पथरी का ऑपरेशन कराने गई महिला टीचर की मौत:डॉक्टर बोले- एनेस्थीसिया दिया तो हार्ट बीट रुकी; परिवार बोला- ओवरडोज से जान गई

अलीगढ़ के प्राइवेट SIG अस्पताल में रविवार को एक महिला टीचर (45) की मौत हो गई। वह पथरी का ऑपरेशन कराने पहुंचीं थीं। मौत के बाद परिजन भड़क गए। अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। विवाद बढ़ा और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की। परिजनों को जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया था। इसके बाद अचानक दिल की धड़कन रुक गई। सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगी। घटना क्वार्सी थाना क्षेत्र के धौर्रा इलाके की है।

एक दिन पहले रिपोर्ट कार्ड बनाए, PTM में मिलीं मृतका के चचेरे भाई मकसूद ने बताया- ऊपरकोट इलाके में सैयद अमजद अली अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह परचून की दुकान चलाते हैं। उनकी पत्नी शाइस्ता इश्तियाक (45) अलीगढ़ पब्लिक स्कूल में इंग्लिश टीचर थीं। उनके दो बच्चे हैं। बेटे ने इसी साल 12वीं और बेटी ने 10वीं की परीक्षा दी है।
शाइस्ता पिछले 12 साल से कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ा रही थीं। शनिवार को ही उन्होंने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड तैयार किए थे। PTM में पैरेंट्स से मुलाकात भी की थी। उनके गॉल ब्लैडर में पथरी थी। वह अक्सर कहती थीं कि यह छोटा सा ऑपरेशन है। जल्द ही ठीक होकर वापस स्कूल आ जाएंगी।
सामान्य हालत में भर्ती, इलाज में हुई लापरवाही मकसूद ने बताया कि रविवार सुबह करीब 9:30 बजे शाइस्ता को ऑपरेशन के लिए SIG अस्पताल लाया गया था। उस समय वह पूरी तरह ठीक थीं। सुबह 11 बजे डॉक्टर सरफराज ने एनेस्थीसिया दिया। इसके करीब 15 मिनट बाद, 11:15 बजे उनकी हालत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई। जब उन्होंने अस्पताल प्रशासन से शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें रोका गया। विरोध अस्पताल प्रशासन ने कहा- कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत अस्पताल संचालक प्रो. अमजद अली रिजवी ने बताया कि एनेस्थीसिया देने के बाद मरीज की हृदय गति अचानक कम होने लगी थी। डॉक्टरों ने मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल का कहना है कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं।

पुलिस ने CMO को सौंपी जांच मामले में सीओ सर्वम सिंह ने बताया-
परिजनों की तहरीर मिल गई है। इसमें डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल केस दर्ज नहीं किया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CMO को पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, CMO डॉ. नीरज त्यागी ने कहा-
मामला उनके संज्ञान में है। मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता जांच से लगाया जाएगा। अगर जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



