मां और पिता का नाम जोड़कर उन्हें अमीषा नाम दिया गया। 5 की उम्र में उन्हें भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई।

उनके दादाजी रजनी पटेल मशहूर बैरिस्टर और कांग्रेस के बड़े राजनेता थे। उनके नाम पर 1986 में मुंबई की रोड का नाम बैरिस्टर रजनी पटेल मार्ग रखा गया है। मनीष पॉल के पॉडकास्ट में अमीषा ने बताया था कि उनके दादाजी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक बनने वाले थे। वो इंदिरा गांधी के करीबी थे।

इंदिरा गांधी, अमीषा पटेल के पेरेंट्स की शादी में भी पहुंची थीं। उन्होंने खुद शादी ऐसी डेट पर रखी, जिस दिन वो काम में व्यस्त न हों और शादी अटेंड कर सकें। यहां तक की जब अमीषा का जन्म हुआ, इंदिरा गांधी वो पहली शख्स थीं, जो अस्पताल पहुंची थीं।

16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के साथ बोर्डिंग स्कूल में पढ़ चुके बचपन के दोस्त राकेश रोशन भी पहुंचे थे।
जब अमीषा ने बिंदास अंदाज में डांस करना शुरू किया तो राकेश रोशन की उन पर नजर पड़ गई। वो सीधे उनके पिता के पास पहुंचे और पूछा- ये कौन है। गर्लफ्रेंड?
जवाब मिला- नहीं राकेश, ये मेरी बेटी है अमीषा। अभी अभी बॉस्टन से पढ़ाई कर लौटी है।
राकेश ने उनसे कहा- जब मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा।
पिता ने कहा- नहीं, वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता।
शुरुआती पढ़ाई के बाद अमीषा ने बोस्टन की TUFT यूनिवर्सिटी से बायो जेनेटिक इंजीनियरिंग की और बाद में इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की।
अमीषा के पिता अमित पटेल का अक्सर फिल्मी दुनिया के लोगों के साथ उठना-बैठना होता था। एक दिन उन्होंने बॉस्टन में रह रहीं अमीषा को कॉल कर बताया कि विनोद अंकल (विनोद खन्ना) चाहते हैं कि तुम उनके बेटे अक्षय खन्ना की डेब्यू फिल्म हिमालय पुत्र से फिल्मों में डेब्यू करो, लेकिन हमने इनकार कर दिया। हम नहीं चाहते कि तुम्हारी पढ़ाई पर असर पड़े। अमीषा ने इस बात कर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि फिल्मों में आने का उन्होंने खुद भी कभी सोचा नहीं था।
कुछ दिन बीते, तो पिता ने फिर बताया फिरोज खान ने भी उन्हें बेटे फरदीन खान की फिल्म प्रेम अगन ऑफर की है, लेकिन इस बार भी उन्होंने इनकार कर दिया।
जब वो फाइनल ईयर में बॉम्बे लौटीं, तो एक दिन राकेश रोशन ने उन्हें लंच पर इनवाइट किया। अमीषा पिता-मां के साथ गईं। वहां राकेश के बेटे ऋतिक भी मौजूद थे। उन्होंने पढ़ाई की खूब बातें कीं, अमीषा ने अपना सीवी और अमेरिका के मॉर्गन स्टेनली बैंक से मिली जॉब का लेटर भी दिखाया।
कुछ देर बाद जब अमीषा वॉशरूम गईं तो राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक से पूछा कि क्या उन्हें अपकमिंग फिल्म कहो न प्यार है में कास्ट करना चाहिए।
ऋतिक की हामी मिलने पर राकेश ने अमीषा के आते ही उन्हें फिल्म ऑफर कर दी।
दरअसल, उस समय राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन और करीना कपूर के साथ फिल्म कहो न प्यार है शुरू की थी, लेकिन करीना ने राकेश रोशन और मां बबीता की अनबन होने पर फिल्म छोड़ दी थी।
ऑफर मिलने पर अमीषा ने पूछा- आपकी फिल्म में तो हीरोइन फाइनल हो चुकी है।
इस पर राकेश ने कहा- नहीं, मैं तुम्हें हीरोइन बनाना चाहता हूं।
ये सुनकर अमीषा ने हामी भर दी। उन्होंने सोचा कि अगर पहली फिल्म फ्लॉप हुई, तो वो इकोनॉमिक्स में नौकरी शुरू कर देंगी, लेकिन खुशकिस्मती से फिल्म सुपरहिट रही और अमीषा पटेल एक स्टार बन गईं और आज भी फिल्मों से जुड़ी हुई हैं।
आज अमीषा पटेल 51 साल की हो चुकी है। उनके बर्थडे के खास मौके पर जानिए, उनकी जिंदगी से जुड़ी रोचक कहानी, कुछ मजेदार किस्सों के साथ-
कहो न प्यार है करते हुए मिली गदर, 12 घंटों तक दिया स्क्रीनटेस्ट
अमीषा पटेल ने कुछ दिनों की एक्टिंग ट्रेनिंग लेने के बाद कहो न प्यार है की शूटिंग शुरू की। इसी समय उन्हें अनिल शर्मा की फिल्म गदर के ऑडिशन की जानकारी मिली। वो ऑडिशन के लिए गईं, जिसके लिए पहले ही 500 लड़कियां ऑडिशन दे चुकी थीं। 22 लड़कियों को स्क्रीनटेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें अमीषा भी शामिल हुईं।
उनका स्क्रीनटेस्ट 12 घंटे तक चला। आखिरकार अनिल शर्मा ने उन्हें गदर में कास्ट कर लिया। सिलेक्शन के बाद अमीषा पटेल को गदर साइन करने पर ताने मिले। सभी का मानना था कि करियर की शुरुआत में अमीषा को मां का रोल नहीं करना चाहिए, लेकिन वो ये रोल करने पर अड़ी थीं।
अमीषा ने एक साथ कहो न प्यार है और गदर की शूटिंग की। एक फिल्म में वो चुलबुली लड़की थीं और दूसरी में एक भारत-पाकिस्तान के बीच हुए दंगों की सर्वाइवर।

सबसे पहले उनकी फिल्म कहो न प्यार है रिलीज हुई। हर किसी ने राकेश रोशन को सलाह दी कि वो न्यूकमर ऋतिक और अमीषा की इस फिल्म को शाहरुख खान की फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और आमिर खान की फिल्म मेला के आसपास रिलीज न करें। कहो न प्यार है 14 जनवरी 2000 में रिलीज हुई, जबकि मेला 7 जनवरी 2000 और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी 21 जनवरी 2000 को रिलीज हुई।



