उत्तर प्रदेश

यूपी में 27 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर;योगी सरकार को युवा अधिकारियों पर भरोसा; 27 IPS अफसरों के ट्रांसफर

यूपी में 27 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर हुए हैं। इसमें 1 आईजी रैंक और 26 एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं।

योगी सरकार ने 13 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए हैं। 2019 बैच के युवा आईपीएस अफसरों को भी फील्ड में जाने का मौका दिया गया है। बहराइच और रामपुर के पुलिस अधीक्षक को साइडलाइन कर पीएसी में भेजा गया है।

पहले बात जिलों के कप्तान की, जानिए क्यों बदले गए?

शाहजहांपुर में प्रतिमा विवाद: काकोरी के शहीदों की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर विवाद है। विपक्ष ने नाराजगी जताते हुए सरकार को घेरा था। इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब शाहजहांपुर के एसपी राजेश द्विवेदी को हटा दिया गया है।

आईपीएस राजेश द्विवेदी हरदोई और रामपुर में भी पुलिस अधीक्षक रहे हैं।

शाहजहांपुर में शहीदों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से गिराने के मामले में सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) को निलंबित किया जा चुका है।

बहराइच एसपी को फोन न उठाना भारी पड़ा: एसपी राम नयन सिंह को जनप्रतिनिधियों का फोन न उठाना महंगा पड़ा है। हाल ही में बहराइच जिले के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एसपी की कार्यशैली की शिकायत की थी। अब उन्हें हटा दिया गया है। राम नयन को नोएडा में 49 वीं बटालियन पीएसी भेजा गया है।

तीन महीने पहले भी राम नयन सिंह सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने बहराइच पुलिस लाइन में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को एसपी राम नयन सिंह ने गार्ड ऑफ ऑनर दिलवाया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- जब पूरा पुलिस महकमा सलामी में व्यस्त रहेगा, तो प्रदेश का अपराधी मस्त रहेगा। इसके बाद डीजीपी एक्शन में आ गए। उन्होंने एसपी से जवाब मांगा था।

तीन महीने पहले कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को एसपी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिलवाया था।

योगी सरकार का डायरेक्ट अफसरों पर अधिक भरोसा तबादला सूची में जिन 13 जिलों के एसपी हटाए गए हैं, उसमें 7 ऐसे हैं जो राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और पीपीएस से प्रमोशन पाकर आईपीएस बने थे। इसमें शाहजहांपुर के एसपी राजेश द्विवेदी, एटा के एसपी श्याम नारायण सिंह, महोबा के एसपी प्रबल प्रताप सिंह, रामपुर के एसपी विद्या सागर मिश्र, कौशांबी के एसपी राजेश कुमार द्वितीय, जालौन के एसपी दुर्गेश कुमार और बहराइच के एसपी राम नयन सिंह का नाम शामिल है।

इनके स्थान पर केवल तीन ही राज्य पुलिस सेवा के अफसर यानी प्रमोटी अफसरों को भेजा गया है। इसमें कमलेश बहादुर को मऊ, विश्वजीत श्रीवास्तव को बहराइच और विनय कुमार सिंह को जालौन में तैनाती दी गई है।

2019 बैच के अफसरों को भी मिला फील्ड का मौका 2019 बैच के आईपीएस अफसरों को भी फील्ड में जाने का मौका दिया गया है। इसमें शशांक सिंह को महोबा, शक्ति मोहन अवस्थी को महाराजगंज, आकाश पटेल को चंदौली, मृगांक शेखर पाठक को हमीरपुर और सत्यनारायण प्रजपति को कौशांबी जिले में कप्तान बनाकर भेजा गया है।

अफसरों के ट्रांसफर में जनप्रतिनिधियों की चली सूत्रों का कहना है कि ट्रांसफर लिस्ट में शामिल अफसरों में कई ऐसे हैं, जिन्हें जन प्रतिनिधियों यानी विधायकों और सांसदों की नाराजगी की वजह से हटाया गया है। बहराइच के अलावा जालौन, एटा, कौशांबी, महोबा के एसपी को भी इसी वजह से हटाया गया है।

लंबे समय से फील्ड में जमे थे, इसलिए हटे ये तीन अफसर हमीरपुर की एसपी दीक्षा शर्मा लगभग तीन साल से एक ही जिले में जमी थीं। हालांकि उनकी गिनती तेज तर्रार अफसरों में होती है। ऐसे में 2019 बैच के अधिकारी को एडजस्ट करने के चलते उन्हें हमीरपुर से हटाकर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है। इसी तरह मऊ में तैनात ईलामारन जी और सोमेंद्र मीना को लंबे समय से एक ही जिले में पोस्टिंग के कारण हटाया गया है।

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