उत्तर प्रदेश

यूपी में 42 हजार होमगार्ड पदों पर भर्ती के लिए शनिवार को दो पालियों में परीक्षा हुई;अभ्यर्थी बोले-होमगार्ड भर्ती का पेपर IAS-PCS लेवल का था

यूपी में 42 हजार होमगार्ड पदों पर भर्ती के लिए शनिवार को दो पालियों में परीक्षा हुई। परीक्षा देने के लिए MA, BA, B.Ed और CTET पास अभ्यर्थी पहुंचे। एग्जाम देने के बाद आजमगढ़ के उमेश ने कहा- पेपर बहुत टफ था। पेपर IAS और PCS लेवल का आया था। इससे अच्छा तो पेपर न कराकर दौड़ करा लेते।

कानपुर से झांसी में पेपर देने आए त्रिवेंद्र सिंह ने कहा- बेरोजगारी से परेशान हूं। नौकरी नहीं मिल रही, इसलिए होमगार्ड की परीक्षा देने आया हूं।

इससे पहले, परीक्षा केंद्रों पर सख्त चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। रेटिना स्कैन और बायोमेट्रिक जांच की गई। जौनपुर में अभ्यर्थियों के जूते उतरवाए गए। संभल में कलावा काटा गया। इसके अलावा जूते, बेल्ट, कंगन और ताबीज भी उतरवाए गए।

प्रदेश के 1053 केंद्रों पर आज से शुरू हुई परीक्षा 27 अप्रैल तक चलेगी। इसमें 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को देखते हुए तीन दिन तक पूरे प्रदेश में पुलिस अलर्ट मोड पर है। 2 घंटे की परीक्षा 100 अंकों की है, जिसमें वैकल्पिक सवाल पूछे जा रहे हैं।

जौनपुर में अभ्यर्थियों के जूते उतरवाए गए।

संभल में अभ्यर्थी का पुलिस कर्मी ने ताबीज तक उतरवा दिया।

अब पढ़िए अभ्यर्थियों ने क्या कहा-

  • गोरखपुर में पेपर देने पहुंची कुशीनगर की शशिबाला ने कहा- मैंने B.Ed, STET और CTET भी क्वालीफाई किया है। टीचिंग लाइन में वैकेंसी नहीं आ रही, इसलिए होमगार्ड की परीक्षा देने आई हूं।
  • प्रतापगढ़ के आलोक सरोज ने कहा- पेपर ठीक-ठाक था। 100 नंबर का पेपर था। माइनस मार्किंग नहीं थी। पेपर अच्छा रहा। जियोग्राफी के प्रश्न देखने को नहीं मिले। हिस्ट्री भी दो-तीन नंबर की ही आई थी।
  • मिर्जापुर के अंबुज पांडेय ने कहा- मैंने ग्रेजुएशन और ITI किया है। जॉब भी कर रहा हूं। होमगार्ड सरकारी नौकरी है, इसलिए परीक्षा देने आया हूं।

बरेली के एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के रेटिना की जांच और बॉयोमेट्रिक जांच के बाद एंट्री दी गई।

कलावा-मंगलसूत्र न हटवाया जाए, भर्ती बोर्ड का निर्देश दिया था यूपी में दरोगा भर्ती की परीक्षा के समय कलावा काटने और मंगलसूत्र निकालने पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने निर्देश जारी किए थे। भर्ती बोर्ड ने कहा था- किसी भी अभ्यर्थी के धारण किए गए धार्मिक सांस्कृतिक चिह्नों जैसे कलावा, मंगलसूत्र को न उतारा जाए। अगर ऐसा कोई मामला आता है तो दोषी कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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