झारखंड

झारखंड 10वीं बोर्ड में प्रियांशु बनी स्टेट टॉपर:सिविल सेवा में जाने का है सपना, किसान का बेटा बना सेकेंड स्टेट टॉपर

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड के नतीजों में हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड की प्रियांशु कुमारी ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें 500 में से 498 नंबर प्राप्त हुए हैं। इंदिरा गांधी बालिका उच्च विद्यालय की छात्रा प्रियांशु की इस उपलब्धि से परिवार और जिले में खुशी का माहौल है।

परिणाम घोषित होने के बाद प्रियांशु के स्कूल पहुंचने पर उत्सव जैसा माहौल बन गया। स्कूल प्रबंधन और छात्राओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रवीण रंजन ने प्रियांशु को मिठाई खिलाकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रियांशु की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन का परिणाम है।

अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रियांशु ने बताया कि उन्हें अच्छे परिणाम और टॉप-10 में जगह बनाने की उम्मीद थी। हालांकि, राज्य में पहला स्थान मिलना उनकी उम्मीदों से कहीं ज़्यादा है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों के अनुशासन और माता-पिता के निरंतर सहयोग को दिया।

प्रियांशु की यह उपलब्धि हजारीबाग के ग्रामीण इलाकों की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा बनी है।

संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखना चाहती हैं प्रियांशु केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि संगीत में भी रुचि रखती हैं। वह एक बेहतरीन गायिका हैं और संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखना चाहती हैं। भविष्य के लक्ष्यों के बारे में उन्होंने बताया कि वह UPSC या JPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं उत्तीर्ण कर देश सेवा करना चाहती हैं।

प्रियांशु के पिता दिनेश्वर प्रसाद मेहता किसान हैं और अपनी बेटी की सफलता पर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कभी बेटा और बेटी में फर्क नहीं समझा। मेरी बेटी जो भी करना चाहती है, मैं हमेशा उसके साथ खड़ा हूं। आज उसने अपनी मेहनत से पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है।”

प्रियांशु की यह उपलब्धि हजारीबाग के ग्रामीण इलाकों की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा बनी है। स्कूल की कनिष्ठ छात्राओं में उनसे मिलने और सफलता के टिप्स जानने की उत्सुकता देखी गई।

खिलेश साहू ने कहा-शिक्षा से बड़ा कोई मित्र नहीं होता है।

रणनीति बनाकर पढ़ाई की, बने सेकेंड स्टेट टॉपर गुमला जिले के किसान के बेटे खिलेश साहू मैट्रिक में 99.20 प्रतिशत अंक लाकर जिले में दिव्यांशु उरांव के साथ प्रथम स्थान और पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। खिलेश साहू ने बताया कि वे रणनीति बनाकर पढ़ाई करते थे और जो टॉपिक को पढ़ते थे, जब तक वो पूरी न हो जाए तब तक वह सोते तक नहीं थे।

उनके परीक्षा परिणाम को लेकर पूरे स्कूल के शिक्षकों और परिवार के अलावा सगे संबंधियों में भी खुशी की लहर है। खिलेश साहू ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे उनकी मां स्वामी देवी के अलावा पिता और पूरे स्कूल के शिक्षकों का योगदान है।

प्रारंभिक शिक्षा सिसई प्रखंड क्षेत्र के छरदा शिशु मंदिर से प्रारंभ की थी। इसके बाद पांचवी कक्षा के बाद नवोदय विद्यालय की तैयारी की, लेकिन उसमें नामांकन नहीं हो पाया। इसके बाद सातवीं कक्षा में संत पत्रिका स्कूल में उन्होंने अपना दाखिल कराया। गुमला में किराए के रूम में मां के साथ रहकर पढ़ाई की शुरुआत की। वहीं, घर की आर्थिक स्थिति नहीं हो ठीक होने की वजह से उसके पिता दूसरे प्रदेश में जाकर मजदूरी करने लगे। खेती करने के लिए केवल बारिश के मौसम में घर आते हैं। खिलेश ने अन्य विद्यार्थियों को संदेश दिया है कि शिक्षा से बड़ा कोई भी मित्र नहीं होता है इसको अपना लक्ष्य बनाकर प्रारंभ करें आगे सफलता जरूर हासिल होगी।

वैष्णवी श्री ने जैक द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा में 496 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में द्वितीय स्थान हासिल किया है।

मैट्रिक में वैष्णवी श्री भी रही राज्य की सेकंड टॉपर

कभी अति उग्रवाद के रूप में पहचाने जाने वाले लातेहार स्थित मनिका प्रखंड के मटलौंग गांव की बेटी ने अपनी मेधा से पूरे प्रदेश को चकित कर दिया है। मटलौंग निवासी नवनीत कुमार की पुत्री वैष्णवी श्री ने जैक द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा में 496 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में द्वितीय स्थान हासिल किया है।

वैष्णवी की प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 6) उत्क्रमित मध्य विद्यालय, संगड़वा (मनिका) से हुई, जिसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल हजारीबाग चली गई। जहां उसने पूरी मेहनत व लगन से पढ़ाई कर मैट्रिक की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी को अचंभित कर दिया।

उसकी छोटी बहन वैभव श्री भी मेधावी है और वह वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय लातेहार में (कक्षा 8) में पढ़ाई कर रही है। वैष्णवी की सफलता के पीछे उसके पिता नवनीत कुमार का बड़ा योगदान है।

उन्होंने 2005 में पारा शिक्षक के रूप में अपना सफर शुरू किया था और वर्तमान में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। पिता के शिक्षक होने और मां रूबी गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन ने वैष्णवी की राह आसान की। वैष्णवी ने बताया कि उनका सपना आगे पढ़कर डॉक्टर बनने का है। उन्होंने बताया कि तय लक्ष्य के साथ पढ़ाई करने से ही सफलता मिलती है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय शिक्षक और माता-पिता को भी दी।

चप्पल दुकानदार की बेटी बनी जिला टॉपर झारखंड अकादमिक परिषदकी मैट्रिक परीक्षा में इस वर्ष मिहिजाम की छात्रा आसिया परवीन ने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जामताड़ा जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है। प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल, मिहिजाम की इस मेधावी छात्रा की सफलता ने पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल पैदा कर दिया है।

मिहिजाम के अमोई की निवासी आसिया एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अनवर हुसैन चप्पल का छोटा व्यवसाय चलाते हैं, जबकि माता साहिना खातून गृहिणी हैं। आशिया परवीन दो भाई-बहन है, जिसमें वह छोटी है। आर्थिक सीमाओं के बावजूद परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी और आसिया को आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग दिया।

संयुक्त परिवार में रहने वाली आसिया को घर के हर सदस्य का भरपूर साथ मिला। उनके बड़े भाई चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) में अप्रेंटिस कर रहे हैं, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिलती है। वहीं, उनकी चचेरी बहन आबिदा परवीन ने भी इसी विद्यालय से 83 प्रतिशत अंक हासिल कर परीक्षा पास की है, जिससे परिवार में खुशी दोगुनी हो गई है।

अपनी सफलता का श्रेय आसिया अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को देती हैं। उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई, सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन संसाधनों का सही उपयोग उनकी उपलब्धि का आधार रहा। उन्होंने अन्य छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।

आसिया का सपना आईएएस बनने का है। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके स्कूल, बल्कि पूरे इलाके के विद्यार्थियों को प्रेरित किया है।

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